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अपहरण का सच जानने पानीपत पहुंची पुलिस
Updated Tue, 01 Aug 2017 12:17 AM IST
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संजीव गुप्ता।
- फोटो : अमर उजाला
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फिरोजाबाद। उद्योगपति संजीव गुप्ता द्वारा रची गई अपहरण की कहानी की सच्चाई जानने को पुलिस ने कार्रवाई को गति देना शुरू कर दिया है। इसी शृंखला में सोमवार को पुलिस टीम पानीपत के लिए रवाना की गई। 28 जुलाई शुक्रवार की शाम छह बजे बरामद किया था।
पुलिस ने संजीव को 28 जुलाई को पानीपत के स्वर्ण महल होटल के बाहर से बरादम किया था। पुलिस लाइन सभागार में चली पूछताछ के बाद उद्योगपति के घर पर भी बयान दर्ज किए गए। इसके बाद भी अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि संजीव गुप्ता का अपहरण हुआ था अथवा नहीं। मामले का सच जानने के लिए पुलिस की एक टीम सोमवार को जिले से पानीपत के लिए रवाना हो गई। टीम होटल स्वर्णमहल में लगे सीसीटीवी कैमरों के खंगालने के साथ ही यह भी जांच करेगी कि उद्योगपति यहां रुके थे अथवा नहीं। यदि वह रुके तो होटल का कमरा किस के नाम पर बुक कराया गया और वह यहां कितने दिनों तक रहे। उनके साथ कौन कौन मौजूद था। पुलिस होेटल कर्मचारियों से भी पूछताछ करेगी। चडीगढ़ के साथ जम्मू में संजीव गुप्ता कहां-कहां रुके। साथ ही अन्य बिंदुओं पर भी जांच कर सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले जाएंगे।
बिना अनुमति के नहीं मिलता कोठी में प्रवेश
फिरोजाबाद। आर्चिट ग्रीन स्थित संजीव गुप्ता की कोठी पर तीसरे दिन भी पुलिस का पहरा रहा। इस दौरान संजीव गुप्ता और उनके परिवारीजनों ने कोठी के बाहर कदम नहीं रखा। वहीं कोठी के अंदर पुलिस केवल उन्हीं लोगों को प्रवेश करने दे रही है, जिसकी अनुमति संजीव गुप्ता या फिर उनकी पत्नी द्वारा दी जाती है। अनुमति न मिलने पर किसी भी व्यक्ति को कोठी के अंदर कदम तक नहीं रखने दिया जा रहा।
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संजीव गुप्ता की बरामदगी बरामदगी के बाद कोठी के अंदर और बाहर सन्नाटा पसरा दिखाई देता है। नातेरिश्तेदारों की बात तो दूर परिचित भी संजीव गुप्ता से मिलने को उनकी कोठी पर नहीं पहुंच रहे। संजीव गुप्ता और उनके परिवारीजनों पर पुलिस जहां 24 घंटे नजर रखे हुए है। वहीं कोठी के अंदर केवल उन्हीं लोगों को प्रवेश दिया जा रहा है, जिनके कोठी के अंदर आने की अनुमति संजीव गुप्ता या फिर उनकी पत्नी सारिका गुप्ता द्वारा दी जाती है। सोमवार दोपहर करीब दो बजे तक संजीव गुप्ता से मिलने के लिए कोई भी व्यक्ति उनकी कोठी पर नहीं पहुंचा और न ही संजीव गुप्ता और उनकी पत्नी ने कोठी से बाहर कदम रखा।
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पुलिस ने संजीव को 28 जुलाई को पानीपत के स्वर्ण महल होटल के बाहर से बरादम किया था। पुलिस लाइन सभागार में चली पूछताछ के बाद उद्योगपति के घर पर भी बयान दर्ज किए गए। इसके बाद भी अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि संजीव गुप्ता का अपहरण हुआ था अथवा नहीं। मामले का सच जानने के लिए पुलिस की एक टीम सोमवार को जिले से पानीपत के लिए रवाना हो गई। टीम होटल स्वर्णमहल में लगे सीसीटीवी कैमरों के खंगालने के साथ ही यह भी जांच करेगी कि उद्योगपति यहां रुके थे अथवा नहीं। यदि वह रुके तो होटल का कमरा किस के नाम पर बुक कराया गया और वह यहां कितने दिनों तक रहे। उनके साथ कौन कौन मौजूद था। पुलिस होेटल कर्मचारियों से भी पूछताछ करेगी। चडीगढ़ के साथ जम्मू में संजीव गुप्ता कहां-कहां रुके। साथ ही अन्य बिंदुओं पर भी जांच कर सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले जाएंगे।
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बिना अनुमति के नहीं मिलता कोठी में प्रवेश
फिरोजाबाद। आर्चिट ग्रीन स्थित संजीव गुप्ता की कोठी पर तीसरे दिन भी पुलिस का पहरा रहा। इस दौरान संजीव गुप्ता और उनके परिवारीजनों ने कोठी के बाहर कदम नहीं रखा। वहीं कोठी के अंदर पुलिस केवल उन्हीं लोगों को प्रवेश करने दे रही है, जिसकी अनुमति संजीव गुप्ता या फिर उनकी पत्नी द्वारा दी जाती है। अनुमति न मिलने पर किसी भी व्यक्ति को कोठी के अंदर कदम तक नहीं रखने दिया जा रहा।
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संजीव गुप्ता की बरामदगी बरामदगी के बाद कोठी के अंदर और बाहर सन्नाटा पसरा दिखाई देता है। नातेरिश्तेदारों की बात तो दूर परिचित भी संजीव गुप्ता से मिलने को उनकी कोठी पर नहीं पहुंच रहे। संजीव गुप्ता और उनके परिवारीजनों पर पुलिस जहां 24 घंटे नजर रखे हुए है। वहीं कोठी के अंदर केवल उन्हीं लोगों को प्रवेश दिया जा रहा है, जिनके कोठी के अंदर आने की अनुमति संजीव गुप्ता या फिर उनकी पत्नी सारिका गुप्ता द्वारा दी जाती है। सोमवार दोपहर करीब दो बजे तक संजीव गुप्ता से मिलने के लिए कोई भी व्यक्ति उनकी कोठी पर नहीं पहुंचा और न ही संजीव गुप्ता और उनकी पत्नी ने कोठी से बाहर कदम रखा।