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सेतु निगम की रिपोर्ट, नदरई पर नहीं बन सकता ओवरब्रिज
Updated Tue, 27 Nov 2018 09:43 PM IST
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घटनास्थल
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज। नदरई रेलपुल पर ओवरब्रिज की जिद पर अड़े रेलवे को अपना निर्णय बदलना होगा। लोक निर्माण विभाग ने सेतु निगम से ओवरब्रिज के लिए सर्वे कराया तो सेतु निगम ने स्पष्ट इंकार कर दिया। फोरलेन के लिए अब नदरई पर अंडरपास ही बनाना होगा।
एटा-कासगंज के बीच फोरलेन का काम दिनों दिन रफ्तार पकड़ता जा रहा है। हालांकि रेलवे की मनमानी के चलते नदरई और बांकनेर रेल पुल पर चौड़ीकरण का काम शुरू नहीं हो सका है। यहां पूर्व में रेलवे की सहमति पर लोक निर्माण विभाग अंडरपास का नक्शा और पांच करोड़ रुपये रेलवे को दे चुका है। रेलवे पहले तो अंडरपास पर सहमत था, लेकिन अब नदरई पुल पर ओवरब्रिज की जिद पर अड़ा है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों द्वारा कई बार रेलवे के अधिकारियों के साथ बैठक की गई। इसमें भी नतीजा सिफर रहा। अंतत: लोक निर्माण विभाग ने रेलवे की जिद पर ओवरब्रिज के लिए सेतु निगम से सर्वे कराया। सेतु निगम की सर्वे रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि नदरई पुल पर किसी भी हाल में ओवरब्रिज नहीं बनाया जा सकता। यदि ओवरब्रिज बनाया गया तो लगभग 350 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसके अलवा नदरई का काफी आबादी क्षेत्र प्रभावित होगा। वित्तीय और मानवीय आधार पर ओवरब्रिज नहीं बनाया जा सकता। सेतु निगम की रिपोर्ट आने के बाद लोक निर्माण विभाग ने रिपोर्ट संलग्न कर रेलवे को पत्र भेज दिया गया है। इसमें कहा गया कि नदरई पुल पर अंडरपास का कार्य शुरू कराया जाए।
- उच्च अधिकारियों के पास पत्रावली विचाराधीन है। उन्हीं को निर्णय लेना है कि नदरई पुल पर ओवरब्रिज बनेगा अथवा अंडरपास। अब तक अधिकारियों ने सिर्फ ओवरब्रिज की सहमति जताई है।
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राजेंद्र सिंह, पीआरओ, रेलवे
- रेलवे अपनी जिद पर अड़ा रहा। इसको लेकर सेतु निगम से सर्वे कराया गया कि नदरई पर ओवरब्रिज बनना संभव है या नहीं। सेतु निगम की सौंपी गई रिपोर्ट के मुताबिक नदरई रेलवे पुल पर ओवरब्रिज बन नहीं सकता है।
सुधीर कुमार, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग।
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एटा-कासगंज के बीच फोरलेन का काम दिनों दिन रफ्तार पकड़ता जा रहा है। हालांकि रेलवे की मनमानी के चलते नदरई और बांकनेर रेल पुल पर चौड़ीकरण का काम शुरू नहीं हो सका है। यहां पूर्व में रेलवे की सहमति पर लोक निर्माण विभाग अंडरपास का नक्शा और पांच करोड़ रुपये रेलवे को दे चुका है। रेलवे पहले तो अंडरपास पर सहमत था, लेकिन अब नदरई पुल पर ओवरब्रिज की जिद पर अड़ा है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों द्वारा कई बार रेलवे के अधिकारियों के साथ बैठक की गई। इसमें भी नतीजा सिफर रहा। अंतत: लोक निर्माण विभाग ने रेलवे की जिद पर ओवरब्रिज के लिए सेतु निगम से सर्वे कराया। सेतु निगम की सर्वे रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि नदरई पुल पर किसी भी हाल में ओवरब्रिज नहीं बनाया जा सकता। यदि ओवरब्रिज बनाया गया तो लगभग 350 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसके अलवा नदरई का काफी आबादी क्षेत्र प्रभावित होगा। वित्तीय और मानवीय आधार पर ओवरब्रिज नहीं बनाया जा सकता। सेतु निगम की रिपोर्ट आने के बाद लोक निर्माण विभाग ने रिपोर्ट संलग्न कर रेलवे को पत्र भेज दिया गया है। इसमें कहा गया कि नदरई पुल पर अंडरपास का कार्य शुरू कराया जाए।
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- उच्च अधिकारियों के पास पत्रावली विचाराधीन है। उन्हीं को निर्णय लेना है कि नदरई पुल पर ओवरब्रिज बनेगा अथवा अंडरपास। अब तक अधिकारियों ने सिर्फ ओवरब्रिज की सहमति जताई है।
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राजेंद्र सिंह, पीआरओ, रेलवे
- रेलवे अपनी जिद पर अड़ा रहा। इसको लेकर सेतु निगम से सर्वे कराया गया कि नदरई पर ओवरब्रिज बनना संभव है या नहीं। सेतु निगम की सौंपी गई रिपोर्ट के मुताबिक नदरई रेलवे पुल पर ओवरब्रिज बन नहीं सकता है।
सुधीर कुमार, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग।