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भिक्षा नहीं अब स्कूल में शिक्षा लेगा शाहिद
Updated Sat, 28 Oct 2017 11:54 PM IST
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शाहिद
- फोटो : amar ujala
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मैनपुरी। शहर की सड़कों पर भीख मांगने वाला शाहिद सोमवार से स्कूल में ककहरा पढ़ेगा। बाल कल्याण समिति की कवायद रंग लाई है। गरीब पिता ने बच्चे के भविष्य को देखते हुए भाई के पास भेज दिया। शनिवार को समिति सदस्य ने बच्चे से जानकारी ली।
नगर के रेलवे स्टेशन पर एक कच्चे मकान में गुजर बसर कर रहा सरदार अली अपने आठ वर्षीय पुत्र शाहिद से शहर की सड़कों पर भीख मंगवाता था। खुद भी साथ रह कर भीख मांगता था। जानकारी होने के बाद बाल कल्याण समिति की सदस्य आराधना गुप्ता सरदार अली से मिलीं थीं। उसने बताया कि वह एक कच्चे मकान में रहता है।
रोजी रोटी के लिए रोजगार का कोई साधन नहीं है। जिस वजह से वह बच्चे के साथ भीख मांगने पर मजबूर है। समिति सदस्य ने जब उसे आवास और पेंशन दिलाने का आश्वासन दिया तब उसने बच्चे को पढ़ाने की हामी भर दी थी। कुछ दिन पूर्व बच्चे को गांव पुड़री निवासी भाई के घर भेज दिया।
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शनिवार को समिति सदस्य ने गांव पहुंचकर बच्चे से जानकारी ली। उसने बताया कि तीन दिनों से वह भीख मांगने नहीं गया है। बताया कि सोमवार से वह गांव स्थित सरकारी विद्यालय जाकर पढ़ाई करेगा। समिति सदस्य ने बताया कि जनता को भी इस कार्य में सहयोग करना चाहिए। बच्चों से मजदूरी या भीख मंगवाना अपराध है।
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नगर के रेलवे स्टेशन पर एक कच्चे मकान में गुजर बसर कर रहा सरदार अली अपने आठ वर्षीय पुत्र शाहिद से शहर की सड़कों पर भीख मंगवाता था। खुद भी साथ रह कर भीख मांगता था। जानकारी होने के बाद बाल कल्याण समिति की सदस्य आराधना गुप्ता सरदार अली से मिलीं थीं। उसने बताया कि वह एक कच्चे मकान में रहता है।
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रोजी रोटी के लिए रोजगार का कोई साधन नहीं है। जिस वजह से वह बच्चे के साथ भीख मांगने पर मजबूर है। समिति सदस्य ने जब उसे आवास और पेंशन दिलाने का आश्वासन दिया तब उसने बच्चे को पढ़ाने की हामी भर दी थी। कुछ दिन पूर्व बच्चे को गांव पुड़री निवासी भाई के घर भेज दिया।
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शनिवार को समिति सदस्य ने गांव पहुंचकर बच्चे से जानकारी ली। उसने बताया कि तीन दिनों से वह भीख मांगने नहीं गया है। बताया कि सोमवार से वह गांव स्थित सरकारी विद्यालय जाकर पढ़ाई करेगा। समिति सदस्य ने बताया कि जनता को भी इस कार्य में सहयोग करना चाहिए। बच्चों से मजदूरी या भीख मंगवाना अपराध है।