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पालिका ने बिना अनुमति के लगवाई विवेकानंद की प्रतिमा
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टूंडला (फिरोजाबाद)। एबीवीपी की मांग को लेकर स्टेशन रोड पर लगाई जा रही स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा को लेकर शनिवार को प्रशासन और भाजपाई आमने-सामने आ गए। एसडीएम की रोक के बावजूद जबरन प्रतिमा स्थापित कर दी गई। अधिकारी कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
अखिल भारती विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों ने करीब एक वर्ष पूर्व, पालिकाध्यक्ष रामबहादुर चक से राजकीय बालिका इंटर कालेज के सामने स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा लगाने की मांग की थी।
इस पर पालिकाध्यक्ष ने उन्हें आश्वासन देते हुए भूमि पूजन किया था। शनिवार दोपहर करीब 11 बजे पालिका द्वारा मूर्ति की स्थापना कराई जा रही थी। 12 जनवरी को उनकी जयंती पर प्रतिमा का अनावरण होना था।
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थाना दिवस से लौट रहे एसडीएम रामसूरत पांडेय ने बिना अनुमति के मूर्ति लगते देखी तो विरोध करते हुए काम बंद करा दिया। उन्होंने थाना प्रभारी बीडी पांडेय को प्रतिमा न लगने देने के निर्देश दिए।
सूचना पर थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ पहुंच गए। एसडीएम को मीटिंग में जाना था, तो वे वहां से चले गये। काम बंद होने की जानकारी होने पर भाजपा नगर अध्यक्ष सतेंद्र गुप्ता व भाजपाई पहुंच गए।
उन्होंने एसडीएम पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। रोक के बावजूद जबरन प्रतिमा स्थापित करा दी। इस दौरान पुलिस मूक दर्शक बनी रही।
अखिल भारती विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों ने करीब एक वर्ष पूर्व, पालिकाध्यक्ष रामबहादुर चक से राजकीय बालिका इंटर कालेज के सामने स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा लगाने की मांग की थी।
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इस पर पालिकाध्यक्ष ने उन्हें आश्वासन देते हुए भूमि पूजन किया था। शनिवार दोपहर करीब 11 बजे पालिका द्वारा मूर्ति की स्थापना कराई जा रही थी। 12 जनवरी को उनकी जयंती पर प्रतिमा का अनावरण होना था।
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थाना दिवस से लौट रहे एसडीएम रामसूरत पांडेय ने बिना अनुमति के मूर्ति लगते देखी तो विरोध करते हुए काम बंद करा दिया। उन्होंने थाना प्रभारी बीडी पांडेय को प्रतिमा न लगने देने के निर्देश दिए।
सूचना पर थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ पहुंच गए। एसडीएम को मीटिंग में जाना था, तो वे वहां से चले गये। काम बंद होने की जानकारी होने पर भाजपा नगर अध्यक्ष सतेंद्र गुप्ता व भाजपाई पहुंच गए।
उन्होंने एसडीएम पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। रोक के बावजूद जबरन प्रतिमा स्थापित करा दी। इस दौरान पुलिस मूक दर्शक बनी रही।