{"_id":"5ab906be4f1c1b344e8b4629","slug":"151522075326-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फूलडोल एकादशी पर बांकेबिहारी मंदिर में सजेंगे फूलबंगले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फूलडोल एकादशी पर बांकेबिहारी मंदिर में सजेंगे फूलबंगले
Updated Mon, 26 Mar 2018 08:30 PM IST
विज्ञापन
कृष्णा
- फोटो : डैमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वृंदावन (मथुरा)। ठाकुरजी को गर्मी से बचाने और शीतलता प्रदान करने के चली आ रही परंपरा का 27 मार्च से निर्वहन होगा। ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में 27 मार्च को कामदा (फूलडोल) एकादशी से जन-जन के आराध्य ठाकुर जी प्रतिदिन सायंकालीन बेला में सुगंधित फूलों से बने बंगले में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे।
27 मार्च मंगलवार को कामदा एकादशी से प्रारंभ होने वाले फूल बंगला सजाने का क्रम श्रावण मास की हरियाली अमावस्या तक जारी रहेगा। इसके साथ ही वृंदावन के ठाकुर राधा वल्लभ लाल, राधा सनेह बिहारी, राधा रमण मंदिर, राधा दामोदर, राधा श्याम सुंदर सहित अन्य मंदिरों में फूल बंगले सजाने का क्रम कामदा एकादशी से प्रारंभ होगा।
बांके बिहारी मंदिर के सेवायत प्रह्लाद वल्लभ गोस्वामी ने बताया कि ठाकुर बांकेबिहारी महाराज को गर्मी में शीतलता देने के लिए फूलबंगले सजाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि कामदा एकादशी से फूल बंगले सजाने का क्रम शुरू होगा और हरियाली अमावस्या तक चलेगा। इस बार पुरुषोत्तम मास होने के कारण लगभग एक माह अधिक फूल बंगले सजेंगे। इसमें गेंदा, गुलाब, कमल, रजनीगंधा, रायबेल, कुंद, मोगरा, चमेली, मौलश्री आदि फूलों का प्रयोग होता है
विज्ञापन
कई गांवों को मिलेगी रोजी रोटी
वृंदावन के समीपवर्ती लक्ष्मीनगर, राजपुर, सुनरख, अहिल्यागंज, तेहरा आदि गांवों के ग्रामीणों के लिए फूल बंगला निर्माण आमदनी और रोजी रोटी का जरिया है। फूल बंगला निर्माण में प्रतिदिन सैंकड़ों किलो फूलों का प्रयोग होता है। इस विधा में लगे कारीगरों को भी इसका लाभ मिलता है।
विज्ञापन
27 मार्च मंगलवार को कामदा एकादशी से प्रारंभ होने वाले फूल बंगला सजाने का क्रम श्रावण मास की हरियाली अमावस्या तक जारी रहेगा। इसके साथ ही वृंदावन के ठाकुर राधा वल्लभ लाल, राधा सनेह बिहारी, राधा रमण मंदिर, राधा दामोदर, राधा श्याम सुंदर सहित अन्य मंदिरों में फूल बंगले सजाने का क्रम कामदा एकादशी से प्रारंभ होगा।
विज्ञापन
बांके बिहारी मंदिर के सेवायत प्रह्लाद वल्लभ गोस्वामी ने बताया कि ठाकुर बांकेबिहारी महाराज को गर्मी में शीतलता देने के लिए फूलबंगले सजाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि कामदा एकादशी से फूल बंगले सजाने का क्रम शुरू होगा और हरियाली अमावस्या तक चलेगा। इस बार पुरुषोत्तम मास होने के कारण लगभग एक माह अधिक फूल बंगले सजेंगे। इसमें गेंदा, गुलाब, कमल, रजनीगंधा, रायबेल, कुंद, मोगरा, चमेली, मौलश्री आदि फूलों का प्रयोग होता है
विज्ञापन
कई गांवों को मिलेगी रोजी रोटी
वृंदावन के समीपवर्ती लक्ष्मीनगर, राजपुर, सुनरख, अहिल्यागंज, तेहरा आदि गांवों के ग्रामीणों के लिए फूल बंगला निर्माण आमदनी और रोजी रोटी का जरिया है। फूल बंगला निर्माण में प्रतिदिन सैंकड़ों किलो फूलों का प्रयोग होता है। इस विधा में लगे कारीगरों को भी इसका लाभ मिलता है।