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बीएसए कार्यालय पहुंची विजिलेंस टीम, अभिलेख खंगाले
Updated Wed, 06 Dec 2017 11:18 PM IST
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फिरोजाबाद। तत्कालीन बीएसए नरेश वर्मा द्वारा चार शिक्षकों एवं एक एबीएसए को निजी लाभ देने के आरोपों की जांच के लिए विजिलेंस टीम बुधवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के दफ्तर पहुंची। टीम ने शिक्षकों के अभिलेख खंगालाते हुए आरोपी शिक्षक एवं तत्कालीन एबीएसए के बयान दर्ज किए। कार्रवाई काफी देर तक चलती रही।
आरोप है कि नरेश वर्मा ने तत्कालीन एबीएसए हरिशचंद्र चक, उच्च प्राथमिक विद्यालय खगपुर खैरगढ़ में तैनात भगवान सिंह, प्रावि नगला शीश खैरगढ़ की शिक्षिका प्रीती यादव, प्रावि शोभनपुर कोल्हू के नीरज यादव, तत्कालीन समन्वयक उमशंाकर (वर्तमान में सहायक अध्यापक आमरी) को विशेष लाभ पहुंचाया था।
इसकी शिकायत लोकायुक्त तक पहुंची तो वहां से जांच विजिलेंस को ट्रांसफर कर दी गई। विजिलेंस अधिकारी तस्मीन अहमद रिजवी, इंस्पेक्टर केएल वर्मा सहित अन्य अधिकारी जांच के लिए आए। उन्होंने अभिलेखों की छानबीन शुरु करते हुए शिक्षकों और एबीएसए का पक्ष सुना। विजिलेंस अधिकारी तस्मीन अहमद रिजवी का कहना है कि जांच लोकायुक्त से आई थी। तत्कालीन बीएसए नरेश वर्मा पर चार शिक्षकों एवं एक एबीएसए को लाभ पहुंचाने का आरोप है। जांच के बाद रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी।
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आरोप है कि नरेश वर्मा ने तत्कालीन एबीएसए हरिशचंद्र चक, उच्च प्राथमिक विद्यालय खगपुर खैरगढ़ में तैनात भगवान सिंह, प्रावि नगला शीश खैरगढ़ की शिक्षिका प्रीती यादव, प्रावि शोभनपुर कोल्हू के नीरज यादव, तत्कालीन समन्वयक उमशंाकर (वर्तमान में सहायक अध्यापक आमरी) को विशेष लाभ पहुंचाया था।
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इसकी शिकायत लोकायुक्त तक पहुंची तो वहां से जांच विजिलेंस को ट्रांसफर कर दी गई। विजिलेंस अधिकारी तस्मीन अहमद रिजवी, इंस्पेक्टर केएल वर्मा सहित अन्य अधिकारी जांच के लिए आए। उन्होंने अभिलेखों की छानबीन शुरु करते हुए शिक्षकों और एबीएसए का पक्ष सुना। विजिलेंस अधिकारी तस्मीन अहमद रिजवी का कहना है कि जांच लोकायुक्त से आई थी। तत्कालीन बीएसए नरेश वर्मा पर चार शिक्षकों एवं एक एबीएसए को लाभ पहुंचाने का आरोप है। जांच के बाद रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी।
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