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हाईकोर्ट खंडपीठ के लिए आंदोलन तेज करेंगे अधिवक्ता
Updated Mon, 15 Jan 2018 11:13 PM IST
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High Court
- फोटो : Amar Ujala
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फिरोजाबाद। सोमवार को जिला न्यायालय स्थित अधिवक्ता सभागार में एकत्रित हुए तीन जनपदों के अधिवक्ताओं ने आगरा में हाईकोर्ट खंडपीठ स्थापना को लेकर रणनीति बनाई। सभागार में हुई बैठक के दौरान हाईकोर्ट खंडपीठ स्थापना जन मंच के अध्यक्ष अजय सिंह सहित अन्य जनपदों के बार अध्यक्ष मौजूद रहे। सर्व सम्मति से हुए निर्णय के अनुसार अधिवक्ता खंडपीठ को लेकर 20 जनवरी से अपने आंदोलन को धार देंगे।
सोमवार को न्यायालय के अधिवक्ता सभागार में हुई बैठक का संचालन स्थानीय जिला बार एसोसिएशन के महामंत्री नाहर सिंह एडवोकेट ने किया। अध्यक्षता बार अध्यक्ष शंकरलाल निषाद एडवोकेट ने की। बैठक में मौजूद वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खंडपीठ स्थापना की मांग जन हित को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। अधिवक्ताओं के अनुसार वादियों को न्याय के लिए छह-सात सौ किमी तक यात्रा करनी पड़ती है। इससे वादकारियों पर आर्थिक बोझ पड़ता है। रमेश चंद्र गुप्ता एडवोकेट ने कहा खंडपीठ स्थापना से जुड़ा आंदोलन अब सतत और पूरी सक्रियता के साथ चलाया जाएगा।
मथुरा एवं आगरा से आए अधिवक्ताओं ने कहा कि हाईकोर्ट खंडपीठ की स्थापना आगरा में ही हो इसके लिए केंद्र और प्रदेश के जनप्रतिनिधियोें पर आंदोलन के माध्यम से दबाव बनाया जाएगा। बैठक के सर्व सम्मति से हुए निर्णय के अनुसार अधिवक्ता आगामी 20 जनवरी को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी देंगे।
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27 जनवरी को अलीगढ़ में एक बैठक आयोजित की जाएगी जिसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जुडे़ 23 जनपदों के अधिवक्ता भाग लेंगे। बजट सत्र में अधिवक्ता अपने-अपने क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों का घेराव करेंगे और मांग करेंगे कि खंडपीठ के लिए सदन में आवाज उठाई जाए। बैठक में अशेाक कुमार शर्मा, प्रभात कुमार नगीना, आशीष कुमार यादव, धर्मसिंह यादव सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की खंडपीठ स्थापना के पीछे जनहित की भावना है। न्याय की आस में इलाहाबाद तक दौड़ने वाले पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को बेवजह आर्थिक रुप से परेशान होना पड़ता है। समय भी काफी खराब होता है।
हमारा प्रयास है कि आगामी बजट सत्र के दौरान आगरा में हाईकोर्ट खंडपीठ स्थापना से जुड़ा प्रस्ताव पास हो। हम इसके लिए हर संभव प्रयास करेंगे। जस्टिस जसवंत आयोग ने भी हाईकोर्ट खंडपीठ आगरा में स्थापित करने की संस्तुति की थी।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आगरा में हाईकोर्ट बैंच की स्थापित कराने के लिए 23 जिले पूरी तरह से एकजुट हैं। खंडपीठ स्थापना के लिए आगरा में व्यवस्थाएं भी पर्याप्त हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट स्थापना के लिए 35 साल से चल रहे संघर्ष को अब अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। संयुक्त रणनीति के तहत अपनी बात जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाई जाएगी।
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सोमवार को न्यायालय के अधिवक्ता सभागार में हुई बैठक का संचालन स्थानीय जिला बार एसोसिएशन के महामंत्री नाहर सिंह एडवोकेट ने किया। अध्यक्षता बार अध्यक्ष शंकरलाल निषाद एडवोकेट ने की। बैठक में मौजूद वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खंडपीठ स्थापना की मांग जन हित को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। अधिवक्ताओं के अनुसार वादियों को न्याय के लिए छह-सात सौ किमी तक यात्रा करनी पड़ती है। इससे वादकारियों पर आर्थिक बोझ पड़ता है। रमेश चंद्र गुप्ता एडवोकेट ने कहा खंडपीठ स्थापना से जुड़ा आंदोलन अब सतत और पूरी सक्रियता के साथ चलाया जाएगा।
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मथुरा एवं आगरा से आए अधिवक्ताओं ने कहा कि हाईकोर्ट खंडपीठ की स्थापना आगरा में ही हो इसके लिए केंद्र और प्रदेश के जनप्रतिनिधियोें पर आंदोलन के माध्यम से दबाव बनाया जाएगा। बैठक के सर्व सम्मति से हुए निर्णय के अनुसार अधिवक्ता आगामी 20 जनवरी को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी देंगे।
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27 जनवरी को अलीगढ़ में एक बैठक आयोजित की जाएगी जिसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जुडे़ 23 जनपदों के अधिवक्ता भाग लेंगे। बजट सत्र में अधिवक्ता अपने-अपने क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों का घेराव करेंगे और मांग करेंगे कि खंडपीठ के लिए सदन में आवाज उठाई जाए। बैठक में अशेाक कुमार शर्मा, प्रभात कुमार नगीना, आशीष कुमार यादव, धर्मसिंह यादव सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की खंडपीठ स्थापना के पीछे जनहित की भावना है। न्याय की आस में इलाहाबाद तक दौड़ने वाले पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को बेवजह आर्थिक रुप से परेशान होना पड़ता है। समय भी काफी खराब होता है।
हमारा प्रयास है कि आगामी बजट सत्र के दौरान आगरा में हाईकोर्ट खंडपीठ स्थापना से जुड़ा प्रस्ताव पास हो। हम इसके लिए हर संभव प्रयास करेंगे। जस्टिस जसवंत आयोग ने भी हाईकोर्ट खंडपीठ आगरा में स्थापित करने की संस्तुति की थी।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आगरा में हाईकोर्ट बैंच की स्थापित कराने के लिए 23 जिले पूरी तरह से एकजुट हैं। खंडपीठ स्थापना के लिए आगरा में व्यवस्थाएं भी पर्याप्त हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट स्थापना के लिए 35 साल से चल रहे संघर्ष को अब अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। संयुक्त रणनीति के तहत अपनी बात जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाई जाएगी।