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सर्द हवाओं से बढ़ी सर्दी, शहर में नहीं जले अलाव
Updated Mon, 17 Dec 2018 11:42 PM IST
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टूंडला। सोमवार को मौसम का मिजाज बदला-बदला रहा। पूरे दिन सूर्यदेव लुकाछिपी का खेल खेलते रहे। ठंडी हवाओं से मौसम सर्द हो गया। लोग सर्दी से बचने के लिए घरों में छिपे रहे। वहीं अभी तक सार्वजनिक स्थानों पर अलाव न जलने से बेसहारा और निर्धन लोगों को सर्दी से ठिठुरना पड़ रहा है।
सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला रहा। कभी सूर्य देव नजर आते तो कभी बादलों की ओट में छिप जाते। साथ ही शीत लहर चलने से लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो गए। वहीं गली-मोहल्लों में लोग एकत्र होकर अलाव जलाकर बैठे रहे और सर्दी से बचाव करते रहे। सबसे अधिक बुरा हाल फुटपाथ बसर करने वालों का रहा। ऐसे लोग कूड़ाकरकट बीनकर आग सेकते नजर आए।
तहसील व नगरपालिका प्रशासन द्वारा जलाए जाने वाले अलाव अभी तक शुरू नहीं कराए गये हैं। जबकि पूर्व में माह नवंबर में ही अलाव जल जाया करते थे। इसके साथ ही रैन बसेरा बनाए जाते थे, किंतु अभी तक कोई रैन बसेरा नहीं बनाया गया है। नगर के सार्वजनिक स्थानों पर अभी तक अलाव न जलने व रैन बसेरा न बनने से बेसहारा, निर्धन और सड़कों पर रहकर गुजर बसर करने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला रहा। कभी सूर्य देव नजर आते तो कभी बादलों की ओट में छिप जाते। साथ ही शीत लहर चलने से लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो गए। वहीं गली-मोहल्लों में लोग एकत्र होकर अलाव जलाकर बैठे रहे और सर्दी से बचाव करते रहे। सबसे अधिक बुरा हाल फुटपाथ बसर करने वालों का रहा। ऐसे लोग कूड़ाकरकट बीनकर आग सेकते नजर आए।
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तहसील व नगरपालिका प्रशासन द्वारा जलाए जाने वाले अलाव अभी तक शुरू नहीं कराए गये हैं। जबकि पूर्व में माह नवंबर में ही अलाव जल जाया करते थे। इसके साथ ही रैन बसेरा बनाए जाते थे, किंतु अभी तक कोई रैन बसेरा नहीं बनाया गया है। नगर के सार्वजनिक स्थानों पर अभी तक अलाव न जलने व रैन बसेरा न बनने से बेसहारा, निर्धन और सड़कों पर रहकर गुजर बसर करने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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