{"_id":"597a18a84f1c1b7c5a8b45ab","slug":"191501173928-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे: 17 लोगों के बयान दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे: 17 लोगों के बयान दर्ज
Updated Fri, 28 Jul 2017 01:24 PM IST
विज्ञापन
आगरा लखनऊ एकसप्रेस वे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के बैनामों की जांच के दूसरे दिन गुरुवार को सदर और फतेहाबाद तहसील अंतर्गत 17 लोगों के बयान दर्ज किए गए। इनमें क्रेता और विक्रेता शामिल हैं। उनसे मुआवजा किस रेट पर मिला, कितना मिला, इससे पहले उनकी आर्थिक स्थिति कैसी थी, यह जमीन उनकी पैतृक थी या फिर हाल ही में खरीदी थी आदि तरह के सवाल-जवाब किए गए। इन बयानों के आधार पर आगे की पड़ताल की जाएगी। फिलहाल दो दिन की जांच में कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की आगरा में भी जांच शुरू हो गई है। इसके लिए फतेहाबाद तहसील अंतर्गत 24 गांवों और सदर के आठ गांवों में जमीन अधिग्रहीत की गई थी। सदर तहसील में 17 और फतेहाबाद तहसील में 143 बैनामा हुए थे। गुरुवार को एसडीएम सदर ने छह और एसडीएम फतेहाबाद ने 11 क्रेता-विक्रेताओं के बयान लिए। इसके साथ ही सभी के बैंक एकाउंट स्टेटमेंट निकलवाए जा रहे हैं।
इससे क्रेता-विक्रेताओं के बयान और बैंक स्टेटमेंट का मिलान कराया जाएगा। फतेहाबाद में 276.0208 हेक्टेयर और सदर तहसील अंतर्गत 95.7431 हेक्टेयर जमीन ली गई थी। प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद सपा सरकार की इस योजना की लागत पर सवाल खड़े करते हुए इसकी जांच के आदेश दिए हैं। इससे पहले उन लोगों की सूची शासन को भेजी जा चुकी है, जिन्होंने एक्सप्रेसवे बनने से एक साल पहले इसके आसपास जमीन खरीदी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की आगरा में भी जांच शुरू हो गई है। इसके लिए फतेहाबाद तहसील अंतर्गत 24 गांवों और सदर के आठ गांवों में जमीन अधिग्रहीत की गई थी। सदर तहसील में 17 और फतेहाबाद तहसील में 143 बैनामा हुए थे। गुरुवार को एसडीएम सदर ने छह और एसडीएम फतेहाबाद ने 11 क्रेता-विक्रेताओं के बयान लिए। इसके साथ ही सभी के बैंक एकाउंट स्टेटमेंट निकलवाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
इससे क्रेता-विक्रेताओं के बयान और बैंक स्टेटमेंट का मिलान कराया जाएगा। फतेहाबाद में 276.0208 हेक्टेयर और सदर तहसील अंतर्गत 95.7431 हेक्टेयर जमीन ली गई थी। प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद सपा सरकार की इस योजना की लागत पर सवाल खड़े करते हुए इसकी जांच के आदेश दिए हैं। इससे पहले उन लोगों की सूची शासन को भेजी जा चुकी है, जिन्होंने एक्सप्रेसवे बनने से एक साल पहले इसके आसपास जमीन खरीदी थी।
विज्ञापन