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निजी कंपनी ने किया करोड़ों का घोटाला, पीड़ितों ने किया प्रदर्शन
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कासगंज। निवेशकों का करोड़ों रुपये का घोटाला कर रीयल एस्टेट की निजी कंपनी के अधिकारी भाग गए हैं। करोड़ों की धनराशि डूबती देख निवेशकों ने मंगलवार को प्रदर्शन कर आक्रोश जाहिर किया। डीएम को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। मामले में जिलाधिकारी ने जांच शुरू करा दी है। एसडीएम सहावर को जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं रीयल एस्टेट से जुड़ी कंपनी के कार्यालय में ताले पड़े हैं।
प्रेस्टीज इंफ्रा रीयल स्टेट से जुड़ी एक निजी कंपनी है। वर्ष 2009 में इस कंपनी ने कासगंज में कार्यालय खोल विस्तार शुरू किया। तमाम निवेशकों को बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर उन्हें जाल में फंसाया। कंपनी ने शुरूआत में तो निवेशकों को फायदा पहुंचाया, लेकिन अब बड़ा घोटाला कर कंपनी के अफसर फरार हैं। अब तक 31 निवेशक सामने आ गए हैं जो तीन करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कंपनी में कर चुके हैं। इसके अलावा तमाम निवेशक इस कंपनी के जाल में फंस चुके हैं। निवेशकों का आरोप है कि कंपनी ने पांच साल में धन दोगुना कर तमाम रोजगार देने के नाम पर कंपनी ने लोगों से निवेश कराकर धोखाधड़ी की। निवेशकों ने मंगलवार को तहसील परिसर में आक्रोश जाहिर किया और कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। निवेशकों का कहना था कि मुरादाबाद की कंपनी ने योजनाबद्ध तरीके से जालसाजी की है। निवेशकों से करोड़ों रुपये का निवेश कराकर कंपनी के अधिकारियों ने सहावर के बड़े क्षेत्रफल में जमीन खरीद ली जिसकी कीमत करोड़ों रुपये है। अब कंपनी भाग गई है। निवेशकों ने डीएम चंद्र प्रकाश सिंह को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। डीएम ने मामले की जांच एसडीएम सहावर को सौंप दी है।
आंकड़े की नजर से-
- 31 निवेशक आए अब तक सामने।
- 195 बीघा जमीन सहावर में कंपनी ने खरीदी है।
- 20 दिन से बंद है कंपनी का दफ्तर।
- निवेशकों ने प्रार्थना पत्र दिया है। उसकी जांच करा रहे हैं। सहावर में कंपनी की कितनी जमीन है। इसकी जांच के निर्देश भी दिए हैं। सहावर एसडीएम जांच कर रहे हैं। चंद्र प्रकाश सिंह, डीएम।
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नजी कंपनी घोटाला की खबर का जोड़-
यह निवेशक आए सामने
कासगंज। नेम सिंह, जसवंत सिंह, हरिओम सिंह, ब्रह्म सिंह, विनय कुमार, सुभाष चंद्र, महाराज सिंह, ओमप्रकाश, महेशचंद्र पाल, रमेश चंद्र, रूप श्री, विशाल शर्मा, राम सिंह, तिलक सिंह, नरेंद्र सिंह, बंसी मोहन, राजेंद्र कुमार, उमेश कुमार, श्याम सिंह, अजब सिंह, लखमीचंद, सोमेंद्र कुमार, जुगेंद्र सिंह, जगदीश प्रसाद, प्रेमपाल, मनोज कुमार, भंवरपाल, चक्रपाल, अशोक, भूप सिंह, लाखन सिंह इस कंपनी के निवेशक है। यह निवेशक तीन करोड़ से अधिक का निवेश कर चुके हैं।
निवेशकों से संपर्क तोड़ा
कासगंज। कार्यालय बंद कर फरार हो चुके निजी कंपनी के अफसर निवेशकों के संपर्क से दूर हो चुके हैं। कंपनी के अफसरों ने अपने मोबाइल बंद कर लिए हैं। बताए गए पते पर भी अफसर नहीं मिले।
साहब जमीन न बिकने पाए
कासगंज। डीएम के समक्ष फरियाद लेकर पहुंचे निवेशकों ने कहा कि साहब कंपनी ने सहावर में जमीन खरीद ली है। कंपनी मालिक और अफसर जमीन बेचकर भागना चाहते हैं। किसी तरह जमीन न बिकने पाए।
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प्रेस्टीज इंफ्रा रीयल स्टेट से जुड़ी एक निजी कंपनी है। वर्ष 2009 में इस कंपनी ने कासगंज में कार्यालय खोल विस्तार शुरू किया। तमाम निवेशकों को बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर उन्हें जाल में फंसाया। कंपनी ने शुरूआत में तो निवेशकों को फायदा पहुंचाया, लेकिन अब बड़ा घोटाला कर कंपनी के अफसर फरार हैं। अब तक 31 निवेशक सामने आ गए हैं जो तीन करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कंपनी में कर चुके हैं। इसके अलावा तमाम निवेशक इस कंपनी के जाल में फंस चुके हैं। निवेशकों का आरोप है कि कंपनी ने पांच साल में धन दोगुना कर तमाम रोजगार देने के नाम पर कंपनी ने लोगों से निवेश कराकर धोखाधड़ी की। निवेशकों ने मंगलवार को तहसील परिसर में आक्रोश जाहिर किया और कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। निवेशकों का कहना था कि मुरादाबाद की कंपनी ने योजनाबद्ध तरीके से जालसाजी की है। निवेशकों से करोड़ों रुपये का निवेश कराकर कंपनी के अधिकारियों ने सहावर के बड़े क्षेत्रफल में जमीन खरीद ली जिसकी कीमत करोड़ों रुपये है। अब कंपनी भाग गई है। निवेशकों ने डीएम चंद्र प्रकाश सिंह को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। डीएम ने मामले की जांच एसडीएम सहावर को सौंप दी है।
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आंकड़े की नजर से-
- 31 निवेशक आए अब तक सामने।
- 195 बीघा जमीन सहावर में कंपनी ने खरीदी है।
- 20 दिन से बंद है कंपनी का दफ्तर।
- निवेशकों ने प्रार्थना पत्र दिया है। उसकी जांच करा रहे हैं। सहावर में कंपनी की कितनी जमीन है। इसकी जांच के निर्देश भी दिए हैं। सहावर एसडीएम जांच कर रहे हैं। चंद्र प्रकाश सिंह, डीएम।
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नजी कंपनी घोटाला की खबर का जोड़-
यह निवेशक आए सामने
कासगंज। नेम सिंह, जसवंत सिंह, हरिओम सिंह, ब्रह्म सिंह, विनय कुमार, सुभाष चंद्र, महाराज सिंह, ओमप्रकाश, महेशचंद्र पाल, रमेश चंद्र, रूप श्री, विशाल शर्मा, राम सिंह, तिलक सिंह, नरेंद्र सिंह, बंसी मोहन, राजेंद्र कुमार, उमेश कुमार, श्याम सिंह, अजब सिंह, लखमीचंद, सोमेंद्र कुमार, जुगेंद्र सिंह, जगदीश प्रसाद, प्रेमपाल, मनोज कुमार, भंवरपाल, चक्रपाल, अशोक, भूप सिंह, लाखन सिंह इस कंपनी के निवेशक है। यह निवेशक तीन करोड़ से अधिक का निवेश कर चुके हैं।
निवेशकों से संपर्क तोड़ा
कासगंज। कार्यालय बंद कर फरार हो चुके निजी कंपनी के अफसर निवेशकों के संपर्क से दूर हो चुके हैं। कंपनी के अफसरों ने अपने मोबाइल बंद कर लिए हैं। बताए गए पते पर भी अफसर नहीं मिले।
साहब जमीन न बिकने पाए
कासगंज। डीएम के समक्ष फरियाद लेकर पहुंचे निवेशकों ने कहा कि साहब कंपनी ने सहावर में जमीन खरीद ली है। कंपनी मालिक और अफसर जमीन बेचकर भागना चाहते हैं। किसी तरह जमीन न बिकने पाए।