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नहर की खंदी कटने से सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न
Updated Mon, 18 Dec 2017 11:17 PM IST
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नहर के पानी से जलमग्न फसल, पंपसेट से खेत का पानी निकालते किसान
- फोटो : amar ujala
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बिछवां (मैनपुरी)। सिल्ट सफाई बगैर सुल्तानगंज क्षेत्र से गुजरने वाले रजबहा में पानी छोड़ने से सोमवार को खंदी कट गई। इससे सैकड़ों बीघे खेत में बोई गई गेंहू और आलू की फसलें जलमग्न हो गईं। डूबी फसलों को सड़ने से बचाने के लिए परेशान किसान पंपसेट लगाकर खेतों से पानी निकाल रहे हैं।
क्षेत्र से गुजरने वाले रजबहा की काफी समय से सफाई नहीं की गई है। काफी दिनों से सूखे पड़े इस रजबहे में रविवार की शाम को अचानक पानी आ गया। सिल्ट और कचरे से भरा रजबहा देखते ही देखते उफन आया। खंदी भी कट गई। इससे आसपास के लबालब हो गए। सुबह जब किसान खेतों की ओर गए, तो वे तालाब बने हुए थे।
फसलें डूबी देख उनके होश उड़ गए। आनन-फानन में किसानों ने ख्ंादी बांधने का काम शुरू किया। साथ ही पंपसेट लगाकर खेतों से पानी निकालने की कवायद शुरू की। वहीं घंटों प्रयास के बाद भी दूसरी छोर पर खंदी बंद नहीं हो सकी। किसानों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से रजबहा की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
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कई वर्षो से सफाई नहीं होने से रजबहा कई जगहों पर टूट गया था। कई बार इसकी शिकायत की गई, लेकिन अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया।
किसान फूलसिंह, मनेाज, कोतवाल सिंह शाक्य, असफाक खां, शिवरतन, छेदालाल, रजनेश आदि ने बताया कि खंदी कटने से सैकड़ों बीघा खेत जलमग्न हुए हैं। जल्द पानी नहीं निकल पाया, तो फसलें सड़ जाएंगीं। किसानों ने जिलाधिकारी से रजबहों की सफाई करवाने की भी मांग की है।
वहीं नहर में रविवार की शाम पानी आने से नगला खगी, देवगंज, नगला बलूू, सिमरई आदि क्षेत्रों में गेंहू और आलू की फसलें डूब गई हैं।
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क्षेत्र से गुजरने वाले रजबहा की काफी समय से सफाई नहीं की गई है। काफी दिनों से सूखे पड़े इस रजबहे में रविवार की शाम को अचानक पानी आ गया। सिल्ट और कचरे से भरा रजबहा देखते ही देखते उफन आया। खंदी भी कट गई। इससे आसपास के लबालब हो गए। सुबह जब किसान खेतों की ओर गए, तो वे तालाब बने हुए थे।
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फसलें डूबी देख उनके होश उड़ गए। आनन-फानन में किसानों ने ख्ंादी बांधने का काम शुरू किया। साथ ही पंपसेट लगाकर खेतों से पानी निकालने की कवायद शुरू की। वहीं घंटों प्रयास के बाद भी दूसरी छोर पर खंदी बंद नहीं हो सकी। किसानों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से रजबहा की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
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कई वर्षो से सफाई नहीं होने से रजबहा कई जगहों पर टूट गया था। कई बार इसकी शिकायत की गई, लेकिन अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया।
किसान फूलसिंह, मनेाज, कोतवाल सिंह शाक्य, असफाक खां, शिवरतन, छेदालाल, रजनेश आदि ने बताया कि खंदी कटने से सैकड़ों बीघा खेत जलमग्न हुए हैं। जल्द पानी नहीं निकल पाया, तो फसलें सड़ जाएंगीं। किसानों ने जिलाधिकारी से रजबहों की सफाई करवाने की भी मांग की है।
वहीं नहर में रविवार की शाम पानी आने से नगला खगी, देवगंज, नगला बलूू, सिमरई आदि क्षेत्रों में गेंहू और आलू की फसलें डूब गई हैं।