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आगरा: फ्लैट देने के नाम पर युवक से ऐसे ठगे 18 लाख रुपये
Updated Tue, 19 Dec 2017 11:13 PM IST
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आगरा। शमसाबाद रोड स्थित विमल एंक्लेव निवासी रोनित शर्मा की पत्नी रेनू द्विवेदी ने नाई की मंडी थाना में तीन लोगों के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी, चोरी की धाराओं में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है।
इन लोगों पर फ्लैट देने के नाम पर 18 लाख रुपये की ठगी किए जाने का आरोप है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने यह केस दर्ज किया है।
रेनू द्विवेदी का कहना है कि उन्होंने गुलमोहन एंक्लेव निवासी विष्णु प्रकाश रावत, उनकी पत्नी मनोरमा रावत और गांव रजरई के विवेक कुमार ने यह धोखाधड़ी और जालसाजी की है। उन्होंने फ्लैट बेचने के बदले दो बार में 18 लाख रुपये लिए।
फ्लैट की हालत खराब थी, उन्होंने उसमें 22 लाख रुपये लगा दिए। इसकेबाद फ्लैट का बैनामा नहीं किया। पूरा मामला दिसंबर 2014 का है। जिस फ्लैट को बेचने कौ सौदा किया था, उस पर पहले से ही बैंक का लोन था। बैंक कर्मचारियों ने घर को नीलाम करने के लिए उनका सामान बाहर फेंक दिया।
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रेनू द्विवेदी का कहना है कि उन्होंने अपना पैसा वापस मांगा, तो विष्णु रावत ने रिवाल्वर तान दी। उनके पति को भी पीटा गया। इसकी शिकायत पुलिस से की गई तो उसने फर्जी रसीद दिखा दी। इसे उसने खुद तैयार किया है, इस पर दर्शाया गया है कि पूरा पैसा चुकता किया जा चुका है जबकि हकीकत में कोई रकम नहीं दी गई है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो उन्होंने कोर्ट की शरण ली।
25 करोड़ की ठगी का आरोप
रेनू द्विवेदी ने तहरीर में लिखा है कि आरोपी 200 लोगों को इसी तरह चूना लगा चुके हैं। यह ठगी कुल मिलाकर 25 करोड़ रुपये की है। एफआईआर में इसका जिक्र है लेकिन किसी अन्य पीड़ित का नाम नहीं है। न ही इस बात का ब्योरा है कि किससे कितने पैसे ठगे गए।
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इन लोगों पर फ्लैट देने के नाम पर 18 लाख रुपये की ठगी किए जाने का आरोप है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने यह केस दर्ज किया है।
रेनू द्विवेदी का कहना है कि उन्होंने गुलमोहन एंक्लेव निवासी विष्णु प्रकाश रावत, उनकी पत्नी मनोरमा रावत और गांव रजरई के विवेक कुमार ने यह धोखाधड़ी और जालसाजी की है। उन्होंने फ्लैट बेचने के बदले दो बार में 18 लाख रुपये लिए।
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फ्लैट की हालत खराब थी, उन्होंने उसमें 22 लाख रुपये लगा दिए। इसकेबाद फ्लैट का बैनामा नहीं किया। पूरा मामला दिसंबर 2014 का है। जिस फ्लैट को बेचने कौ सौदा किया था, उस पर पहले से ही बैंक का लोन था। बैंक कर्मचारियों ने घर को नीलाम करने के लिए उनका सामान बाहर फेंक दिया।
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रेनू द्विवेदी का कहना है कि उन्होंने अपना पैसा वापस मांगा, तो विष्णु रावत ने रिवाल्वर तान दी। उनके पति को भी पीटा गया। इसकी शिकायत पुलिस से की गई तो उसने फर्जी रसीद दिखा दी। इसे उसने खुद तैयार किया है, इस पर दर्शाया गया है कि पूरा पैसा चुकता किया जा चुका है जबकि हकीकत में कोई रकम नहीं दी गई है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो उन्होंने कोर्ट की शरण ली।
25 करोड़ की ठगी का आरोप
रेनू द्विवेदी ने तहरीर में लिखा है कि आरोपी 200 लोगों को इसी तरह चूना लगा चुके हैं। यह ठगी कुल मिलाकर 25 करोड़ रुपये की है। एफआईआर में इसका जिक्र है लेकिन किसी अन्य पीड़ित का नाम नहीं है। न ही इस बात का ब्योरा है कि किससे कितने पैसे ठगे गए।