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आसमान से बरसी आग, पारा 47 के पार
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आसमान से बरसी आग, पारा 47 के पार
- फोटो : अमर उजाला
कासगंज। जेठ के महीने में तपिश पूरे चरम पर है। गुरुवार को आसमान से बरसी आग के कारण पारा 47 डिग्री तक जा पहुंचा। गर्मी की अधिकता के चलते लोग बेहाल हो गए। लोग दोपहर के समय घरों में कैद होने को मजबूर हो गए।
सुबह से गर्मी के तेवर तल्ख हो गए। सुबह 6 बजे ही पारा 32 डिग्री तक जा पहुंचा। जो अपने सामान्य से 3 डिग्री अधिक रहा। दिन निकलने के साथ ही सूर्य देव ने आग उगलना शुरू कर दिया। दिन चढ़ने के साथ ही पारा भी बढ़ता गया। दोपहर 12 बजे तक पारा 40 डिग्री तक जा पहुंचा। जबकि 3 बजे पारा 47 डिग्री पहुुंच गया जो सामान्य से 7 डिग्री अधिक हो गया। गर्मी की अधिकता ने लोगों को बेहाल कर दिया। जिन ग्रामीण इलाकों के आस पास से नहर नदी होकर बह रही हैं वहा युवा, एवं बच्चे गर्मी से राहत पाने के लिए इनमें डुबकी लगाती नजर आए। पिछले वर्ष से भी यह पारा काफी अधिक रहा। पिछले वर्ष आज के दिन अधिकतम पारा 42 डिग्री तक पहुंचा था, जबकि न्यूनतम पारा 30 डिग्री तक रहा था। गर्मी की अधिकता के चलते लोगों ने दोपहर के समय अपने घरों पर ही रहना उचित समझा, जिससे बाजारों में चहलपहल कम हो गई। सांय सात बजे जब पारा 39 डिग्री के आसापास पहुंचा तब कहीं लोगों ने बाजार का फिर से रुख किया। इसके बाद ही बाजार में चहल पहल लौटी।
उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या।
अमांपुर। गर्मी की अधिकता के चलते लोगों का स्वास्थ्य भी प्रभावित होने लगा है। उल्टी-दस्त, पेट दर्द, सर्दी, खांसी, बुखार, आंखों में जलन आदि की समस्याएं भी सामने आ रही हैं। चिकित्सक भी लोगों को धूप से बचने की सलाह दे रहे हैं। बाहर निकलते समय काला चश्मा का प्रयोग, शरीर को पूरी तरह से ढक कर घर से निकलने से पहले आम का पना, नींबू पानी, शिकंजी पीकर निकलने आदि की सलाह दे रहे हैं। । डॉ सुल्तान अहमद ने बताया कि इस मौसम में शरीर में पानी की कमी नहीं रहनी चाहिए। धूप से छांव में पहुंचने पर तुरंत पानी न पिएं।
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दो सौ से अधिक मरीज पहुंचे स्वास्थ्य केंद्र
पटियाली। गर्म हवाएं और तेज धूप के चलते आम जनमानस परेशान हो उठा हैं। प्राइवेट चिकित्सकों से लेकर सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों तक मरीजों की भरमार हैं। गुरुवार को करीब दो सौ मरीज स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे जिनमें उल्टी, दस्त, डायरिया, तेज बुखार के मरीजों की संख्या अधिक रही। डॉक्टर अंजू यादव ने बताया कि उल्टी, दस्त, डायरिया, आदि बीमारियों से बचने के लिये सभी को अपने खान पान पर खासा ध्यान रखने, ताजा सब्जियां, फल, नींबू प्याज आदि का सेवन करने, पानी अधिक पीने, धूप से पूरा बचाव रखने आदि की सलाह दी।
मुंह खोलकर निकलना नहीं हुआ आसान, लू ने निकाली जान
एटा। भीषण गर्मी की चपेट में गुरुवार को जनमानस आ गया। सूरज निकलते ही आसमान से आग बरसने लगी, दोपहर में जब पारा 46 तक पहुंचा तो निकलना आसान नहीं रहा।
लू लगने के लक्षण
1.लू लगने पर अचानक शरीर का तापमान बढ़ जाना
2. सिर में तेज दर्द होना
3. लू लगने से किडनी, दिमाग और की कार्य क्षमता पर बुरा प्रभाव पड़ना
4. नाड़ी और सांस की गति तेज हो जाना
5. त्वचा पर लाल दाने उभर आना
6. बार-बार पेशाब जाना और शरीर में जकड़न होना
लू लगने पर बचाव के उपाय
1. सफेद या हल्के रंग के कॉटन के कपड़े पहनें
2. लू से बचने को कच्चा प्याज रोज खाएं
3. ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं
4. मौसमी फल, फलों का रस, दही-मठ्ठा, जीरा-छाछ, जलजीरा, लस्सी, आम की चटनी का खाने में प्रयोग करें
5. बीमारी की शंका होने पर अपने नजदीकी डाक्टर से संपर्क कर उपचार भी कराएं
6. शरीर को पूरी तरह से ढक कर बाहर निकलें
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सुबह से गर्मी के तेवर तल्ख हो गए। सुबह 6 बजे ही पारा 32 डिग्री तक जा पहुंचा। जो अपने सामान्य से 3 डिग्री अधिक रहा। दिन निकलने के साथ ही सूर्य देव ने आग उगलना शुरू कर दिया। दिन चढ़ने के साथ ही पारा भी बढ़ता गया। दोपहर 12 बजे तक पारा 40 डिग्री तक जा पहुंचा। जबकि 3 बजे पारा 47 डिग्री पहुुंच गया जो सामान्य से 7 डिग्री अधिक हो गया। गर्मी की अधिकता ने लोगों को बेहाल कर दिया। जिन ग्रामीण इलाकों के आस पास से नहर नदी होकर बह रही हैं वहा युवा, एवं बच्चे गर्मी से राहत पाने के लिए इनमें डुबकी लगाती नजर आए। पिछले वर्ष से भी यह पारा काफी अधिक रहा। पिछले वर्ष आज के दिन अधिकतम पारा 42 डिग्री तक पहुंचा था, जबकि न्यूनतम पारा 30 डिग्री तक रहा था। गर्मी की अधिकता के चलते लोगों ने दोपहर के समय अपने घरों पर ही रहना उचित समझा, जिससे बाजारों में चहलपहल कम हो गई। सांय सात बजे जब पारा 39 डिग्री के आसापास पहुंचा तब कहीं लोगों ने बाजार का फिर से रुख किया। इसके बाद ही बाजार में चहल पहल लौटी।
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उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या।
अमांपुर। गर्मी की अधिकता के चलते लोगों का स्वास्थ्य भी प्रभावित होने लगा है। उल्टी-दस्त, पेट दर्द, सर्दी, खांसी, बुखार, आंखों में जलन आदि की समस्याएं भी सामने आ रही हैं। चिकित्सक भी लोगों को धूप से बचने की सलाह दे रहे हैं। बाहर निकलते समय काला चश्मा का प्रयोग, शरीर को पूरी तरह से ढक कर घर से निकलने से पहले आम का पना, नींबू पानी, शिकंजी पीकर निकलने आदि की सलाह दे रहे हैं। । डॉ सुल्तान अहमद ने बताया कि इस मौसम में शरीर में पानी की कमी नहीं रहनी चाहिए। धूप से छांव में पहुंचने पर तुरंत पानी न पिएं।
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दो सौ से अधिक मरीज पहुंचे स्वास्थ्य केंद्र
पटियाली। गर्म हवाएं और तेज धूप के चलते आम जनमानस परेशान हो उठा हैं। प्राइवेट चिकित्सकों से लेकर सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों तक मरीजों की भरमार हैं। गुरुवार को करीब दो सौ मरीज स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे जिनमें उल्टी, दस्त, डायरिया, तेज बुखार के मरीजों की संख्या अधिक रही। डॉक्टर अंजू यादव ने बताया कि उल्टी, दस्त, डायरिया, आदि बीमारियों से बचने के लिये सभी को अपने खान पान पर खासा ध्यान रखने, ताजा सब्जियां, फल, नींबू प्याज आदि का सेवन करने, पानी अधिक पीने, धूप से पूरा बचाव रखने आदि की सलाह दी।
मुंह खोलकर निकलना नहीं हुआ आसान, लू ने निकाली जान
एटा। भीषण गर्मी की चपेट में गुरुवार को जनमानस आ गया। सूरज निकलते ही आसमान से आग बरसने लगी, दोपहर में जब पारा 46 तक पहुंचा तो निकलना आसान नहीं रहा।
लू लगने के लक्षण
1.लू लगने पर अचानक शरीर का तापमान बढ़ जाना
2. सिर में तेज दर्द होना
3. लू लगने से किडनी, दिमाग और की कार्य क्षमता पर बुरा प्रभाव पड़ना
4. नाड़ी और सांस की गति तेज हो जाना
5. त्वचा पर लाल दाने उभर आना
6. बार-बार पेशाब जाना और शरीर में जकड़न होना
लू लगने पर बचाव के उपाय
1. सफेद या हल्के रंग के कॉटन के कपड़े पहनें
2. लू से बचने को कच्चा प्याज रोज खाएं
3. ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं
4. मौसमी फल, फलों का रस, दही-मठ्ठा, जीरा-छाछ, जलजीरा, लस्सी, आम की चटनी का खाने में प्रयोग करें
5. बीमारी की शंका होने पर अपने नजदीकी डाक्टर से संपर्क कर उपचार भी कराएं
6. शरीर को पूरी तरह से ढक कर बाहर निकलें