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पूर्व विधायक और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ होगी एफआईआर
Updated Sun, 17 Jun 2018 11:00 PM IST
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पूर्व विधायक और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ होगी एफआईआर
- फोटो : अमर उजाला
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एटा।
सपा सरकार में अलीगंज से विधायक रहे रामेश्वर सिंह यादव और उनके भाई पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव के खिलाफ अवैध कब्जों को लेकर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। शासन ने आय से अधिक संपत्ति मामले में दोनों भाइयों के खिलाफ एसआईटी से जांच कराने की संस्तुति की है। इससे पहले गृह विभाग ने राजस्व विभाग के सचिव को पत्र लिखकर रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। गृह विभाग के निर्देश मिलने के बाद डीएम एटा को अवैध कब्जों को लेकर रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कहा गया है। इसे लेकर जिले के सपा नेताओं में हड़कंप मच गया है।
दरअसल, पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव ने विस चुनाव के नामांकन के दौरान अपनी संपत्ति के ब्यौरे में करोड़ों रुपये की जमीनें और आय दिखाई थी। चुनाव बीतने के बाद भाजपा सरकार बनी, तो शासन से दोनों भाइयों की संपत्ति को लेकर शिकायत की गई। शिकायत में वर्ष 2012 से पहले की संपत्ति की तुलना करते हुए जांच की मांग की गई। शासन से मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच के लिए विशेष टास्क फोर्स का गठन किया। जिसका प्रमुख अलीगढ़ के अपर आयुक्त प्रशासन को बनाया गया। मामले में जांच टीम ने दोनों नेताओं को नोटिस जारी करते हुए संपत्ति का ब्यौरा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। आयुक्त अलीगढ़ मंडल ने जांच के बाद शासन को आख्या सौंपी। इसके बाद गृह विभाग ने पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पूरे मामले की जांच एसआईटी से कराने का निर्णय लिया गया है। शासन के गृह विभाग के विशेष सचिव अखिलेश तिवारी और राजस्व अनुभाग के विशेष सचिव सुधीर सिंह चौहान ने डीएम एटा को दोनों सपा नेताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर प्रतियां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उधर, जिले के प्रमुख नेताओं के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सपा नेताओं में हलचल मच गई है।
लखनऊ समेत कई जिलों में अवैध कब्जे
दरअसल, पूर्व विधायक और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पर जमीन पर कब्जे करने के आरोप में कई जिलों में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। मामले में लखनऊ, आगरा, कानपुर और नोएडा में रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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इनका कहना है
प्रमुख सचिव और मंडलायुक्त के आदेश पर दोनों सपा नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। इसकी सूचना शासन को भेजी जाएगी। अमित किशोर, डीएम एटा
हमारे पास करोड़ों रुपए बैंक का कर्ज है। हमने जो भी खरीदा है। उसका टैक्स अदा किया है। हमने किसी पर कहीं कोई अवैध रुप से कब्जा नहीं किया है। हम पिछले 30 साल से ठेकेदारी का काम कर रहे हैं। राजनैतिक रुप से हमे परेशान किया जा रहा है।
रामेश्वर सिंह यादव, पूर्व विधायक
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सपा सरकार में अलीगंज से विधायक रहे रामेश्वर सिंह यादव और उनके भाई पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव के खिलाफ अवैध कब्जों को लेकर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। शासन ने आय से अधिक संपत्ति मामले में दोनों भाइयों के खिलाफ एसआईटी से जांच कराने की संस्तुति की है। इससे पहले गृह विभाग ने राजस्व विभाग के सचिव को पत्र लिखकर रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। गृह विभाग के निर्देश मिलने के बाद डीएम एटा को अवैध कब्जों को लेकर रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कहा गया है। इसे लेकर जिले के सपा नेताओं में हड़कंप मच गया है।
दरअसल, पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव ने विस चुनाव के नामांकन के दौरान अपनी संपत्ति के ब्यौरे में करोड़ों रुपये की जमीनें और आय दिखाई थी। चुनाव बीतने के बाद भाजपा सरकार बनी, तो शासन से दोनों भाइयों की संपत्ति को लेकर शिकायत की गई। शिकायत में वर्ष 2012 से पहले की संपत्ति की तुलना करते हुए जांच की मांग की गई। शासन से मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच के लिए विशेष टास्क फोर्स का गठन किया। जिसका प्रमुख अलीगढ़ के अपर आयुक्त प्रशासन को बनाया गया। मामले में जांच टीम ने दोनों नेताओं को नोटिस जारी करते हुए संपत्ति का ब्यौरा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। आयुक्त अलीगढ़ मंडल ने जांच के बाद शासन को आख्या सौंपी। इसके बाद गृह विभाग ने पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पूरे मामले की जांच एसआईटी से कराने का निर्णय लिया गया है। शासन के गृह विभाग के विशेष सचिव अखिलेश तिवारी और राजस्व अनुभाग के विशेष सचिव सुधीर सिंह चौहान ने डीएम एटा को दोनों सपा नेताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर प्रतियां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उधर, जिले के प्रमुख नेताओं के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सपा नेताओं में हलचल मच गई है।
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लखनऊ समेत कई जिलों में अवैध कब्जे
दरअसल, पूर्व विधायक और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पर जमीन पर कब्जे करने के आरोप में कई जिलों में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। मामले में लखनऊ, आगरा, कानपुर और नोएडा में रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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इनका कहना है
प्रमुख सचिव और मंडलायुक्त के आदेश पर दोनों सपा नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। इसकी सूचना शासन को भेजी जाएगी। अमित किशोर, डीएम एटा
हमारे पास करोड़ों रुपए बैंक का कर्ज है। हमने जो भी खरीदा है। उसका टैक्स अदा किया है। हमने किसी पर कहीं कोई अवैध रुप से कब्जा नहीं किया है। हम पिछले 30 साल से ठेकेदारी का काम कर रहे हैं। राजनैतिक रुप से हमे परेशान किया जा रहा है।
रामेश्वर सिंह यादव, पूर्व विधायक