{"_id":"5b97f9fa867a557ff0706708","slug":"151536686586-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक अस्पताल सील किया, दो को थमाए नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक अस्पताल सील किया, दो को थमाए नोटिस
Updated Tue, 11 Sep 2018 11:03 PM IST
विज्ञापन
अस्पताल में भर्ती मरीज।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार को शहर के माल गोदाम रोड पर बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे अस्पताल को सील कर दिया। लेटर पैड पर महिला अस्पताल की एक चिकित्सक का नाम पाया गया, हालांकि चिकित्सक ने इसे अपने नाम का दुरुपयोग होना बताया है। टीम ने दो क्लीनिक संचालकों को भी नोटिस थमाया है।
मंगलवार को सीएमओ डा. शेर सिंह के निर्देश पर नोडल अधिकारी डा. पीके गुप्ता, डा. देवेंद्र अग्रवाल, डा. मुकेश वार्ष्णेय के साथ दोपहर करीब 12 बजे मालगोदाम रोड पहुंचे। यहां मां त्रिवेणी देवी प्राथमिक चिकित्सा केंद्र बिना रजिस्ट्रेशन के चलते मिला। अस्पतालों की भांति ही यहां ऑक्सीजन सिलेंडर, सक्शन मशीन, हीमोग्लोबिन-शुगर जांच मशीन, सांस मरीजों के उपचार को नैबोलाइजर, एलोपैथिक दवाइयां, तीन बेड, एक्जामिनिशेन टेबल आदि पाए गए। संचालक प्रेमचंद ने पूछताछ में बताया कि इसका संचालन महिला अस्पताल की चिकित्सक डा. मीनाक्षी श्रीवास्तव के कहने पर हो रहा है। हालांकि डा. मीनाक्षी ने इसे अपने नाम का दुरुपयोग होना बताया है।
टीम ने जयसिंहपुरा में आयुर्वेदिक के नाम पर डा. खेमचंद को एलोपैथिक क्लीनिक का संचालन करते पाया। उन्हें नोटिस थमाया गया। यहीं पर संचालित आरएस क्लीनिक को भी नोटिस दिया गया है। डा. पीके गुप्ता ने बताया कि सील किए गए अस्पताल में कई सिरिंज ऐसी पाई गईं जिनसे प्रतीत हो रहा था कि उनका कई बार उपयोग किया गया हो, यह बीमारियों को बढ़ावा देने वाला है। बताया कि क्लीनिक को बगैर रजिस्ट्रेशन चलाना गैरकानूनी है, यह झोलाछाप की श्रेणी में आएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंगलवार को सीएमओ डा. शेर सिंह के निर्देश पर नोडल अधिकारी डा. पीके गुप्ता, डा. देवेंद्र अग्रवाल, डा. मुकेश वार्ष्णेय के साथ दोपहर करीब 12 बजे मालगोदाम रोड पहुंचे। यहां मां त्रिवेणी देवी प्राथमिक चिकित्सा केंद्र बिना रजिस्ट्रेशन के चलते मिला। अस्पतालों की भांति ही यहां ऑक्सीजन सिलेंडर, सक्शन मशीन, हीमोग्लोबिन-शुगर जांच मशीन, सांस मरीजों के उपचार को नैबोलाइजर, एलोपैथिक दवाइयां, तीन बेड, एक्जामिनिशेन टेबल आदि पाए गए। संचालक प्रेमचंद ने पूछताछ में बताया कि इसका संचालन महिला अस्पताल की चिकित्सक डा. मीनाक्षी श्रीवास्तव के कहने पर हो रहा है। हालांकि डा. मीनाक्षी ने इसे अपने नाम का दुरुपयोग होना बताया है।
विज्ञापन
टीम ने जयसिंहपुरा में आयुर्वेदिक के नाम पर डा. खेमचंद को एलोपैथिक क्लीनिक का संचालन करते पाया। उन्हें नोटिस थमाया गया। यहीं पर संचालित आरएस क्लीनिक को भी नोटिस दिया गया है। डा. पीके गुप्ता ने बताया कि सील किए गए अस्पताल में कई सिरिंज ऐसी पाई गईं जिनसे प्रतीत हो रहा था कि उनका कई बार उपयोग किया गया हो, यह बीमारियों को बढ़ावा देने वाला है। बताया कि क्लीनिक को बगैर रजिस्ट्रेशन चलाना गैरकानूनी है, यह झोलाछाप की श्रेणी में आएगा।
विज्ञापन