{"_id":"5ab7b1754f1c1b8f778b75c7","slug":"151521987957-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरे कृष्णा हरे रामा नाम संकीर्तन से गूंजा इस्कॉन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरे कृष्णा हरे रामा नाम संकीर्तन से गूंजा इस्कॉन
Updated Sun, 25 Mar 2018 08:02 PM IST
विज्ञापन
कृष्णा
- फोटो : डैमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वृंदावन (मथुरा)। रमणरेती मार्ग स्थित कृष्ण बलराम इस्कॉन मंदिर में चल रहे स्थापना दिवस में रविवार को विविध धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। रामनवमी पर ठाकुरजी के महाभिषेक दर्शन के लिए हजारों की संख्या में देश-विदेशी श्रद्धालु उमड़ पड़े। देशी-विदेशी भक्तों ने अपने आराध्य के दर्शन कर पुण्यलाभ कमाया।
सुबह मंदिर प्रांगण को देशी-विदेशी फूलों से सजाया गया। मंदिर की शोभा देखते ही बन रही थी। जैसे ही वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य ठाकुर राधाकृष्ण, निताई गौर, कृष्ण बलराम और लिलिता विशाखा देवी की प्रतिमाओं का महाभिषेक प्रारंभ हुआ। समूचा मंदिर प्रांगण भगवान के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। महाभिषेक लगभग एक घंटे तक चला।
इस दौरान देशी विदेशी भक्तों द्वारा हरे कृष्णा हरे रामा नाम संकीर्तन भी किया गया। इससे वातावरण और भी अधिक भक्तिमय हो गया। इसके बाद पुजारियों द्वारा ठाकुरजी का विशेष शृंगार कर भक्तों को दर्शन कराए गए। दोपहर 12:30 बजे मंदिर में महाआरती का आयोजन किया गया। स्थापना दिवस के बारे में बताते हुए वृंदावन इस्कॉन के अध्यक्ष पंचगौड़ा दास ने बताया कि वर्ष 1975 रामनवमी के दिन ही भक्तिवेदांत श्रील प्रभुपाद महाराज ने मंदिर का उद्घाटन कर राधा कृष्ण, निताई गौर और कृष्ण-बलराम की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की। तब से लगातार प्रतिवर्ष हजारों देशी-विदेशी भक्त यह कार्यक्रम मनाते चले आ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सुबह मंदिर प्रांगण को देशी-विदेशी फूलों से सजाया गया। मंदिर की शोभा देखते ही बन रही थी। जैसे ही वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य ठाकुर राधाकृष्ण, निताई गौर, कृष्ण बलराम और लिलिता विशाखा देवी की प्रतिमाओं का महाभिषेक प्रारंभ हुआ। समूचा मंदिर प्रांगण भगवान के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। महाभिषेक लगभग एक घंटे तक चला।
विज्ञापन
इस दौरान देशी विदेशी भक्तों द्वारा हरे कृष्णा हरे रामा नाम संकीर्तन भी किया गया। इससे वातावरण और भी अधिक भक्तिमय हो गया। इसके बाद पुजारियों द्वारा ठाकुरजी का विशेष शृंगार कर भक्तों को दर्शन कराए गए। दोपहर 12:30 बजे मंदिर में महाआरती का आयोजन किया गया। स्थापना दिवस के बारे में बताते हुए वृंदावन इस्कॉन के अध्यक्ष पंचगौड़ा दास ने बताया कि वर्ष 1975 रामनवमी के दिन ही भक्तिवेदांत श्रील प्रभुपाद महाराज ने मंदिर का उद्घाटन कर राधा कृष्ण, निताई गौर और कृष्ण-बलराम की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की। तब से लगातार प्रतिवर्ष हजारों देशी-विदेशी भक्त यह कार्यक्रम मनाते चले आ रहे हैं।
विज्ञापन