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बंदरों के उत्पात के आगे प्रशासन बेबस
Updated Sat, 28 Jul 2018 09:07 PM IST
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- फोटो : self
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वृंदावन (मथुरा)। बंदरों का उत्पात दिनों दिन बढ़ता जा रहा है, लोग घायल हो रहे हैं और प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है। महंत मधुमंगल शरण दास शुक्ल ने प्रदेश के मुख्य सचिव को लिखे पत्र में बंदरों के कारण ब्रज में हो रही जनहानि से अवगत कराते हुए कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने हवाला दिया कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद बंदरों को पकड़ने की कोई योजना नहीं बनाई है।
महंत मधुमंगल शरण दास शुक्ल ने पत्र में लिखा है कि ब्रज में बंदरों का उत्पात बढ़ता ही जा रहा है। खासकर मथुरा और वृंदावन में बंदरों का उत्पात चरम पर है। बंदरों के हमले का शिकार सबसे ज्यादा मोर हुए हैं। बंदरों के हमले से कई लोगों की जान भी जा चुकी है, लेकिन प्रशासन इस पर चुप्पी साधे बैठा है।
इधर अस्पतालों में रैबीज के इंजेक्शन तक उपलब्ध नही हैं। बताया कि उन्होंने बंदरों की समस्या को लेकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की, जिसमें न्यायालय ने प्रशासन से बंदरों की समस्या से निपटने के लिए कड़ाई से निर्देश देते हुए की गई कार्रवाई पर जवाब मांगा था लेकिन प्रशासन ने बंदरों की समस्या को लेकर न तो कोई ठोस पहल की और न अभी तक जवाब लगाया है।
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महंत मधुमंगल शरण दास शुक्ल ने पत्र में लिखा है कि ब्रज में बंदरों का उत्पात बढ़ता ही जा रहा है। खासकर मथुरा और वृंदावन में बंदरों का उत्पात चरम पर है। बंदरों के हमले का शिकार सबसे ज्यादा मोर हुए हैं। बंदरों के हमले से कई लोगों की जान भी जा चुकी है, लेकिन प्रशासन इस पर चुप्पी साधे बैठा है।
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इधर अस्पतालों में रैबीज के इंजेक्शन तक उपलब्ध नही हैं। बताया कि उन्होंने बंदरों की समस्या को लेकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की, जिसमें न्यायालय ने प्रशासन से बंदरों की समस्या से निपटने के लिए कड़ाई से निर्देश देते हुए की गई कार्रवाई पर जवाब मांगा था लेकिन प्रशासन ने बंदरों की समस्या को लेकर न तो कोई ठोस पहल की और न अभी तक जवाब लगाया है।
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