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निकाय चुनाव: पहले टेस्ट पास करो, फिर मिलेगी टिकट
Updated Tue, 24 Oct 2017 11:15 PM IST
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बीजेपी
- फोटो : Getty
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निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों में सक्रियता बढ़ गई है। पार्टियों ने प्रत्याशियों को टिकट बांटने के लिए पैनल और स्क्रीनिंग कमेटियां बनाई हैं। भाजपा में दावेदाराें को टिकट तीन स्क्रीनिंग टेस्ट के बाद दिया जाएगा। साथ ही नगर पालिका के वार्ड उम्मीदवारों की टिकट क्षेत्रीय स्तर से फाइनल होगी। वहीं नगर पंचायत के वार्ड उम्मीदवारों को जिला स्तर से टिकट मिलेगा। अगर दावेदार तीनों टेस्ट में से किसी एक में भी फेल हो जाता है तो उसे टिकट नहीं दिया जाएगा।
भाजपा में टिकट पाने के लिए दावेदारों को हर कसौटी पर खरा उतरना होगा। बताया जाता है कि सबसे पहले निकाय स्तर पर दावेदार की स्क्रीनिंग होगी। जिसमें निकाय प्रभारी, निकाय समन्वयक, जिला पदाधिकारी, क्षेत्र पदाधिकारी, विधायक और मंडल प्रभारी और मंडल अध्यक्ष स्क्रीनिंग करेंगे। वहीं इसके बाद जिला स्तर पर दावेदार की स्क्रीनिंग की जाएगी।
यह रहेंगे कमेटी में शामिल
इसमें जिला स्तर पर जिला चुनाव प्रभारी, जिला प्रभारी भाजपा, जिलाध्यक्ष, प्रभारी मंत्री, जिले के प्रदेश पदाधिकारी, जिला चुनाव समन्वयक, सांसद, विधायक, निवर्तमान जिलाध्यक्ष, एससी-एसटी वर्ग, पिछड़ा वर्ग और महिला वर्ग की सदस्य शामिल होंगे। वहीं इसके बाद क्षेत्र स्तर आवेदन की स्क्रीनिंग होगी। इसमें क्षेत्रीय प्रभारी, क्षेत्रीय अध्यक्ष, क्षेत्रीय संगठन मंत्री, क्षेत्रीय समन्वयक, क्षेत्रीय प्रभारी स्थानीय निकाय प्रकोष्ठ शामिल होंगे।
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इसके बाद जिला स्तर पर नगर पंचायतों के वार्ड प्रत्याशी तय होंगे। जिनकी घोषणा क्षेत्र स्तर से की जाएगी। नगर पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी और नगर पालिका के वार्ड प्रत्याशियों का चयन क्षेत्र स्तर पर होगा और घोषणा प्रदेश की अनुमति से होगी। जबकि नगर पालिका के अध्यक्ष प्रत्याशी का चयन और घोषणा प्रदेश स्तर से होगी। वहीं टिकट वितरण को लेकर प्रभारी मंत्री से लेकर सांसद और विधायक आपस में चर्चा करेंगे। भाजपा में दावेदारों की लंबी कतार को देखते हुए संगठन ने स्क्रीनिंग का फार्मूला अपनाया है। इसे लेकर दावेदारों में खासी चर्चा का आलम है।
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निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों में सक्रियता बढ़ गई है। पार्टियों ने प्रत्याशियों को टिकट बांटने के लिए पैनल और स्क्रीनिंग कमेटियां बनाई हैं। भाजपा में दावेदाराें को टिकट तीन स्क्रीनिंग टेस्ट के बाद दिया जाएगा। साथ ही नगर पालिका के वार्ड उम्मीदवारों की टिकट क्षेत्रीय स्तर से फाइनल होगी। वहीं नगर पंचायत के वार्ड उम्मीदवारों को जिला स्तर से टिकट मिलेगा। अगर दावेदार तीनों टेस्ट में से किसी एक में भी फेल हो जाता है तो उसे टिकट नहीं दिया जाएगा।
भाजपा में टिकट पाने के लिए दावेदारों को हर कसौटी पर खरा उतरना होगा। बताया जाता है कि सबसे पहले निकाय स्तर पर दावेदार की स्क्रीनिंग होगी। जिसमें निकाय प्रभारी, निकाय समन्वयक, जिला पदाधिकारी, क्षेत्र पदाधिकारी, विधायक और मंडल प्रभारी और मंडल अध्यक्ष स्क्रीनिंग करेंगे। वहीं इसके बाद जिला स्तर पर दावेदार की स्क्रीनिंग की जाएगी।
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यह रहेंगे कमेटी में शामिल
इसमें जिला स्तर पर जिला चुनाव प्रभारी, जिला प्रभारी भाजपा, जिलाध्यक्ष, प्रभारी मंत्री, जिले के प्रदेश पदाधिकारी, जिला चुनाव समन्वयक, सांसद, विधायक, निवर्तमान जिलाध्यक्ष, एससी-एसटी वर्ग, पिछड़ा वर्ग और महिला वर्ग की सदस्य शामिल होंगे। वहीं इसके बाद क्षेत्र स्तर आवेदन की स्क्रीनिंग होगी। इसमें क्षेत्रीय प्रभारी, क्षेत्रीय अध्यक्ष, क्षेत्रीय संगठन मंत्री, क्षेत्रीय समन्वयक, क्षेत्रीय प्रभारी स्थानीय निकाय प्रकोष्ठ शामिल होंगे।
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इसके बाद जिला स्तर पर नगर पंचायतों के वार्ड प्रत्याशी तय होंगे। जिनकी घोषणा क्षेत्र स्तर से की जाएगी। नगर पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी और नगर पालिका के वार्ड प्रत्याशियों का चयन क्षेत्र स्तर पर होगा और घोषणा प्रदेश की अनुमति से होगी। जबकि नगर पालिका के अध्यक्ष प्रत्याशी का चयन और घोषणा प्रदेश स्तर से होगी। वहीं टिकट वितरण को लेकर प्रभारी मंत्री से लेकर सांसद और विधायक आपस में चर्चा करेंगे। भाजपा में दावेदारों की लंबी कतार को देखते हुए संगठन ने स्क्रीनिंग का फार्मूला अपनाया है। इसे लेकर दावेदारों में खासी चर्चा का आलम है।