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तीन कीटनाशक के नमूने फेल, तीन फर्मों के खिलाफ मुकदमे के निर्देश
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कीटनाशक
- फोटो : Amar Ujala
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कासगंज। कीटनाशक रसायनों में दवा कंपनियों का बड़ा खेल सामने आया है। दवा से किसानों की फसलें नष्ट होने के बाद कराई गई जांच में कीटनाशी दवाओं के तीन नमूने फेल हुए हैं। डीएम ने इसे बड़ा मामला मानते हुए दवा कंपनियों के डायरेक्टर, फर्म संचालकों और डायरेक्टर प्रतिनिधियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। जिला कृषि रक्षा अधिकारी को आदेशित कर परिवाद दायर करने की अनुमति दी है।
पिछले दिनों कई गांव के अलग-अलग किसानों ने जिलाधिकारी को मिलावटी कीटनाशक दवाओं की शिकायत की। बताया कि नकली कीटनाशक दवा से बड़े क्षेत्रफल की फसलें नष्ट हो गईं और मिट्टी की उर्वरा शक्ति कम हुई है। इस पर जिलाधिकारी ने जिले भर में कीटनाशक रसायनों की गुणवत्ता की जांच कराई। कृषि विभाग को निर्देशित कर नमूने संकलित कराए। सभी नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे। लखनऊ प्रयोगशाला में हुई जांच में पाया गया कि कीटनाशक रसायन डाईमिथोएट 30, क्लोरोपायरी फॉस 50 और रसायन प्रोपारजाईट 57 नकली हैं। प्रयोगशाला की रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम ने इस मामले में गंभीरता दिखाई नकली कीटनाशक रसायन की बिक्री रोकने के लिए कदम उठाए हैं। तीनों दवाओं के कंपनी डायरेक्टर, प्रतिनिधि और दवा विक्रेता फर्म संचालकों के विरुद्ध परिवाद दायर करने की अनुमति डीएम ने कृषि विभाग को दी है।
इन विक्रेताओं के खिलाफ हुई कार्रवाई
कासगंज। कीटनाशी दवा विक्रेता प्रतिभा कृषि सेवा केंद्र फर्म संचालक सुरेंद्र सिंह कुशवाह, सहावर गेट स्थित कुमार एग्रीकल्चर केंद्र संचालक रामकुमार और गुरु कृपा ट्रेडर्स के संचालक योगेंद्र सिंह के खिलाफ कार्रवाई की गई है। डीएम चंद्र प्रकाश सिंह के आदेश पर कृषि रक्षा अधिकारी सुमित कुमार इन विक्रेताओं पर मुकदमा कराएंगे।
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आंकड़े की नजर से-
- 280 कीटनाशक दवा फर्में हैं जिले में।
- 87 नमूने किए गए थे जांच के लिए संकलित।
- 84 नमूने जांच के बाद पाए गए सही।
- किसानों की शिकायत को गंभीरता से लेने के बाद कीटनाशक रसायनों की जांच कराई। जांच में तीन कंपनियों के नमूने फेल मिले। अधोमानक रसायन विक्रय करने के आरोपियों एवं कंपनी निदेशकों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। चंद्र प्रकाश सिंह, डीएम।
- नकली रसायनों से खेतों की उर्वरा शक्ति कम हो जाती है जिससे फसलों की पैदावार प्रभावित होती है। डीएम के आदेश के बाद परिवाद दायर की प्रक्रिया चल रही है। सुमित कुमार सिंह, जिला कृषि रक्षा अधिकारी।
किसानों की बात-
- नकली कीटनाशक दवाओं से फसलों को काफी नुकसान हुआ। खेतों में पैदावार क्षमता भी कम हो गई। नकली रसायनों की बिक्री पर रोक लगे। दिनेश कुमार, गोरहा।
- फसलों में वैसे तो कंपोस्ट खाद का प्रयोग करते हैं, लेकिन खरपतवार नाशक और कीटनाशक भी लगाना जरूरी होता है। नकली कीटनाशक से फसल मारी जाती है। प्रेमपाल, नगला हीरा।
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पिछले दिनों कई गांव के अलग-अलग किसानों ने जिलाधिकारी को मिलावटी कीटनाशक दवाओं की शिकायत की। बताया कि नकली कीटनाशक दवा से बड़े क्षेत्रफल की फसलें नष्ट हो गईं और मिट्टी की उर्वरा शक्ति कम हुई है। इस पर जिलाधिकारी ने जिले भर में कीटनाशक रसायनों की गुणवत्ता की जांच कराई। कृषि विभाग को निर्देशित कर नमूने संकलित कराए। सभी नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे। लखनऊ प्रयोगशाला में हुई जांच में पाया गया कि कीटनाशक रसायन डाईमिथोएट 30, क्लोरोपायरी फॉस 50 और रसायन प्रोपारजाईट 57 नकली हैं। प्रयोगशाला की रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम ने इस मामले में गंभीरता दिखाई नकली कीटनाशक रसायन की बिक्री रोकने के लिए कदम उठाए हैं। तीनों दवाओं के कंपनी डायरेक्टर, प्रतिनिधि और दवा विक्रेता फर्म संचालकों के विरुद्ध परिवाद दायर करने की अनुमति डीएम ने कृषि विभाग को दी है।
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इन विक्रेताओं के खिलाफ हुई कार्रवाई
कासगंज। कीटनाशी दवा विक्रेता प्रतिभा कृषि सेवा केंद्र फर्म संचालक सुरेंद्र सिंह कुशवाह, सहावर गेट स्थित कुमार एग्रीकल्चर केंद्र संचालक रामकुमार और गुरु कृपा ट्रेडर्स के संचालक योगेंद्र सिंह के खिलाफ कार्रवाई की गई है। डीएम चंद्र प्रकाश सिंह के आदेश पर कृषि रक्षा अधिकारी सुमित कुमार इन विक्रेताओं पर मुकदमा कराएंगे।
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आंकड़े की नजर से-
- 280 कीटनाशक दवा फर्में हैं जिले में।
- 87 नमूने किए गए थे जांच के लिए संकलित।
- 84 नमूने जांच के बाद पाए गए सही।
- किसानों की शिकायत को गंभीरता से लेने के बाद कीटनाशक रसायनों की जांच कराई। जांच में तीन कंपनियों के नमूने फेल मिले। अधोमानक रसायन विक्रय करने के आरोपियों एवं कंपनी निदेशकों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। चंद्र प्रकाश सिंह, डीएम।
- नकली रसायनों से खेतों की उर्वरा शक्ति कम हो जाती है जिससे फसलों की पैदावार प्रभावित होती है। डीएम के आदेश के बाद परिवाद दायर की प्रक्रिया चल रही है। सुमित कुमार सिंह, जिला कृषि रक्षा अधिकारी।
किसानों की बात-
- नकली कीटनाशक दवाओं से फसलों को काफी नुकसान हुआ। खेतों में पैदावार क्षमता भी कम हो गई। नकली रसायनों की बिक्री पर रोक लगे। दिनेश कुमार, गोरहा।
- फसलों में वैसे तो कंपोस्ट खाद का प्रयोग करते हैं, लेकिन खरपतवार नाशक और कीटनाशक भी लगाना जरूरी होता है। नकली कीटनाशक से फसल मारी जाती है। प्रेमपाल, नगला हीरा।