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साढ़े तीन साल बाद मां को घर ले गए बेटे
Updated Mon, 19 Mar 2018 08:49 PM IST
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डैमो
- फोटो : डैमो
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वृंदावन (मथुरा)। चैतन्य बिहार स्थित महिला आश्रय सदन में चलाई जा रही पुनर्वास योजना के तहत सोमवार को त्रिपुरा निवासी एक महिला को उनके बेटे अपने साथ ले गए। घर वापसी की खुशी महिला के चेहरे पर साफ दिख रही थी।
त्रिपुरा निवासी 72 वर्षीय विधवा ममता शाह साढ़े तीन साल से महिला आश्रय सदन में रह रही थीं। त्रिपुरा में अपना परिवार होते हुए भी ममता शाह का आश्रय सदन में रहना उनके बेटों को सही नहीं लगा। इससे सोमवार को उनके बेटे गौतम शाह और उत्तम शाह आश्रय सदन पहुंचे और अपनी मां ममता शाह को घर ले गए। बताया गया कि साढ़े तीन साल पहले महिला अपने बेटों के साथ वृंदावन में भगवान के दर्शन करने आई थी। जिसके बाद महिला ने वृंदावन में वास करके भजन-कीर्तन की इच्छा जताई थी। इस पर बेटों ने उन्हें आश्रय सदन में छोड़ दिया था। महिला के बेटे त्रिपुरा में परचून की दुकान चलाते हैं।
उधर, घर जाने से पूर्व सदन के पदाधिकारियों एवं अन्य महिलाओं ने ममता शाह को माला पहनाकर, दुशाला ओढ़ाई और गले मिलकर विदाई दी। इस अवसर पर सदन प्रभारी संतोष मिश्रा, अधीक्षिका गीता दीक्षित, अनिल सिंह, प्रिंयका सिंह, अमित मिश्रा उपस्थित थे। बताते हैं कि इस योजना के तहत सदन में निवास कर रहीं महिलाओं को एक बार फिर से उनके परिवार से मिलाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन इसमें उन्हीं महिलाओं को भेजा जा रहा है जो परिवार के साथ रहना चाहती हैं और जिन्हें परिवार के लोग खुशी-खुशी साथ ले जाने को राजी होते हैं। इस वर्ष पहले भी दो महिलाओं को घर भेजा जा चुका है।
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त्रिपुरा निवासी 72 वर्षीय विधवा ममता शाह साढ़े तीन साल से महिला आश्रय सदन में रह रही थीं। त्रिपुरा में अपना परिवार होते हुए भी ममता शाह का आश्रय सदन में रहना उनके बेटों को सही नहीं लगा। इससे सोमवार को उनके बेटे गौतम शाह और उत्तम शाह आश्रय सदन पहुंचे और अपनी मां ममता शाह को घर ले गए। बताया गया कि साढ़े तीन साल पहले महिला अपने बेटों के साथ वृंदावन में भगवान के दर्शन करने आई थी। जिसके बाद महिला ने वृंदावन में वास करके भजन-कीर्तन की इच्छा जताई थी। इस पर बेटों ने उन्हें आश्रय सदन में छोड़ दिया था। महिला के बेटे त्रिपुरा में परचून की दुकान चलाते हैं।
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उधर, घर जाने से पूर्व सदन के पदाधिकारियों एवं अन्य महिलाओं ने ममता शाह को माला पहनाकर, दुशाला ओढ़ाई और गले मिलकर विदाई दी। इस अवसर पर सदन प्रभारी संतोष मिश्रा, अधीक्षिका गीता दीक्षित, अनिल सिंह, प्रिंयका सिंह, अमित मिश्रा उपस्थित थे। बताते हैं कि इस योजना के तहत सदन में निवास कर रहीं महिलाओं को एक बार फिर से उनके परिवार से मिलाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन इसमें उन्हीं महिलाओं को भेजा जा रहा है जो परिवार के साथ रहना चाहती हैं और जिन्हें परिवार के लोग खुशी-खुशी साथ ले जाने को राजी होते हैं। इस वर्ष पहले भी दो महिलाओं को घर भेजा जा चुका है।
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