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कासगंज हिंसा: मजिस्ट्रेटी जांच में अभी तक किसी ने नहीं दिया कोई साक्ष्य
Updated Fri, 03 Aug 2018 11:02 PM IST
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शहर का निरीक्षण करते डीएम और एसपी
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज।
26 जनवरी को शहर में तिरंगा यात्रा के विवाद में हुई हिंसा के मामले की मजिस्ट्रेटी जांच अपर जिलाधिकारी न्यायिक मनीष कुमार नाहर के द्वारा की जा रही है, लेकिन अभी तक मजिस्ट्रेटी जांच के लिए किसी भी व्यक्ति ने कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया है। इसके कारण मजिस्ट्रेटी जांच लंबित चल रही है। जिलाधिकारी आरपी सिंह ने मजिस्ट्रेटी जांच का समय बढ़ाते हुए 10 अगस्त तक का समय निश्चित किया है।
26 जनवरी को हिंसा की घटना में युवक अभिषेक गुप्ता उर्फ चंदन की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वहीं एक युवक नौशाद पैर में गोली लगने से घायल हो गया। इसके अलावा कई स्थानों पर आगजनी की घटनाएं हुईं। जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रेटी जांच के निर्देश दिए। इन निर्देशों के बाद साक्ष्य और बयान अंकित कराने के लिए अधिसूचना जारी की गई, लेकिन कोई भी व्यक्ति इन घटनाओं के संबंध में न साक्ष्य देने आया और न बयान दर्ज कराने। ऐसी स्थिति के चलते मजिस्ट्रेटी जांच का काम आगे नहीं बढ़ सका। अब जिलाधिकारी आरपी सिंह ने पुन: इस संबंध में साक्ष्य देने की तिथि बढ़ाते हुए 10 अगस्त तक की है और लोगों को बयान स्वयं उपस्थित होकर व डाक से भेजने के निर्देश दिए हैं।
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26 जनवरी को शहर में तिरंगा यात्रा के विवाद में हुई हिंसा के मामले की मजिस्ट्रेटी जांच अपर जिलाधिकारी न्यायिक मनीष कुमार नाहर के द्वारा की जा रही है, लेकिन अभी तक मजिस्ट्रेटी जांच के लिए किसी भी व्यक्ति ने कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया है। इसके कारण मजिस्ट्रेटी जांच लंबित चल रही है। जिलाधिकारी आरपी सिंह ने मजिस्ट्रेटी जांच का समय बढ़ाते हुए 10 अगस्त तक का समय निश्चित किया है।
26 जनवरी को हिंसा की घटना में युवक अभिषेक गुप्ता उर्फ चंदन की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वहीं एक युवक नौशाद पैर में गोली लगने से घायल हो गया। इसके अलावा कई स्थानों पर आगजनी की घटनाएं हुईं। जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रेटी जांच के निर्देश दिए। इन निर्देशों के बाद साक्ष्य और बयान अंकित कराने के लिए अधिसूचना जारी की गई, लेकिन कोई भी व्यक्ति इन घटनाओं के संबंध में न साक्ष्य देने आया और न बयान दर्ज कराने। ऐसी स्थिति के चलते मजिस्ट्रेटी जांच का काम आगे नहीं बढ़ सका। अब जिलाधिकारी आरपी सिंह ने पुन: इस संबंध में साक्ष्य देने की तिथि बढ़ाते हुए 10 अगस्त तक की है और लोगों को बयान स्वयं उपस्थित होकर व डाक से भेजने के निर्देश दिए हैं।
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