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सौंदर्यीकरण पर करोड़ों खर्च, तालाबों की नहीं बदली सूरत
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सूख्ाा पड़ा तालाब
- फोटो : अमर उजाला ब्यूराो
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मैनपुरी। सपा शासन में शुरू हुई तालाबों के सौंदर्यीकरण की योजना मूर्त रूप नहीं ले सकी है। करोड़ों की धनराशि खर्च होने के बाद भी धरातल पर बदहाल तालाब योजना का मुंह चिढ़ा रहे हैं। कई तालाब सूख चुके हैं तो कई तालाब आज भी अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे हैं।
अखिलेश सरकार में तालाबों के सौंदर्यीकरण के लिए योजना चलाई गई थी। जिले में भी तालाबों के सौंदर्यीकरण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए। सौंदर्यीकरण का काम सिर्फ कागजों में ही हुआ। जिले का एक भी तालाब आदर्श तालाब नहीं बन सका।
गर्मी के मौसम में तालाब का यह मुद्दा एक बार फिर ग्रामीणों की जुबां पर आ गया है। ग्रामीण सौंदर्यीकरण के नाम पर सरकारी धन के बंदरबांट का आरोप एक बार फिर लगाने लगे हैं।
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एक तालाब के लिए 99.42 लाख था बजट
योजना के तहत एक तालाब पर 99.42 लाख तक का बजट तय किया था। इसमें गहराई और चौड़ीकरण पर 23.50 लाख, जल निकासी पर 2.84 लाख, नाली निर्माण पर 1.41 लाख, मिट्टी ढुलाई पर 16.47 लाख, घाट निर्माण पर 7.64 लाख, विर्सजन कुंड पर 4.82 लाख, दीवार निर्माण पर 32.10 लाख, चबूतरा निर्माण पर 1.12 लाख, टिनशेड पर 9.53 लाख रुपये तक खर्च होना था।
तालाबों पर एक नजर-
जिले में कुल तालाब 1147
पुराने तालाब 820
मनरेगा से बनाए गए 327
सूखे हुए तालाब 532
ग्रामसभा अजीतगंज
विकासखंड जागीर की ग्रामसभा अजीतगंज के पुराने तालाब का योजना के तहत सौंदर्यीकरण कराया जाना कागजों में दर्शाया गया है। सौंदर्यीकरण के नाम पर 27.42 लाख रुपया खर्च हुआ। आज तालाब के पास न तो चबूतरा है और न ही घाट बनाया गया है। दीवार निर्माण के नाम पर की गई खानापूरी अपनी हालत खुद बयां कर रही है। छाया का भी कोई इंतजाम नहीं किया गया है।
ग्रामसभा रठेरा
विकासखंड मैनपुरी की ग्रामसभा रठेरा के पुराने तालाब का योजना के तहत चयन किया गया था। सौंदर्यीकरण कराने के नाम पर 29.30 लाख का बजट खर्च किया गया। आज तालाब के आसपास सौंदर्यीकरण जैसा कुछ नहीं है। तालाब के इर्द-गिर्द झाड़ियां खड़ी हैं और गंदगी जमा है। तालाब की ओर जाने वाली नाली टूटी पड़ी हैं। तालाब के पास आदमी सुकून तो लेना दूर खड़ा तक नहीं हो सकता है।
ग्रामसभा टिंडौली
विकास खंड मैनपुरी की ग्रामसभा टिंडौली का पुराना तालाब योजना के तहत चयनित हुआ। 24.16 लाख रुपये का खर्च सौंदर्यीकरण केे नाम पर किया गया। तालाब की स्थिति आज भी बदहाल है। तालाब के आसपास झाड़ियां उगी हुई हैं। तालाब में पानी भी सूख गया है। ग्रामीणों को मवेशियों के लिए पानी की समस्या है। तालाब को देखकर लगता ही नहीं कि कभी सौंदर्यीकरण कराया गया है।
देहात में पानी के लिए तालाब महत्वपूर्ण हैं। इस योजना के तहत किस तालाब पर कितना खर्च हुआ। कराए गए कामों का मौके पर सत्यापन होगा। अगर जांच में खामियां मिलती हैं तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।
कपिल सिंह, सीडीओ।
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अखिलेश सरकार में तालाबों के सौंदर्यीकरण के लिए योजना चलाई गई थी। जिले में भी तालाबों के सौंदर्यीकरण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए। सौंदर्यीकरण का काम सिर्फ कागजों में ही हुआ। जिले का एक भी तालाब आदर्श तालाब नहीं बन सका।
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गर्मी के मौसम में तालाब का यह मुद्दा एक बार फिर ग्रामीणों की जुबां पर आ गया है। ग्रामीण सौंदर्यीकरण के नाम पर सरकारी धन के बंदरबांट का आरोप एक बार फिर लगाने लगे हैं।
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एक तालाब के लिए 99.42 लाख था बजट
योजना के तहत एक तालाब पर 99.42 लाख तक का बजट तय किया था। इसमें गहराई और चौड़ीकरण पर 23.50 लाख, जल निकासी पर 2.84 लाख, नाली निर्माण पर 1.41 लाख, मिट्टी ढुलाई पर 16.47 लाख, घाट निर्माण पर 7.64 लाख, विर्सजन कुंड पर 4.82 लाख, दीवार निर्माण पर 32.10 लाख, चबूतरा निर्माण पर 1.12 लाख, टिनशेड पर 9.53 लाख रुपये तक खर्च होना था।
तालाबों पर एक नजर-
जिले में कुल तालाब 1147
पुराने तालाब 820
मनरेगा से बनाए गए 327
सूखे हुए तालाब 532
ग्रामसभा अजीतगंज
विकासखंड जागीर की ग्रामसभा अजीतगंज के पुराने तालाब का योजना के तहत सौंदर्यीकरण कराया जाना कागजों में दर्शाया गया है। सौंदर्यीकरण के नाम पर 27.42 लाख रुपया खर्च हुआ। आज तालाब के पास न तो चबूतरा है और न ही घाट बनाया गया है। दीवार निर्माण के नाम पर की गई खानापूरी अपनी हालत खुद बयां कर रही है। छाया का भी कोई इंतजाम नहीं किया गया है।
ग्रामसभा रठेरा
विकासखंड मैनपुरी की ग्रामसभा रठेरा के पुराने तालाब का योजना के तहत चयन किया गया था। सौंदर्यीकरण कराने के नाम पर 29.30 लाख का बजट खर्च किया गया। आज तालाब के आसपास सौंदर्यीकरण जैसा कुछ नहीं है। तालाब के इर्द-गिर्द झाड़ियां खड़ी हैं और गंदगी जमा है। तालाब की ओर जाने वाली नाली टूटी पड़ी हैं। तालाब के पास आदमी सुकून तो लेना दूर खड़ा तक नहीं हो सकता है।
ग्रामसभा टिंडौली
विकास खंड मैनपुरी की ग्रामसभा टिंडौली का पुराना तालाब योजना के तहत चयनित हुआ। 24.16 लाख रुपये का खर्च सौंदर्यीकरण केे नाम पर किया गया। तालाब की स्थिति आज भी बदहाल है। तालाब के आसपास झाड़ियां उगी हुई हैं। तालाब में पानी भी सूख गया है। ग्रामीणों को मवेशियों के लिए पानी की समस्या है। तालाब को देखकर लगता ही नहीं कि कभी सौंदर्यीकरण कराया गया है।
देहात में पानी के लिए तालाब महत्वपूर्ण हैं। इस योजना के तहत किस तालाब पर कितना खर्च हुआ। कराए गए कामों का मौके पर सत्यापन होगा। अगर जांच में खामियां मिलती हैं तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।
कपिल सिंह, सीडीओ।