फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etah News ›   बारिश से बने बाढ़ जैसे हालात

बारिश से बने बाढ़ जैसे हालात

Fri, 24 Aug 2018 10:41 PM IST
Updated Fri, 24 Aug 2018 10:41 PM IST
विज्ञापन
बारिश से बने बाढ़ जैसे हालात
बारिश से बने बाढ़ जैसे हालात - फोटो : अमर उजाला
कासगंज।
विज्ञापन

जिले में शुक्रवार को बारिश का कहर ऐसा बना कि चारों ओर हाहाकार के हालात बन गए। पिछले 24 घंटों में 200 मिलीमीटर बारिश होने के कारण कई साल पुराना रिकॉर्ड भी ध्वस्त हो गया। इन 24 घंटों में से 18 घंटों के बीच 35 एमएम बारिश हुई, जबकि 5 घंटे के अंदर 165 एमएम बारिश हुई। शहर में चारो ओर पानी ही पानी नजर आ रहा। घरों से लेकर दुकानों तक में पानी घुस गया। जलभराव होने से लोगों में पालिका के प्रति आक्रोश नजर आया।
शहर के नदरई गेट के गांधी मूर्ति, प्रभु पार्क, लक्ष्मीगंज, स्टेट बैंक कालोनी, मालगोदाम चौराहा, नावल्टी रोड, रेलवे रोड सहित तमाम इलाकों में पानी भरा हुआ था। बाजार में कई परचून, स्टेशनरी, लोहा आदि की दुकानों में काफी पानी भर गया। बिलराम गेट बाजार, तहसील रोड, बिलराम गेट चौराहा, मोहल्ला चकईया, गंगेश्वर कॉलोनी, सोलह बीघा, मोहल्ला हुल्का, किला मोहल्ला, अशोक नगर, सूत की मंडी, बौहरान गली इलाके में जबरदस्त पानी भर गया। वहीं सोरों गेट इलाके में सोरों गेट पुलिस चौकी, सोरों गेट बाजार, सोरों गेट तिराहा, सहावर गेट की गली सत्तार बैंड, भीमनगर के इलाकों में जबरदस्त जलभराव था। पूरे शहर का ड्रेनेज सिस्टम बारिश होने कारण जवाब दे गया। सभी नाले और नालियां चोक हो गए। दीनदयाल कालोनी बिलराम गेट पर घरों में पानी घुस गया। हालत ये हो गई कि घरेलू सामान पानी में तैरने लगे। 5 घंटे तक शहर में बाढ़ जैसे हालात हो गए। सुबह 10 बजे बारिश से लोगों को राहत मिल सकी और पानी की निकासी हो सकी। निचले इलाकों में बारिश के पानी की सायं तक निकासी नहीं हो पाई।
विज्ञापन

रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भी तमाम यात्री फंसे नजर आए। रेलवे स्टेशन पर भी लोग तेज बारिश के कारण परेशान हुए। प्लेटफॉर्म पर पानी से बचाव नहीं हो सका तो लोगों ने जहां तहां खड़े होकर बचाव किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

एक महीने में होती है औसत 200 एमएम बारिश
जिले में एक माह में 200 एमएम बारिश होने का औसत है। यह औसत बारिश के सीजन के माह जून, जुलाई और अगस्त का है। इन तीन महीनों में 580 एमएम बारिश होने का जिले का औसत है, लेकिन पिछले 24 घंटों में ही 200 एमएम बारिश होने से बाढ़ के हालात बन गए। इससे पूर्व वर्ष 2006 में और वर्ष 2008 में 170 एमएम तक बारिश होने का आंकड़ा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed