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जैथरा का लाल जम्मू कश्मीर में शहीद
Updated Thu, 14 Jun 2018 12:01 AM IST
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जैथरा का लाल जम्मू कश्मीर में शहीद
- फोटो : अमर उजाला
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धुमरी। जैथरा के सदियांपुर का लाल रजनीश उर्फ टीटू देश रक्षा में शहीद हो गया। बेटे के शहीद हो जाने की सूचना पाकर परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। माता पिता, पत्नी बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों के साथ ही गांव के लोग शहीद के शव को गांव पहुंचने का इंतजार कर रहे है।
गांव सदियांपुर निवासी रजनीश उर्फ टीटू (28) बीएसएफ में एसआई के पद पर तैनात थे। जिनकी छमपाल पोस्ट रामगढ जम्मू में पोस्टिंग थी। बताया गया कि देर रात वह अपने अधिकारी और साथियों के साथ जम्मू कश्मीर के चमलिया की दरगाह पर तैनात थे। उसी समय आतंकवादियों ने फायरिंग कर दी। इसमें रजनीश शहीद हो गए। इसकी जानकारी जब परिजनों को हुई तो चीत्कार मच गई। रजनीश 19 दिसंबर 2012 को बीएसएफ में एसआई के पद पर भर्ती हुए थे। दो भाईयों में बड़ा था। जबकि छोटा भाई वरुण 12वीं क्लास की पढ़ाई कर रहा है। परिजनों ने बताया कि फर्रुखाबाद के कंपिल निवासी अल्का यादव के साथ वर्ष 2014 में शादी हुई थी। उसका ढाई साल का सक्षमबेटा है। शहीद होने की सूचना पाकर आसपास के लोग उनके गांव पहुंच गए।
नहीं पता था बेटे की होगी अंतिम विदाई
एटा। रजनीश उर्फ टीटू अप्रैल माह में छुट्टी समाप्त होने के बाद ड्यूटी पर गया था। ड्यूटी पर जाते समय मां उर्मिलादेवी और पिता राजवीन सहित अन्य परिजनों ने उसे घर से निकलकर काफी दूर तक विदा किया था। उन बेचारों को क्या पता था कि जवान को वह घर से अंतिम बार विदा कर रहे हैं। इन सब बातों को याद करके मां का बुरा हाल हो रहा है। घरवालों ने बताया कि शहीद हुए लाल से उनकी शाम को करीब छह बजे बातचीत हुई थी।
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गांव सदियांपुर निवासी रजनीश उर्फ टीटू (28) बीएसएफ में एसआई के पद पर तैनात थे। जिनकी छमपाल पोस्ट रामगढ जम्मू में पोस्टिंग थी। बताया गया कि देर रात वह अपने अधिकारी और साथियों के साथ जम्मू कश्मीर के चमलिया की दरगाह पर तैनात थे। उसी समय आतंकवादियों ने फायरिंग कर दी। इसमें रजनीश शहीद हो गए। इसकी जानकारी जब परिजनों को हुई तो चीत्कार मच गई। रजनीश 19 दिसंबर 2012 को बीएसएफ में एसआई के पद पर भर्ती हुए थे। दो भाईयों में बड़ा था। जबकि छोटा भाई वरुण 12वीं क्लास की पढ़ाई कर रहा है। परिजनों ने बताया कि फर्रुखाबाद के कंपिल निवासी अल्का यादव के साथ वर्ष 2014 में शादी हुई थी। उसका ढाई साल का सक्षमबेटा है। शहीद होने की सूचना पाकर आसपास के लोग उनके गांव पहुंच गए।
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नहीं पता था बेटे की होगी अंतिम विदाई
एटा। रजनीश उर्फ टीटू अप्रैल माह में छुट्टी समाप्त होने के बाद ड्यूटी पर गया था। ड्यूटी पर जाते समय मां उर्मिलादेवी और पिता राजवीन सहित अन्य परिजनों ने उसे घर से निकलकर काफी दूर तक विदा किया था। उन बेचारों को क्या पता था कि जवान को वह घर से अंतिम बार विदा कर रहे हैं। इन सब बातों को याद करके मां का बुरा हाल हो रहा है। घरवालों ने बताया कि शहीद हुए लाल से उनकी शाम को करीब छह बजे बातचीत हुई थी।
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