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दिव्यांग शिक्षकों को मेडिकल जांच के लिए शासन ने बुलाया
Updated Sun, 14 Oct 2018 11:37 PM IST
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फिरोजाबाद। फर्जी तरीके से विकलांग प्रमाण पत्र बनवाकर नौकरी हासिल करने वाले शिक्षकों की जांच के लिए शासन का बुलावा आ गया है। इसके चलते शिक्षकों में खलबली मची है। हर बार की तरह इस बार भी जांच से बचने का तरीका शिक्षक खोज रहे हैं। फर्जी शिक्षकों पर रिपोर्ट दर्ज कराने के शासनादेश के बाद शिक्षक घबराए हुए हैं।
जिले में कई फर्जी शिक्षक नौकरी कर रहे हैं। स्वस्थ्य होते हुए भी फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र बनवाकर नौकरी हासिल कर ली थी। जांच के लिए कई बार लखनऊ बोर्ड ने बुलाया है, मगर बिना जांच के लौटा दिया। प्रदेश में 641 शिक्षक चिन्हित किए हैं, उनमें फिरोजाबाद कई शिक्षक शामिल हैं। जिले के शिक्षकों को जांच के लिए मेडिकल कालेज बलरामपुर जाना पड़ेगा।
अस्थि रोग विशेषज्ञ, ईएनटी एवं नेत्र रोग विशेषज्ञ जांच करेंग। वहां आधुनिक मशीनों से जांच होने पर फर्जीवाड़े की पोल खुलेगी। हालांकि जांच कई बार हुई हैं, मगर कई शिक्षक जांच से रह जाते हैं। शिक्षकों को तिथि निर्धारित कर उपस्थित होने को कहा है। फिरोजाबाद जिले में छह शिक्षक सामने आए हैं।
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जिले में कई फर्जी शिक्षक नौकरी कर रहे हैं। स्वस्थ्य होते हुए भी फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र बनवाकर नौकरी हासिल कर ली थी। जांच के लिए कई बार लखनऊ बोर्ड ने बुलाया है, मगर बिना जांच के लौटा दिया। प्रदेश में 641 शिक्षक चिन्हित किए हैं, उनमें फिरोजाबाद कई शिक्षक शामिल हैं। जिले के शिक्षकों को जांच के लिए मेडिकल कालेज बलरामपुर जाना पड़ेगा।
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अस्थि रोग विशेषज्ञ, ईएनटी एवं नेत्र रोग विशेषज्ञ जांच करेंग। वहां आधुनिक मशीनों से जांच होने पर फर्जीवाड़े की पोल खुलेगी। हालांकि जांच कई बार हुई हैं, मगर कई शिक्षक जांच से रह जाते हैं। शिक्षकों को तिथि निर्धारित कर उपस्थित होने को कहा है। फिरोजाबाद जिले में छह शिक्षक सामने आए हैं।
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