{"_id":"5b4793234f1c1b5d478b6412","slug":"171531417379-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब ठाकुरजी पालिथीन में स्वीकार नहीं करेंगे भोग-प्रसाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब ठाकुरजी पालिथीन में स्वीकार नहीं करेंगे भोग-प्रसाद
Updated Thu, 12 Jul 2018 11:20 PM IST
विज्ञापन
जब्त पालिथीन के साथ अधिकारी।
- फोटो : Amar ujala
मथुरा। प्रदेश में प्रभावी होने जा रहे पालिथीन प्रतिबंध का अनुपालन मंदिरों में भी नजर आएगा। बलदेव में दाऊ बाबा मंदिर के साथ महावन के मंदिरों में भी ठाकुरजी अब पालिथीन में भोग-प्रसाद स्वीकार नहीं करेंगे। इसके लिए मंदिरों के सेवायतों के साथ प्रशासन की सहमति बन गई है।
15 जुलाई से प्रदेश में पालिथीन पूर्णतय प्रतिबंधित होने जा रही है। इस आदेश को तीन माह के दौरान पूरी तरह से अमल में लाने के निर्देश है। इसके लिए मुख्यमंत्री का सबसे पहला फोकस धार्मिक नगरी बनारस, मथुरा, इलाहाबाद और अयोध्या के साथ आगरा भी है। इसका संकेत उन्होंने संबंधित जिलों के डीएम से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से दे दिए हैं।
इस पर अमल के लिए गुरुवार को निकाय प्रभारी एडीएम एलओ रमेशचंद ने महावन और बलदेव में मंदिर प्रबंधन, सेवायतों के साथ चेयरमैन, सभासद, व्यापारी, गणमान्य लोगों के साथ बैठक की हैं। इसमें सभी को पालिथीन प्रतिबंधित करने के लिए प्रशासनिक प्लानिंग से अवगत कराया गया।
विज्ञापन
खासकर बलदेव और महावन के मंदिरों के सेवायतों के साथ मंदिर परिसर को पालिथीन मुक्त करने पर सहमति बनाई। तय हुआ कि संबंधित मंदिरों में ठाकुर जी को लगने वाला प्रसाद पालिथीन में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
15 जुलाई से प्रदेश में पालिथीन पूर्णतय प्रतिबंधित होने जा रही है। इस आदेश को तीन माह के दौरान पूरी तरह से अमल में लाने के निर्देश है। इसके लिए मुख्यमंत्री का सबसे पहला फोकस धार्मिक नगरी बनारस, मथुरा, इलाहाबाद और अयोध्या के साथ आगरा भी है। इसका संकेत उन्होंने संबंधित जिलों के डीएम से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से दे दिए हैं।
विज्ञापन
इस पर अमल के लिए गुरुवार को निकाय प्रभारी एडीएम एलओ रमेशचंद ने महावन और बलदेव में मंदिर प्रबंधन, सेवायतों के साथ चेयरमैन, सभासद, व्यापारी, गणमान्य लोगों के साथ बैठक की हैं। इसमें सभी को पालिथीन प्रतिबंधित करने के लिए प्रशासनिक प्लानिंग से अवगत कराया गया।
विज्ञापन
खासकर बलदेव और महावन के मंदिरों के सेवायतों के साथ मंदिर परिसर को पालिथीन मुक्त करने पर सहमति बनाई। तय हुआ कि संबंधित मंदिरों में ठाकुर जी को लगने वाला प्रसाद पालिथीन में स्वीकार नहीं किया जाएगा।