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अब घिरोर ब्लाक प्रमुखी पर भी संकट के बादल
Updated Wed, 10 Jan 2018 11:52 PM IST
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मैनपुरी। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद अब सपा के हाथ से घिरोर ब्लाक प्रमुखी भी जाती दिख रही है। जागीर और सुल्तानगंज ब्लाक प्रमुख पदों पर सपा पहले ही मात खा चुकी है। सपा में चली रार और गुटबंदी अपनों को अपने ही हाथों से ले डूबी है। दो खेमों में बंटी सपा के लिए सुप्रीम कोर्ट का निर्णय नए संकेत दे रहा है।
जिले के सभी ब्लाक प्रमुख सपा के होने तथा सैफई परिवार की नजदीकी के चलते अखिलेश खेमे के समर्थक ही रहे। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही दूसरे खेमे ने जोड़तोड़ शुरू कर दी। ब्लाक प्रमुख सुल्तानगंज आरती शंखवार के खिलाफ सपा के दूसरे गुट ने अविश्वास प्रस्ताव पारित करा दिया।
भाजपा के समर्थन के चलते रीतू भारती निर्विरोध ब्लाक प्रमुख चुनी गईं। पार्टी के असंतुष्ट नेताओं ने दूसरा निशाना ब्लाक प्रमुख जागीर को बनाया। सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव के नजदीकी रहे ब्लाक प्रमुख आशुतोष यादव बिल्लू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित कराने में भी शिवपाल समर्थकों की भूमिका प्रभावशाली रही। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुमन यादव के पुत्र अजय यादव ब्लाक प्रमुख चुने गए। सुल्तानगंज तथा जागीर ब्लाक प्रमुख के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव में भाजपा की भूमिका पर्दे के पीछे की ही रही है।
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पुलिस तक पहुंचा था मामला
घिरोर ब्लाक प्रमुख सरिता यादव के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के बाद बीडीसी सदस्यों को अपने पक्ष में लाने के लिए दोनों पक्षों ने प्रयास शुरू किए थे। कई बीडीसी सदस्य घरों से गायब हो गए। घिरोर क्षेत्र में दलित बीडीसी सदस्य को लेकर सुजान सिंह यादव तथा सरिता यादव के पति मनोज यादव के बीच विवाद हुआ। सरिता यादव ने दलित बीडीसी को अगवा करने का आरोप लगाकर शिकायत की। दलित बीडीसी ने मनोज यादव पक्ष पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर रिपोर्ट लिखाई। पुलिस ने मौके से एक वाहन तथा उसमें रखे असलहे भी बरामद किए थे।
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जिले के सभी ब्लाक प्रमुख सपा के होने तथा सैफई परिवार की नजदीकी के चलते अखिलेश खेमे के समर्थक ही रहे। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही दूसरे खेमे ने जोड़तोड़ शुरू कर दी। ब्लाक प्रमुख सुल्तानगंज आरती शंखवार के खिलाफ सपा के दूसरे गुट ने अविश्वास प्रस्ताव पारित करा दिया।
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भाजपा के समर्थन के चलते रीतू भारती निर्विरोध ब्लाक प्रमुख चुनी गईं। पार्टी के असंतुष्ट नेताओं ने दूसरा निशाना ब्लाक प्रमुख जागीर को बनाया। सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव के नजदीकी रहे ब्लाक प्रमुख आशुतोष यादव बिल्लू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित कराने में भी शिवपाल समर्थकों की भूमिका प्रभावशाली रही। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुमन यादव के पुत्र अजय यादव ब्लाक प्रमुख चुने गए। सुल्तानगंज तथा जागीर ब्लाक प्रमुख के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव में भाजपा की भूमिका पर्दे के पीछे की ही रही है।
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पुलिस तक पहुंचा था मामला
घिरोर ब्लाक प्रमुख सरिता यादव के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के बाद बीडीसी सदस्यों को अपने पक्ष में लाने के लिए दोनों पक्षों ने प्रयास शुरू किए थे। कई बीडीसी सदस्य घरों से गायब हो गए। घिरोर क्षेत्र में दलित बीडीसी सदस्य को लेकर सुजान सिंह यादव तथा सरिता यादव के पति मनोज यादव के बीच विवाद हुआ। सरिता यादव ने दलित बीडीसी को अगवा करने का आरोप लगाकर शिकायत की। दलित बीडीसी ने मनोज यादव पक्ष पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर रिपोर्ट लिखाई। पुलिस ने मौके से एक वाहन तथा उसमें रखे असलहे भी बरामद किए थे।