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अपने ही बूथ नहीं बचा पाए सपा के दिग्गज
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सपा झंडा
- फोटो : demo pic
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मैनपुरी। मोदी की आंधी में भले ही सपा के दुर्ग की दीवारें चट्टान बनकर खड़ी रही हों, लेकिन कहीं न कहीं इस आंधी ने उन दीवारों को झकझोरा जरूर है। हाल ये रहा है कि सपा के पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि समेत कई अन्य दिग्गज भी अपने बूथ नहीं बचा पाए।
मुलायम सिंह यादव सपा के टिकट पर पांचवी बार मैनुपरी से लोकसभा के सदस्य चुने गए, लेकिन बीते चार चुनावों में कभी कोई प्रत्याशी मुलायम सिंह के आसपास भी नहीं पहुंच सका। इस बार की अगर बात करें तो भाजपा ने हार के बाद भी रिकॉर्ड वोट हासिल किए।
हाल ये रहा कि सपा के दिग्गज नेता कहे जाने वाले लोग अपने बूथ भी नहीं बचा पाए। उनके बूथों पर समाजवादी पार्टी को हार देखनी पड़ी। भोगांव के विक्रपुर बूथ की अगर बात करें तो ये सपा के एक बड़े पदाधिकारी का बूथ है, लेकिन यहां सपा के 232 वोट पड़े।
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जबकि भाजपा के 280 वोट पड़े। ऐसे में भाजपा की ताकत का अंदाजा लगाया जा सकता है। केवल यही बूथ नहीं किशनी में एक सपा से जनप्रतिनिधि के बूथ का हाल तो इससे भी खराब रहा। यहां मुलायम सिंह यादव को 60 वोट ही मिल सके। जबकि भाजपा के प्रेमसिंह शाक्य को उससे तीन गुने 181 वोट मिले। ऐसा ही हाल कई अन्य सपा नेताओं का भी रहा।
जग जाहिर है भोगांव की कहानी
विधानसभा क्षेत्र भोगांव की अगर बात करें तो यहां की कहानी जग जाहिर है। लोधी और शाक्य बाहुल्य इस विधानसभा में हमेशा ही कमल का बोलबाला रहा है। इसके बाद भी इस बार सपा को वोट तो खूब मिला, लेकिन कमल को लोगों ने ज्यादा पसंद किया। सपा को यहां 81336 वोट मिले और भाजपा को 107146 वोट मिले। इसके चलते सपा को 25 हजार से अधिक वोटों से ये विधानसभा क्षेत्र में हार का सामना करना पड़ा।
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मुलायम सिंह यादव सपा के टिकट पर पांचवी बार मैनुपरी से लोकसभा के सदस्य चुने गए, लेकिन बीते चार चुनावों में कभी कोई प्रत्याशी मुलायम सिंह के आसपास भी नहीं पहुंच सका। इस बार की अगर बात करें तो भाजपा ने हार के बाद भी रिकॉर्ड वोट हासिल किए।
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हाल ये रहा कि सपा के दिग्गज नेता कहे जाने वाले लोग अपने बूथ भी नहीं बचा पाए। उनके बूथों पर समाजवादी पार्टी को हार देखनी पड़ी। भोगांव के विक्रपुर बूथ की अगर बात करें तो ये सपा के एक बड़े पदाधिकारी का बूथ है, लेकिन यहां सपा के 232 वोट पड़े।
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जबकि भाजपा के 280 वोट पड़े। ऐसे में भाजपा की ताकत का अंदाजा लगाया जा सकता है। केवल यही बूथ नहीं किशनी में एक सपा से जनप्रतिनिधि के बूथ का हाल तो इससे भी खराब रहा। यहां मुलायम सिंह यादव को 60 वोट ही मिल सके। जबकि भाजपा के प्रेमसिंह शाक्य को उससे तीन गुने 181 वोट मिले। ऐसा ही हाल कई अन्य सपा नेताओं का भी रहा।
जग जाहिर है भोगांव की कहानी
विधानसभा क्षेत्र भोगांव की अगर बात करें तो यहां की कहानी जग जाहिर है। लोधी और शाक्य बाहुल्य इस विधानसभा में हमेशा ही कमल का बोलबाला रहा है। इसके बाद भी इस बार सपा को वोट तो खूब मिला, लेकिन कमल को लोगों ने ज्यादा पसंद किया। सपा को यहां 81336 वोट मिले और भाजपा को 107146 वोट मिले। इसके चलते सपा को 25 हजार से अधिक वोटों से ये विधानसभा क्षेत्र में हार का सामना करना पड़ा।