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इलाज में लापरवाही से मासूम की मौत, परिजनों ने काटा हंगामा
Updated Sat, 27 Oct 2018 11:57 PM IST
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एटा। उपचार में लापरवाही के चलते इकलौते सात वर्षीय मासूम बालक की मौत हो गई। बालक की मौत की घटना के बाद गुस्साए लोगों ने क्लीनिक पर हंगामा करते हुए हाईवे पर जाम लगा दिया। जाम लगाने वाले लोगों ने राहगीरों के साथ मारपीट करते हुए वाहनों में तोड़फोड़ का प्रयास किया। बाद में कोतवाली नगर पुलिस और सीओ सिटी के समझाने पर लोगों ने हाईवे से जाम को हटाया। मृतक के पिता ने चिकित्सक के खिलाफ तहरीर दे दी है।
थाना निधौलीकलां क्षेत्र के गांव बिचपुरी निवासी विजेंद्र सिंह के इकलौते सात वर्षीय बेटे कृष्णा की बुखार के चलते हालत खराब हो गई। जिसे लेकर पिता ने बेटे को शहर के कचहरी रोड स्थित एक चिकित्सक के क्लीनिक पर भर्ती कराया। पिता ने बताया कि चिकित्सकों ने बालक का उपचार शुरू कर दिया। इसके कुछ समय बाद उसकी हालत अचानक और खराब हो गई। जिस पर परिजनों ने क्लीनिक पर मौजूद लोगों से बच्चे के बारे में बताया।
आरोप इस पर क्लीनिक पर मौजूद लोग उनकी बात को नजरंदाज करते रहे। इसके बाद बालक की मौत हो गई। अचानक हुई बालक की मौत के बाद परिजनों ने क्लीनिक पर हंगामा शुरू कर दिया। इसे देख क्लीनिक पर मौजूद लोग ताला लगाकर फरार हो गए। मामले की जानकारी पर कोतवाली नगर पुलिस और सदर विधायक विपिन वर्मा डेविड मौके पर पहुंच गए। इसके बाद क्लीनिक की ऊपरी मंजिल पर भर्ती बच्चे की मौत की कहकर लोग हंगामा करने लगे। जिसे लेकर मौके पर मौजूद लोगों की भीड़ हाईवे पर एकत्रित हो गई और जाम लगा दिया।
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इतना ही नहीं जाम लगाने वाले लोगों ने राहगीरों के साथ मारपीट भी कर दी। साथ ही वाहनों मेें तोड़फोड़ का भी प्रयास किया। जानकारी पाकर सीओ सिटी वरुण कुमार मौके पर पहुंच गए। बाद में पुलिस ने आक्रोशित लोगों को समझाते हुए तीस मिनट बाद हाईवे से जाम को हटवाया। मासूम की मौत से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था। सीओ सिटी वरुण कुमार ने बताया कि मामले में पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। मामले की जांच कर आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी। चिकित्सक डा. राजेश सक्सेना ने बताया कि वह सुबह दिल्ली निकल गया था। मुझे मामले की जानकारी नही है। कहीं दूसरी जगह इलाज कराने के बाद क्लीनिक पर बच्चा पहुंचा था।
खुद को बचाने के लिए कर दिए मरीज कैद
एटा। मासूम की मौत के बाद हुए हंगामे को देखते हुए क्लीनिक पर मौजूद लोग वहां से भागने लगे। इतना ही नहीं क्लीनिक कर्मचारियों ने खुद और क्लीनिक को बचाने के लिए उसमें ताला मार दिया। जबकि क्लीनिक की ऊपरी मंजिल पर आधा दर्जन मरीज गंभीर हालत में भर्ती थे। काफी समय बाद भी जब गेट नहीं खुला और चिकित्सक नहीं पहुंचे तो क्लीनिक पर भर्ती तीन वर्षीय बालिका वर्षा पुत्री जितेंद्र निवासी दितौरी सिढ़पुरा कासगंज की हालत खराब हो गई। इस पर परिजनों ने चीख पुकार मचा दी। जिसे लेकर क्लीनिक का ताला तोड़ बालिका और परिजनों को बाहर निकाला गया। इस तरह से क्लीनिक पर मौजूद लोगों की लापरवाही के चलते एक मासूम बच्ची की जिंदगी खतरे में पड़ गई थी।
सूझबूझ से बची मासूम
एटा। क्लीनिक पर हुई मौत की घटना की जानकारी पाकर कोतवाली नगर प्रभारी पंकज कुमार मिश्रा मौके पर तत्काल प्रभाव से पहुंचे थे। इसके बाद उन्हें जानकारी मिली कि क्लीनिक की ऊपरी मंजिल पर बच्चे भर्ती है और उनमें से एक मासूम की हालत नाजुक है। इस पर इंस्पेक्टर ने क्लीनिक का ताला तुड़वाते हुए मासूम बच्ची को गोद में उठाकर जिला अस्पताल भिजवाया। इसके बाद जिला अस्पताल से चिकित्सकों ने उसे गंभीर बता आगरा रेफर कर दिया।
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थाना निधौलीकलां क्षेत्र के गांव बिचपुरी निवासी विजेंद्र सिंह के इकलौते सात वर्षीय बेटे कृष्णा की बुखार के चलते हालत खराब हो गई। जिसे लेकर पिता ने बेटे को शहर के कचहरी रोड स्थित एक चिकित्सक के क्लीनिक पर भर्ती कराया। पिता ने बताया कि चिकित्सकों ने बालक का उपचार शुरू कर दिया। इसके कुछ समय बाद उसकी हालत अचानक और खराब हो गई। जिस पर परिजनों ने क्लीनिक पर मौजूद लोगों से बच्चे के बारे में बताया।
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आरोप इस पर क्लीनिक पर मौजूद लोग उनकी बात को नजरंदाज करते रहे। इसके बाद बालक की मौत हो गई। अचानक हुई बालक की मौत के बाद परिजनों ने क्लीनिक पर हंगामा शुरू कर दिया। इसे देख क्लीनिक पर मौजूद लोग ताला लगाकर फरार हो गए। मामले की जानकारी पर कोतवाली नगर पुलिस और सदर विधायक विपिन वर्मा डेविड मौके पर पहुंच गए। इसके बाद क्लीनिक की ऊपरी मंजिल पर भर्ती बच्चे की मौत की कहकर लोग हंगामा करने लगे। जिसे लेकर मौके पर मौजूद लोगों की भीड़ हाईवे पर एकत्रित हो गई और जाम लगा दिया।
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इतना ही नहीं जाम लगाने वाले लोगों ने राहगीरों के साथ मारपीट भी कर दी। साथ ही वाहनों मेें तोड़फोड़ का भी प्रयास किया। जानकारी पाकर सीओ सिटी वरुण कुमार मौके पर पहुंच गए। बाद में पुलिस ने आक्रोशित लोगों को समझाते हुए तीस मिनट बाद हाईवे से जाम को हटवाया। मासूम की मौत से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था। सीओ सिटी वरुण कुमार ने बताया कि मामले में पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। मामले की जांच कर आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी। चिकित्सक डा. राजेश सक्सेना ने बताया कि वह सुबह दिल्ली निकल गया था। मुझे मामले की जानकारी नही है। कहीं दूसरी जगह इलाज कराने के बाद क्लीनिक पर बच्चा पहुंचा था।
खुद को बचाने के लिए कर दिए मरीज कैद
एटा। मासूम की मौत के बाद हुए हंगामे को देखते हुए क्लीनिक पर मौजूद लोग वहां से भागने लगे। इतना ही नहीं क्लीनिक कर्मचारियों ने खुद और क्लीनिक को बचाने के लिए उसमें ताला मार दिया। जबकि क्लीनिक की ऊपरी मंजिल पर आधा दर्जन मरीज गंभीर हालत में भर्ती थे। काफी समय बाद भी जब गेट नहीं खुला और चिकित्सक नहीं पहुंचे तो क्लीनिक पर भर्ती तीन वर्षीय बालिका वर्षा पुत्री जितेंद्र निवासी दितौरी सिढ़पुरा कासगंज की हालत खराब हो गई। इस पर परिजनों ने चीख पुकार मचा दी। जिसे लेकर क्लीनिक का ताला तोड़ बालिका और परिजनों को बाहर निकाला गया। इस तरह से क्लीनिक पर मौजूद लोगों की लापरवाही के चलते एक मासूम बच्ची की जिंदगी खतरे में पड़ गई थी।
सूझबूझ से बची मासूम
एटा। क्लीनिक पर हुई मौत की घटना की जानकारी पाकर कोतवाली नगर प्रभारी पंकज कुमार मिश्रा मौके पर तत्काल प्रभाव से पहुंचे थे। इसके बाद उन्हें जानकारी मिली कि क्लीनिक की ऊपरी मंजिल पर बच्चे भर्ती है और उनमें से एक मासूम की हालत नाजुक है। इस पर इंस्पेक्टर ने क्लीनिक का ताला तुड़वाते हुए मासूम बच्ची को गोद में उठाकर जिला अस्पताल भिजवाया। इसके बाद जिला अस्पताल से चिकित्सकों ने उसे गंभीर बता आगरा रेफर कर दिया।