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इलाज के अभाव में जच्चा बच्चा की मौत
Updated Tue, 31 Oct 2017 11:18 PM IST
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इलाज के अभाव में जच्चा बच्चा की मौत
- फोटो : अमर उजाला
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एटा। इलाज के अभाव में मंगलवार को जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन की अनदेखी के चलते प्रसूता ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। जबकि नवजात की जन्म के बाद ही पीएचसी में मौत हो गई।
गांव सोन्सा निवासी रामबख्त की पत्नी विनीता 32 को मंगलवार को प्रसव पीड़ा होने पर पीएचसी करतला में भर्ती कराया गया। यहां प्रसव के दौरान प्रसूता ने बालक को जन्म दिया। मगर समुचित उपचार नहीं मिलने पर नवजात की मौत हो गई। इसके बाद प्रसूता की तबियत बिगड़ने लगी। परिवारीजन प्रसूता को 108 एंबुलेंस की मदद से आशा जिला अस्पताल लेकर पहुंची।
जिला अस्पताल प्रशासन ने महिला को जिला महिला अस्पताल भेज दिया। जिला महिला अस्पताल ले जाने पर प्रसूता को फिर से जिला अस्पताल भेज दिया गया। परिवारीजन ई रिक्शा से महिला को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जहां डाक्टरों ने महिला को भर्ती करने में आनाकानी की।
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महिला आधा घंटे तक ई-रिक्शा में तड़पती रही। परिवारीजनों ने जब जोर दिया, तो डाक्टरों ने जैसे-तैसे भर्ती किया। मगर आधा घंटे बाद प्रसूता ने दम तोड़ दिया। महिला की मौत के बाद परिवारीजनों में कोहराम मच गया। मौत के बाद परिजन महिला को एंबुलेंस से गांव ले गए।
पहले भी हो चुकी है प्रसूताओं की मौत
जिले में इलाज के अभाव में प्रसूताओं की पहले भी मौत हो चुकी हैं। एक महीने पहले ही उन्नाव निवासी प्रसूता की मौत हो गई थी। साथ ही मिरहची में भी एक प्रसूता और नवजात ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।
इनका कहना है
महिला को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था। गैस्टिक प्रॉब्लम के अंतिम चरण मेें महिला आई थी। डाक्टरों ने इलाज किया, लेकिन महिला को बचाया नहीं जा सकी। महिला को भर्ती करने में आनाकानी की जानकारी नहीं है।
-डा. एसके मजूमदार, सीएमएस, जिला अस्पताल, एटा
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गांव सोन्सा निवासी रामबख्त की पत्नी विनीता 32 को मंगलवार को प्रसव पीड़ा होने पर पीएचसी करतला में भर्ती कराया गया। यहां प्रसव के दौरान प्रसूता ने बालक को जन्म दिया। मगर समुचित उपचार नहीं मिलने पर नवजात की मौत हो गई। इसके बाद प्रसूता की तबियत बिगड़ने लगी। परिवारीजन प्रसूता को 108 एंबुलेंस की मदद से आशा जिला अस्पताल लेकर पहुंची।
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जिला अस्पताल प्रशासन ने महिला को जिला महिला अस्पताल भेज दिया। जिला महिला अस्पताल ले जाने पर प्रसूता को फिर से जिला अस्पताल भेज दिया गया। परिवारीजन ई रिक्शा से महिला को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जहां डाक्टरों ने महिला को भर्ती करने में आनाकानी की।
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महिला आधा घंटे तक ई-रिक्शा में तड़पती रही। परिवारीजनों ने जब जोर दिया, तो डाक्टरों ने जैसे-तैसे भर्ती किया। मगर आधा घंटे बाद प्रसूता ने दम तोड़ दिया। महिला की मौत के बाद परिवारीजनों में कोहराम मच गया। मौत के बाद परिजन महिला को एंबुलेंस से गांव ले गए।
पहले भी हो चुकी है प्रसूताओं की मौत
जिले में इलाज के अभाव में प्रसूताओं की पहले भी मौत हो चुकी हैं। एक महीने पहले ही उन्नाव निवासी प्रसूता की मौत हो गई थी। साथ ही मिरहची में भी एक प्रसूता और नवजात ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।
इनका कहना है
महिला को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था। गैस्टिक प्रॉब्लम के अंतिम चरण मेें महिला आई थी। डाक्टरों ने इलाज किया, लेकिन महिला को बचाया नहीं जा सकी। महिला को भर्ती करने में आनाकानी की जानकारी नहीं है।
-डा. एसके मजूमदार, सीएमएस, जिला अस्पताल, एटा