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मानसी गंगा के सुंदरीकरण व जल संशोधन की ली जानकारी
Updated Thu, 12 Jul 2018 11:21 PM IST
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गोवर्धन (मथुरा)। एनजीटी न्यायालय द्वारा नियुक्त किए गए कमिश्नर आनंदवर्धन शुक्ला ने गुरुवार को गिरिराज परिक्रमा मार्ग का जायजा लिया। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वे सबसे पहले मानसी गंगा स्थित मुकुट मुखारबिंद मंदिर पहुंचे। यहां दुग्धाभिषेक कर ठाकुर जी की पूजा-अर्चना कर मनौती मांगी।
मानसी गंगा के सुंदरीकरण व जल संशोधन के संबंध में जानकारी ली। राजस्थान सीमा में वहां के अधिकारियों से विकास व एनजीटी के 17 बिंदुओं पर चर्चा की। राजस्थान सीमा में कच्चे परिक्रमा मार्ग के संरक्षण को दिशा-निर्देश दिए। पूंछरी का लौठा व श्रीनाथ जी के प्राचीन मंदिर के दर्शन किए। राजस्थान सरकार द्वारा कच्चे परिक्रमा में गिरिराज पर्वत की शिलाएं क्षतिग्रस्त कर बनाए जा रहे स्वागत गेट स्थल का भी निरीक्षण किया। जतीपुरा मुखारबिंद मंदिर पर चढ़ने वाले दूध व इसके निस्तारण पर चर्चा की। राधाकुंड व श्यामकुंड के संगम स्थल का भी निरीक्षण किया।
विनानी गेस्ट हाउस में अधीनस्थों के साथ बैठक की। पत्रकारों से कहा कि एनजीटी ने एक याचिका पर गिरिराज तलहटी में विकास के लिए 17 बिंदुओं की गाइड लाइन दी थी। अभी बहुत कुछ करना बाकी है। एसटीपी की स्थिति सुधारनी है। सर्विस रोड बनना है। अतिक्रमण भी हटने हैं। वह अपनी रिपोर्ट 17 जुलाई के बाद पुन: होने वाले निरीक्षण व समीक्षा उपरांत एनजीटी न्यायालय में पेश करेंगे। उन्होंने कुंडों को लेकर चर्चा की। अधिशासी अभियंता एसके वर्मा ने बताया कि परिक्रमा मार्ग में 32 कुंड हैं।
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डीएफओ ने बताया कि 211 अतिक्रमण उनके विभाग ने चिन्हित किए थे। 155 को हटाया जा चुका है। अभी भी कार्य जारी है। इस पर कमिश्नर शुक्ला ने विप्रा व वन विभाग से विजीलेंस टीम बनाने का सुझाव देते हुए कहा कि गत एक दशक में पांच नए मंदिर बन गए हैं। जो उन्हें पहली बार में ही दिखाई दे गए, जबकि यहां के प्रशासन को आज तक दिखाई नहीं दिए।
बैठक में एडीएम रविंद्र कुमार, एसपी देहात आदित्य कुमार, डीएफओ अरविंद कुमार, एसडीएम नागेंद्र सिंह, सीओ जगदीश कालीरमन, रेंजर डीपी सिंह, ईओ व राजस्थान प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे।
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मानसी गंगा के सुंदरीकरण व जल संशोधन के संबंध में जानकारी ली। राजस्थान सीमा में वहां के अधिकारियों से विकास व एनजीटी के 17 बिंदुओं पर चर्चा की। राजस्थान सीमा में कच्चे परिक्रमा मार्ग के संरक्षण को दिशा-निर्देश दिए। पूंछरी का लौठा व श्रीनाथ जी के प्राचीन मंदिर के दर्शन किए। राजस्थान सरकार द्वारा कच्चे परिक्रमा में गिरिराज पर्वत की शिलाएं क्षतिग्रस्त कर बनाए जा रहे स्वागत गेट स्थल का भी निरीक्षण किया। जतीपुरा मुखारबिंद मंदिर पर चढ़ने वाले दूध व इसके निस्तारण पर चर्चा की। राधाकुंड व श्यामकुंड के संगम स्थल का भी निरीक्षण किया।
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विनानी गेस्ट हाउस में अधीनस्थों के साथ बैठक की। पत्रकारों से कहा कि एनजीटी ने एक याचिका पर गिरिराज तलहटी में विकास के लिए 17 बिंदुओं की गाइड लाइन दी थी। अभी बहुत कुछ करना बाकी है। एसटीपी की स्थिति सुधारनी है। सर्विस रोड बनना है। अतिक्रमण भी हटने हैं। वह अपनी रिपोर्ट 17 जुलाई के बाद पुन: होने वाले निरीक्षण व समीक्षा उपरांत एनजीटी न्यायालय में पेश करेंगे। उन्होंने कुंडों को लेकर चर्चा की। अधिशासी अभियंता एसके वर्मा ने बताया कि परिक्रमा मार्ग में 32 कुंड हैं।
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डीएफओ ने बताया कि 211 अतिक्रमण उनके विभाग ने चिन्हित किए थे। 155 को हटाया जा चुका है। अभी भी कार्य जारी है। इस पर कमिश्नर शुक्ला ने विप्रा व वन विभाग से विजीलेंस टीम बनाने का सुझाव देते हुए कहा कि गत एक दशक में पांच नए मंदिर बन गए हैं। जो उन्हें पहली बार में ही दिखाई दे गए, जबकि यहां के प्रशासन को आज तक दिखाई नहीं दिए।
बैठक में एडीएम रविंद्र कुमार, एसपी देहात आदित्य कुमार, डीएफओ अरविंद कुमार, एसडीएम नागेंद्र सिंह, सीओ जगदीश कालीरमन, रेंजर डीपी सिंह, ईओ व राजस्थान प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे।