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एसएन के बाल रोग विभाग के एसी में लगी आग
Updated Thu, 17 Aug 2017 01:46 PM IST
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आगरा। एसएन मेडिकल कालेज के बाल रोग विभाग में बड़ा हादसा होने से बच गया। मंगलवार की दोपहर लगभग दो बजे नवजात सघन चिकित्सा कक्ष में लगे एसी में धुआं उठने लगा। देखते ही देखते इसमें आग लग गई। इससे कक्ष में भर्ती 13 नवजात की जान पर बन आई। डाक्टरों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में डाक्टरों ने एसी के पास वाले बेडों से नवजातों को शिफ्ट किया।
फायर कंट्रोल रूम में सूचना दे दी। कर्मचारियों ने सक्रियता दिखाते हुए कक्ष की तत्काल बिजली की सप्लाई बंद कर दी। अग्निशमन उपकरणों से आग को बुझाकर एसी को बाहर निकाल दिया। इसकी जगह दूसरा एसी लगाया गया। सूचना पर प्राचार्य डा. सरोज सिंह ने मौके पर पहुंची और हालात परखे। नवजात सघन चिकित्सा कक्ष के प्रभारी डा. नीरज यादव ने बताया कि शार्ट सर्किट से एसी में आग लग गई थी। सक्रियता के चलते बड़ा हादसा होने से टल गया।
कंट्रोल रूम से मंगवाने पड़े अग्निशमन
बाल रोग विभाग में आग से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं है। पर्याप्त मात्रा में अग्निशमन यंत्र तक नहीं लगे। ऐसे में एसी में आग लगने के बाद कंट्रोल रूम से अग्निशमन लाने पड़े। शुक्र है कि आग भीषण नहीं थी, नहीं तो बड़ा हादसा होने की पूरी संभावना थी।
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ओवरलोड से हो रहे एसी खराब
नवजात सघन चिकित्सा कक्ष में चार एसी की दरकार है, लेकिन दो ही लगे हैं। 24 घंटे लगातार चलने से एसी हांफने लगते हैं। पूर्व में भी यहां कई बार एसी खराब हो चुके हैं, इसकी शिकायत पिछले दिनों एसएन के निरीक्षण को आए चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन से भी की गई थी। एसी में आग लगने के बाद प्रभारी ने दो और एसी लगाने की डिमांड भेजी है।
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फायर कंट्रोल रूम में सूचना दे दी। कर्मचारियों ने सक्रियता दिखाते हुए कक्ष की तत्काल बिजली की सप्लाई बंद कर दी। अग्निशमन उपकरणों से आग को बुझाकर एसी को बाहर निकाल दिया। इसकी जगह दूसरा एसी लगाया गया। सूचना पर प्राचार्य डा. सरोज सिंह ने मौके पर पहुंची और हालात परखे। नवजात सघन चिकित्सा कक्ष के प्रभारी डा. नीरज यादव ने बताया कि शार्ट सर्किट से एसी में आग लग गई थी। सक्रियता के चलते बड़ा हादसा होने से टल गया।
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कंट्रोल रूम से मंगवाने पड़े अग्निशमन
बाल रोग विभाग में आग से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं है। पर्याप्त मात्रा में अग्निशमन यंत्र तक नहीं लगे। ऐसे में एसी में आग लगने के बाद कंट्रोल रूम से अग्निशमन लाने पड़े। शुक्र है कि आग भीषण नहीं थी, नहीं तो बड़ा हादसा होने की पूरी संभावना थी।
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ओवरलोड से हो रहे एसी खराब
नवजात सघन चिकित्सा कक्ष में चार एसी की दरकार है, लेकिन दो ही लगे हैं। 24 घंटे लगातार चलने से एसी हांफने लगते हैं। पूर्व में भी यहां कई बार एसी खराब हो चुके हैं, इसकी शिकायत पिछले दिनों एसएन के निरीक्षण को आए चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन से भी की गई थी। एसी में आग लगने के बाद प्रभारी ने दो और एसी लगाने की डिमांड भेजी है।