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गंगा में बाढ़ के हालत, दुकानदारों ने समेटा सामान

Thu, 03 Aug 2017 11:10 PM IST
Updated Thu, 03 Aug 2017 11:10 PM IST
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गंगा में बाढ़ के हालत, दुकानदारों ने समेटा सामान
गंगा में आई बाढ़ के दौरान शुक्रवार को गायत्री शक्तिपीठ के बाहर बने मार्ग को काटकर बहता नदी का पानी।
कासगंज।
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गंगा में आए उफान ने जिले में मीडियम फ्लड के हालात पैदा कर दिए हैं। दो दर्जन से अधिक गांव के समीप तक गंगा के पानी की दस्तक हो चुकी है। गंगाघाटों पर बनी दुकानों और आबादी के नजदीक तक पानी की दस्तक हो चुकी है। घाट के तमाम दुकानदारों ने अपनी अस्थायी दुकानों के ढांचे, सामान समेट लिया है।
गौरतलब है कि गंगा में गुरुवार को मीडियम फ्लड होने के संकेत बुधवार को मिलने लगे थे। मीडियम फ्लड के हालातों को लेकर पहले ही तटवर्ती इलाकों के ग्रामीण एवं राजस्व टीमें चौकन्नीं थीं। सिंचाई विभाग ने भी गंगा के पानी को रोकने के लिए बनाए गए कच्चे बांधों का निरीक्षण किया था। इससे कहीं कोई बांध और न कट जाए।
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गुरुवार को गंगा में नरौरा बैराज से 172212 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज कछला ब्रिज की ओर था। यह डिस्चार्ज बुधवार के मुकाबले 43 हजार क्यूसेक अधिक था। कछला ब्रिज पर जलस्तर का गेज 163.60 मीटर के निशान पर जा पहुंचा। बुधवार को यह निशान 163.40 के निशान पर था। सोरों के तटवर्ती इलाके दतलाना, उढ़ेर, लहरा, खड़ेरी आदि गांव के नजदीक तक खेत खलियानों में पानी की दस्तक पहुंचने लगी। पटियाली के कादरगंज इलाके में भी पानी खेतों में भर गया। इससे ग्रामीणों को अपनी फसलों के बर्बाद होने का डर सताने लगा। उढ़ेर और न्यौली बांध पर भी जलस्तर काफी बढ़ गया।
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गंगा में दो फुट पानी बढ़ गया है। श्रद्धालुओं के लिए बढ़ा हुआ जलस्तर खतरनाक है। पानी बढ़ने के कारण दिन रात निगरानी की जा रही है। इससे हालात बढ़ने पर बचाव किया जा सके। चिक्कू लाल शर्मा, कछला
गंगा का बढ़ा हुआ पानी खतरनाक होता जा रहा है। गंगा की धार घाट के आस पास कटान कर सकती है। यदि धार ने कटान किया तो कई पेड़ और घाट का काफी हिस्सा कट सकता है। प्रताप सिंह श्रीवास्तव

गंगा में जलस्तर वृद्धि के साथ ही गुरुवार को मीडियम फ्लड के हालात हो गए। इससे कुछ गांव के बाहरी इलाकों तक ही पानी पहुंच गया। शीघ्र ही जलस्तर में गिरावट आएगी। क्योंकि हरिद्वार और बिजनौर पर पानी का दबाव कम हुआ है। एके सिंह सहायक बाढ़ प्रभारी

नॉर्मल फ्लड- 30 हजार से एक लाख क्यूसेक तक ।
लो फ्लड- एक लाख से 1.50 लाख क्यूसेक तक ।
मीडियम फ्लड- 1.50 लाख से 2.50 लाख क्यूसेक तक ।
डेंजर फ्लड- 2.50 लाख से 3 लाख क्यूसेक तक।
हाई फ्लड- 3 लाख क्यूसेक से ऊपर।
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