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रोजेदारों ने अमन चैन की मांगी दुआ
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रोजेदारों ने अमन चैन की मांगी दुआ
रमजान माह के दूसरे जुमे पर मस्जिदों में उमड़े रोजेदार
अमर उजाला ब्यूरो
मैनपुरी। रमजान उल मुबारक के दूसरे जुमे पर मस्जिदों में पहुंचे रोजदारों ने नमाज अदा कर अमन और चैन की दुआ मांगी। पाक रमजान माह में दूसरे जुमे को रोजेदारों में उत्साह दिखा। रोजेदार मस्जिदों में नमाज अदा करने पहुंचे।
रमजान माह के दूसरे जुमे पर शहर की जामा मस्जिद, खानकाह-ए-रशीदिया, छोटी खानकाह, खजुरिया मस्जिद, ऊंची मस्जिद, गंजशहीदे मस्जिद, कब्रिस्तान वाली मस्जिद सहित सभी मस्जिदों में जुमे की नमाज अदा की गई। जामा मस्जिद में पेश इमाम मोहम्मद शमी अहमद ने अमन चैन की दुआ की। पेश इमाम ने कहा जो इस माह में नमाज और रोजे से परहेज रखते हैं वो खुदा और उसके रसूल से दूर हो जाते हैं। रमजान माह हर मुसलमान को रोजे रखने को कहता है। खुदा से तौबा करने पर सारे गुनाह बख्श दिए जाते हैं। रमजान माह में नमाज और रोजे से जिसने परहेज किया वह सच्चा मुसलमान नहीं है। यदि कोई इस महीने में एक बार कुरान शरीफ पढ़ता है तो खुदा उसकी खिदमत के लिए दस हजार फरिश्ते भेज देता है। मस्जिद में नमाज पढ़ने के बाद सभी नमाजियों ने एक दूसरे से मुसाफा किया। शहर के अलावा भोगांव, करहल, बेवर, कुरावली, घिरोर, बरनाहल, किशनी, कुसमरा आदि में भी दूसरे जुमे की नमाज में बड़ी संख्या में रोजेदार शामिल हुए।
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रोजेदारों ने अमन चैन की मांगी दुआ
रमजान माह के दूसरे जुमे पर मस्जिदों में उमड़े रोजेदार
अमर उजाला ब्यूरो
मैनपुरी। रमजान उल मुबारक के दूसरे जुमे पर मस्जिदों में पहुंचे रोजदारों ने नमाज अदा कर अमन और चैन की दुआ मांगी। पाक रमजान माह में दूसरे जुमे को रोजेदारों में उत्साह दिखा। रोजेदार मस्जिदों में नमाज अदा करने पहुंचे।
रमजान माह के दूसरे जुमे पर शहर की जामा मस्जिद, खानकाह-ए-रशीदिया, छोटी खानकाह, खजुरिया मस्जिद, ऊंची मस्जिद, गंजशहीदे मस्जिद, कब्रिस्तान वाली मस्जिद सहित सभी मस्जिदों में जुमे की नमाज अदा की गई। जामा मस्जिद में पेश इमाम मोहम्मद शमी अहमद ने अमन चैन की दुआ की। पेश इमाम ने कहा जो इस माह में नमाज और रोजे से परहेज रखते हैं वो खुदा और उसके रसूल से दूर हो जाते हैं। रमजान माह हर मुसलमान को रोजे रखने को कहता है। खुदा से तौबा करने पर सारे गुनाह बख्श दिए जाते हैं। रमजान माह में नमाज और रोजे से जिसने परहेज किया वह सच्चा मुसलमान नहीं है। यदि कोई इस महीने में एक बार कुरान शरीफ पढ़ता है तो खुदा उसकी खिदमत के लिए दस हजार फरिश्ते भेज देता है। मस्जिद में नमाज पढ़ने के बाद सभी नमाजियों ने एक दूसरे से मुसाफा किया। शहर के अलावा भोगांव, करहल, बेवर, कुरावली, घिरोर, बरनाहल, किशनी, कुसमरा आदि में भी दूसरे जुमे की नमाज में बड़ी संख्या में रोजेदार शामिल हुए।
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