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गर्मी आते ही बढ़ने लगी पानी की किल्लत
Updated Fri, 23 Mar 2018 11:24 PM IST
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water
- फोटो : amar ujala
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कासगंज। गर्मी शुरू होते ही जिले में पानी की मांग बढ़ने लगी है तो वाटर लेबर घटने लगा है। ऐसे में पानी की मात्रा घटने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत को पंचायतें गंभीर नहीं है, जिससे लोगों के सामने अभी से पेयजल का संकट पैदा हो गया है। आने वाले दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाएगी।
जिले में 423 ग्राम पंचायतें हैं। इन ग्राम पंचायतों में रहने वाली करीब 12 लाख की आबादी के लिए 18399 हैंडपंप लगे हुए हैं। शासन से ग्राम पंचायतों के विकास के लिए प्रतिवर्ष लाखों रुपये दिया जाता है। प्रशासन से हैंडपंपों के रखरखाव की व्यवस्था जल निगम से हटाकर ग्राम पंचायतों के सुपुर्द कर दी है ताकि समय से इनकी रिवारे या मरम्मत का कार्य हो सके। लेकिन ग्राम पंचायतों के आधीन व्यवस्था होने से स्थिति और भी खराब हो गई है।
अब गर्मी शुरू होते ही पेयजल डिमांड भी बढ़ने लगी है। ग्राम पंचायतों में 2429 हैंडपंप तो मामूली सी मरम्मत का इंतजार कर रहे हैं। जबकि रिवोर होने वाले हैंडपंपों की संख्या 1057 है। जब भीषण गर्मी पड़ेगी तो इस आंकड़े में और भी वृद्धि होना लाजमी है। ऐसी स्थिति में ग्रामीणों के सामने पेयजल के लिए क्या हालात बनेंगे स्वयं अंदाजा लगाया जा सकता है।
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ईशेपुर निवासी होडल सिंह का कहना है कि उनके गांव में 4 हैंडपंप दो साल से खराब पड़े हैं। महावर निवासी महेश ने बताया कि उनके गांव में 6 हैंडपंप महीनों से खराब पड़े हैं। जिससे काफी दिक्कतें होती हैं।
जनपद में विकास खंडवार हैंडपंप की स्थिति
विकास खंड कुल हैंडपंप अस्थाई खराब रिवोर
कासगंज 4286 300 232
सोरों 3080 679 174
सहावर 1956 227 106
अमापुर 2347 275 137
गंजडुडवारा 2169 460 132
पटियाली 2372 315 146
सिढ़पुरा 2189 173 130
हैंडपंप के रखरखाव में निकाएं भी नहीं गंभीर
सोरों/ सहावर/ पटियाली/ मोहनपुर। जनपद में स्थानीय निकाय प्रशासन भी हैंडपंपों की मरम्मत को गंभीर नजर नहीं आती। इनमें महीनों हैंडपंप खराब पड़े रहते है, जिससे लोगों को दिक्कतें होती रहती है। यदि निकायों के हालात पर नजर डाली जाए तो कासगंज नगर पालिका में 650 हैंडपंप लगे हुए हैं। इनमें ंसे 4 रिवोर होने हैं।
सोरों में 235 में से 25 रिवोर होने को हैं। पटियाली में 250 में से 6, मोहनपुर में 81 में से 6, सहावर मे 153 में 3, बिलराम में 230 में से 3 हैंडपंप रिवोर होने हैं। जिन क्षेत्रों में ये हैंडपंप खराब पड़े हैं उनके वाशिंदे पेयजल का परेशान है। काफी समय से खराब पड़े इन हैंडपंपों को ठीक कराने को निकाय प्रशासन गंभीरता नहीं दिखा रहे।
ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंप की मरम्मत व रिवोर का कार्य ग्राम पंचायत स्तर से किया जाता है। जलनिगम मात्र सर्वे का कार्य कराता है। - डीके सिंह अधिशासी अभियंता जल निगम
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जिले में 423 ग्राम पंचायतें हैं। इन ग्राम पंचायतों में रहने वाली करीब 12 लाख की आबादी के लिए 18399 हैंडपंप लगे हुए हैं। शासन से ग्राम पंचायतों के विकास के लिए प्रतिवर्ष लाखों रुपये दिया जाता है। प्रशासन से हैंडपंपों के रखरखाव की व्यवस्था जल निगम से हटाकर ग्राम पंचायतों के सुपुर्द कर दी है ताकि समय से इनकी रिवारे या मरम्मत का कार्य हो सके। लेकिन ग्राम पंचायतों के आधीन व्यवस्था होने से स्थिति और भी खराब हो गई है।
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अब गर्मी शुरू होते ही पेयजल डिमांड भी बढ़ने लगी है। ग्राम पंचायतों में 2429 हैंडपंप तो मामूली सी मरम्मत का इंतजार कर रहे हैं। जबकि रिवोर होने वाले हैंडपंपों की संख्या 1057 है। जब भीषण गर्मी पड़ेगी तो इस आंकड़े में और भी वृद्धि होना लाजमी है। ऐसी स्थिति में ग्रामीणों के सामने पेयजल के लिए क्या हालात बनेंगे स्वयं अंदाजा लगाया जा सकता है।
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ईशेपुर निवासी होडल सिंह का कहना है कि उनके गांव में 4 हैंडपंप दो साल से खराब पड़े हैं। महावर निवासी महेश ने बताया कि उनके गांव में 6 हैंडपंप महीनों से खराब पड़े हैं। जिससे काफी दिक्कतें होती हैं।
जनपद में विकास खंडवार हैंडपंप की स्थिति
विकास खंड कुल हैंडपंप अस्थाई खराब रिवोर
कासगंज 4286 300 232
सोरों 3080 679 174
सहावर 1956 227 106
अमापुर 2347 275 137
गंजडुडवारा 2169 460 132
पटियाली 2372 315 146
सिढ़पुरा 2189 173 130
हैंडपंप के रखरखाव में निकाएं भी नहीं गंभीर
सोरों/ सहावर/ पटियाली/ मोहनपुर। जनपद में स्थानीय निकाय प्रशासन भी हैंडपंपों की मरम्मत को गंभीर नजर नहीं आती। इनमें महीनों हैंडपंप खराब पड़े रहते है, जिससे लोगों को दिक्कतें होती रहती है। यदि निकायों के हालात पर नजर डाली जाए तो कासगंज नगर पालिका में 650 हैंडपंप लगे हुए हैं। इनमें ंसे 4 रिवोर होने हैं।
सोरों में 235 में से 25 रिवोर होने को हैं। पटियाली में 250 में से 6, मोहनपुर में 81 में से 6, सहावर मे 153 में 3, बिलराम में 230 में से 3 हैंडपंप रिवोर होने हैं। जिन क्षेत्रों में ये हैंडपंप खराब पड़े हैं उनके वाशिंदे पेयजल का परेशान है। काफी समय से खराब पड़े इन हैंडपंपों को ठीक कराने को निकाय प्रशासन गंभीरता नहीं दिखा रहे।
ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंप की मरम्मत व रिवोर का कार्य ग्राम पंचायत स्तर से किया जाता है। जलनिगम मात्र सर्वे का कार्य कराता है। - डीके सिंह अधिशासी अभियंता जल निगम