{"_id":"594d51d44f1c1b2b4d8b46d6","slug":"191498239444-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"या रब हमारी इबादत कुबूल फरमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
या रब हमारी इबादत कुबूल फरमा
Updated Fri, 23 Jun 2017 11:38 PM IST
विज्ञापन
नमाज अदा करते रोजेदार
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। पाक रमजान माह के अंतिम जुमे को जिले में अलविदा जुमा की नमाज अदा कर मुल्क में भाईचारा बना रहे, दुआ मांगी गई। पुलिस प्रशासन ने शांति बनाए रखने के लिए चिन्हित किए गए संवेदनशील और अतिसंवेदनशील स्थानों पर कड़ी चौकसी बरती। प्रशासन ने पेयजल, सफाई, विद्युत व्यवस्था के प्रबंध किए।
शहर की जामा मस्जिद, खजूर वाली मस्जिद, खानकाहे रशीदिया, छोटी खानकाह, जुलापुरी मस्जिद, ऊंची मस्जिद, फाटक बदरुल मस्जिद, गुलाब बाग मस्जिद कब्रिस्तान वाली मस्जिद, किले के पीछे स्थित मस्जिद में बड़ी संख्या में रोजेदारों ने जुमा अलविदा की नमाज अदा की। जामा मस्जिद में दोपहर 1.40 बजे जुमा अलविदा की नमाज हुई।
पेश इमाम मोहम्मद शमी अहमद ने मुल्क में भाईचारा कायम रखने की अल्लाह से दुआ की। पेश इमाम ने कहा कि रमजान के माह का आखिरी जुमा प्रत्येक मुसलमान के लिए विशेष महत्व रखता है। इसके पश्चात ईद की नमाज ही महत्वपूर्ण होती है। इसके अलावा बड़ी खानकाह में दोपहर दो बजे नमाज हुई। यहां मौलाना फराज आलम ने नमाज अदा कराई। महिलाओं ने घरों में नमाज अदा कर गुनाहों से तौबा की। फिर एक-दूसरे को गले मिलकर बधाई दी।
विज्ञापन
जुमा अलविदा की नमाज को लेकर पूरे शहर में पुलिस की कड़ी चौकसी बरती गई। मऊ की घटना के बाद विशेष तौर पर मस्जिदों और उसके आसपास बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवान तैनात किए गए। एसपी राजेश एस ने तैयारियों का सुबह जायजा लिया। वहीं नमाज के दौरान भी वह शहर में भ्रमण करते रहे। वहीं नगर पालिका ने भी साफ-सफाई के विशेष इंतजाम कराए।
विज्ञापन
शहर की जामा मस्जिद, खजूर वाली मस्जिद, खानकाहे रशीदिया, छोटी खानकाह, जुलापुरी मस्जिद, ऊंची मस्जिद, फाटक बदरुल मस्जिद, गुलाब बाग मस्जिद कब्रिस्तान वाली मस्जिद, किले के पीछे स्थित मस्जिद में बड़ी संख्या में रोजेदारों ने जुमा अलविदा की नमाज अदा की। जामा मस्जिद में दोपहर 1.40 बजे जुमा अलविदा की नमाज हुई।
विज्ञापन
पेश इमाम मोहम्मद शमी अहमद ने मुल्क में भाईचारा कायम रखने की अल्लाह से दुआ की। पेश इमाम ने कहा कि रमजान के माह का आखिरी जुमा प्रत्येक मुसलमान के लिए विशेष महत्व रखता है। इसके पश्चात ईद की नमाज ही महत्वपूर्ण होती है। इसके अलावा बड़ी खानकाह में दोपहर दो बजे नमाज हुई। यहां मौलाना फराज आलम ने नमाज अदा कराई। महिलाओं ने घरों में नमाज अदा कर गुनाहों से तौबा की। फिर एक-दूसरे को गले मिलकर बधाई दी।
विज्ञापन
जुमा अलविदा की नमाज को लेकर पूरे शहर में पुलिस की कड़ी चौकसी बरती गई। मऊ की घटना के बाद विशेष तौर पर मस्जिदों और उसके आसपास बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवान तैनात किए गए। एसपी राजेश एस ने तैयारियों का सुबह जायजा लिया। वहीं नमाज के दौरान भी वह शहर में भ्रमण करते रहे। वहीं नगर पालिका ने भी साफ-सफाई के विशेष इंतजाम कराए।