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मौसम से प्रभावित हुई गेहूं की बुवाई
Updated Wed, 01 Nov 2017 11:39 PM IST
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गेहूं की फसल पर मौसम कहर
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एटा। मौसम का असर फसल के लिए नुकसानदेह साबित हो रहा है। ठंड में तेजी नहीं आने से गेहूं की फसल प्रभावित हो रही है। आलम यह है कि रबी की फसल के लिए मौसम अनुकूल नहीं हो पा रहा है। कृषि विभाग ने आच्छादन लक्ष्य मिलने के बाद तैयारी शुरू कर दी है, मगर कृषि वैज्ञानिक अभी बुवाई से दूर रहने की सलाह दे रहे हैं।
जिले में शासन ने कृषि विभाग को 135365 हेक्टेयर का लक्ष्य दिया है। इसके लिए विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। जिले में 2846 हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बुवाई भी हो चुकी है, लेकिन कृषि वैज्ञानिक किसानों को मौसम बदलने का इंतजार करने की सलाह दे रहे हैं।
दरअसल, गेहूं की फसल के लिए कड़क ठंड अच्छी मानी जाती है। ठंड में गेहूं का दाना अच्छा जोर पकड़ता है। वहीं अब तक जिले में ठंड का असर नजर नहीं आ रहा है। आलम यह है कि जिले में अब तक मौसम रबी की फसल के अनुकूल नहीं हो पा रहा है।
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बीज सहायक जितेंद्र सिंह बताते हैं कि जिले में 15 अक्तूबर से 15 जनवरी तक गेहूं की बुवाई होती है। इस बार मौसम का रुख बुवाई के अनुकूल नहीं है। इसलिए किसानों को बुवाई में थोड़ा सब्र रखने की जरूरत है। कृषि वैज्ञानिक सुधीर कुमार कहते हैं कि गेहूं की फसल सर्दी में ही अच्छी होती है। ऐेसे में किसानों को अभी मौसम बदलने का इंतजार करने की जरूरत है।
लक्ष्य से कम पहुंचा बीज
कृषि विभाग को शासन ने 4427 किलो गेहूं के बीज का लक्ष्य दिया है। लेकिन विभाग के पास 900 किलो बीज ही मौजूद हैं। इसके साथ ही अन्य निजी केंद्रों पर 24850 किलो बीज की उपलब्धता है। शासन ने सहकारिता को 3320 किलो, एग्रो को 300, बीज वितरण निगम को 400किलो, कृभको को 1020 किलो, आइएफडीसी को 480 किलो और अन्य केंद्रों को 44333 किलो का लक्ष्य दिया है। जिसके सापेक्ष महज कृषि विभाग पर 900 किलो और अन्य पर 24850 किलो बीज की उपलब्धता है।
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जिले में शासन ने कृषि विभाग को 135365 हेक्टेयर का लक्ष्य दिया है। इसके लिए विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। जिले में 2846 हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बुवाई भी हो चुकी है, लेकिन कृषि वैज्ञानिक किसानों को मौसम बदलने का इंतजार करने की सलाह दे रहे हैं।
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दरअसल, गेहूं की फसल के लिए कड़क ठंड अच्छी मानी जाती है। ठंड में गेहूं का दाना अच्छा जोर पकड़ता है। वहीं अब तक जिले में ठंड का असर नजर नहीं आ रहा है। आलम यह है कि जिले में अब तक मौसम रबी की फसल के अनुकूल नहीं हो पा रहा है।
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बीज सहायक जितेंद्र सिंह बताते हैं कि जिले में 15 अक्तूबर से 15 जनवरी तक गेहूं की बुवाई होती है। इस बार मौसम का रुख बुवाई के अनुकूल नहीं है। इसलिए किसानों को बुवाई में थोड़ा सब्र रखने की जरूरत है। कृषि वैज्ञानिक सुधीर कुमार कहते हैं कि गेहूं की फसल सर्दी में ही अच्छी होती है। ऐेसे में किसानों को अभी मौसम बदलने का इंतजार करने की जरूरत है।
लक्ष्य से कम पहुंचा बीज
कृषि विभाग को शासन ने 4427 किलो गेहूं के बीज का लक्ष्य दिया है। लेकिन विभाग के पास 900 किलो बीज ही मौजूद हैं। इसके साथ ही अन्य निजी केंद्रों पर 24850 किलो बीज की उपलब्धता है। शासन ने सहकारिता को 3320 किलो, एग्रो को 300, बीज वितरण निगम को 400किलो, कृभको को 1020 किलो, आइएफडीसी को 480 किलो और अन्य केंद्रों को 44333 किलो का लक्ष्य दिया है। जिसके सापेक्ष महज कृषि विभाग पर 900 किलो और अन्य पर 24850 किलो बीज की उपलब्धता है।