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मिट्टी की जांच के नाम पर हो रहा खिलवाड़
Updated Thu, 08 Mar 2018 08:34 PM IST
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- फोटो : डेमो
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मथुरा। खेतों की मिट्टी की जांच के नाम पर बड़ा खिलवाड़ किया जा रहा था। जिस मशीन को इंजीनियर कबाड़ घोषित कर चुके थे उससे परीक्षण कराया जा रहा था। इस मशीन से परीक्षण के जो नतीजे आ रहे थे वह भी गुणवत्तापरक नहीं थे। अब इस नमूनों की जांच आगरा की एजेंसी से कराई जाएगी।
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केंद्र सरकार ने 2022 तक किसानों की आमदनी दो गुना कराने की घोषणा की है। इसमें फसल की उपज बढ़ाने के लिए मिट्टी की जांच कराकर खेती करना अहम है। इसके लिए जनपद में हर साल डेढ़ लाख से अधिक मिट्टी के नमूनों की जांच कराई जानी है, लेकिन राया स्थित कृषि रक्षा इकाई केंद्र पर आठ साल पुरानी मशीन से मिट्टी की जांच की जा रही थी। पुरानी मशीन से मिट्टी के सूक्ष्म पोषक तत्वों की जांच के परिणाम सहीं नहीं आ रहे थे, वहीं जांच करने की प्रक्रिया बहुत धीमी थी। गत दिनों उस मशीन को इंजीनियरों ने (बाईयोंड इकोनोमिक रिपेयर) कबाड़ घोषित कर दिया। अब किसानों के 37 हजार मिट्टी के नमूने जांच के लिए रखे हैं।
‘राया स्थित कृषि शोध केंद्र पर मिट्टी के नमूनों की जांच वाली मशीन आठ साल पुरानी थी। मशीन ठीक से काम नहीं कर रही थी। नमूनों के परिणाम आशा के अनुरूप नहीं थे, उसे कबाड़ घोषित कर दिया है। नई मशीन को लिखा गया है। जब तक आगरा की एजेंसी से 37 हजार नमूनोें की जांच कराई जाएगी’
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उमाशंकर शाक्य, उपकृषि निदेशक शोध