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बाढ़ के दवाब से बांधों में आई दरार, ग्रामीण दहशत में
Updated Tue, 08 Aug 2017 10:52 PM IST
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बलिया रिंग बंध्ाा
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कासगंज।
गंगा की बाढ़ का पानी बांधों को भी नुकसान पहुुंचा रहा है। पानी के दबाव के चलते शहवाजपुर के बांधों में दरार आ गई। जिससे बाढ़ का पानी तटवर्ती गांव की ओर भरने लगा।
गौरतलब है कि शहवाजपुर बांध सहावर इलाके का प्रमुख बांध है। इसके आस पास दर्जनभर गांव हैं। बांध के कटने से आसपास के गांव को खतरा हो जाता है। सोमवार की रात्रि को बांध में दरार आ गईं। इससे आस पास के गांव की ओर बांध के पानी का रुख हो गया। बरौना गांव में पश्चिमी किनारे पर बांध लगा हुआ है। यहां भी बाढ़ में दबाव की स्थिति पैदा हो गई। गांव के लोग स्वयं बांध की मरम्मत में जुट गए।
पांच हजार की आबादी वाले इस गांव में 2010 की बाढ़ में काफी तबाही हुई थी। तबाही से बचने के लिए ग्रामीण मरम्मत में जुट गए हैं। ग्रामीण अनोखे लाल, रामभरोसे, वीरपाल, साहब सिंह, महेंद्र पाल, यादराम, नरेश बघेल, भूरे सूबेदार, रमेश कश्यप, दयाराम आदि ने बताया कि गांव में बाढ़ का काफी पानी भर चुका है यदि बांध कट गया तो पूरा गांव की डूब जाएगा। असदगढ़ बांध और जगमई बांध पर भी पानी का काफी दबाव बढ़ गया है। उढ़ेर और न्यौली बांध पर भी पानी का दबाव बढ़ा हुआ है।
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पटियाली के एसडीएम जैनेंद्र सिंह ने शहवाज पुर एवं बरौना गांव में पहुंचकर ग्रामीणों को मदद का भरोसा दिया। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता कमलेश कुमार ने अपनी टीम के साथ शहवाजपुर और बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और शहवाजपुर बांध के मरम्मत कार्य का निरीक्षण भी किया।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष के सहायक बाढ़ प्रभारी एके सिंह ने कहा कि मंगलवार को गंगा का जलस्तर 10 सेंटीमीटर बढ़ गया। नरौरा से पानी का डिस्चार्ज सोमवार के मुकाबले 2 लाख क्यूसेक से ऊपर बना रहा। सायं चार बजे करीब 5 हजार क्यूसेक पानी के डिस्चार्ज में कमी आई है। बुधवार को पानी और कम होने की उम्मीद है।
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गंगा की बाढ़ का पानी बांधों को भी नुकसान पहुुंचा रहा है। पानी के दबाव के चलते शहवाजपुर के बांधों में दरार आ गई। जिससे बाढ़ का पानी तटवर्ती गांव की ओर भरने लगा।
गौरतलब है कि शहवाजपुर बांध सहावर इलाके का प्रमुख बांध है। इसके आस पास दर्जनभर गांव हैं। बांध के कटने से आसपास के गांव को खतरा हो जाता है। सोमवार की रात्रि को बांध में दरार आ गईं। इससे आस पास के गांव की ओर बांध के पानी का रुख हो गया। बरौना गांव में पश्चिमी किनारे पर बांध लगा हुआ है। यहां भी बाढ़ में दबाव की स्थिति पैदा हो गई। गांव के लोग स्वयं बांध की मरम्मत में जुट गए।
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पांच हजार की आबादी वाले इस गांव में 2010 की बाढ़ में काफी तबाही हुई थी। तबाही से बचने के लिए ग्रामीण मरम्मत में जुट गए हैं। ग्रामीण अनोखे लाल, रामभरोसे, वीरपाल, साहब सिंह, महेंद्र पाल, यादराम, नरेश बघेल, भूरे सूबेदार, रमेश कश्यप, दयाराम आदि ने बताया कि गांव में बाढ़ का काफी पानी भर चुका है यदि बांध कट गया तो पूरा गांव की डूब जाएगा। असदगढ़ बांध और जगमई बांध पर भी पानी का काफी दबाव बढ़ गया है। उढ़ेर और न्यौली बांध पर भी पानी का दबाव बढ़ा हुआ है।
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पटियाली के एसडीएम जैनेंद्र सिंह ने शहवाज पुर एवं बरौना गांव में पहुंचकर ग्रामीणों को मदद का भरोसा दिया। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता कमलेश कुमार ने अपनी टीम के साथ शहवाजपुर और बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और शहवाजपुर बांध के मरम्मत कार्य का निरीक्षण भी किया।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष के सहायक बाढ़ प्रभारी एके सिंह ने कहा कि मंगलवार को गंगा का जलस्तर 10 सेंटीमीटर बढ़ गया। नरौरा से पानी का डिस्चार्ज सोमवार के मुकाबले 2 लाख क्यूसेक से ऊपर बना रहा। सायं चार बजे करीब 5 हजार क्यूसेक पानी के डिस्चार्ज में कमी आई है। बुधवार को पानी और कम होने की उम्मीद है।