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त्रिमहाशक्ति कालिका की महिमा है अपरमपार
Updated Tue, 05 Sep 2017 12:01 AM IST
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त्रिमहाशक्ति कालिका की महिमा है अपरमपार
- फोटो : अमर उजाला
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सोरों (कासगंज)।
सूकर क्षेत्र में त्रिमहाशक्ति कालिका का मंदिर सिद्ध स्थान है। यहां माता के उपासक बड़ी संख्या में दूर-दूर से पहुंचते हैं।
शक्ति सिद्धपीठ के रूप में इस पवित्र मंदिर की ख्याति है। मंदिर में महाशक्ति कालिका की प्रतिमा के अलावा अन्य देवी देवताओं की प्रतिमाएं भी स्थापित हैं। नवग्रह देव, पथवारी माता, ग्राम देवी, हनुमान जी सहित अन्य प्रतिमाएं शामिल हैं। मंदिर में पिछले 46 वर्षों से लगातार अखंड ज्योति प्रज्वलित हो रही है। कालिका माता के समक्ष तमाम श्रद्धालु भक्त पहुंचकर अपनी मनोकामना करते हैं और मनवांछित फल की उन्हें प्राप्ति होती है। नवदुर्गा के समय में यहां अखंड यज्ञ आयोजित होता है। इसमें दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचकर यज्ञ आहुतियां कालिका मां को अर्पित करते हैं। इस मंदिर को शक्ति का स्थान माना जाता है। कालिका माता के भक्त यहां शक्ति प्राप्त करने के लिए जप और पूजा करते हैं। मंदिर के महंत जगदीश गिरी बताते हैं कि माता कालिका के दरबार में हाजिरी लगाने वाले भक्तों की मुराद पूरी होती है कोई भी खाली हाथ नहीं जाता। यह मंदिर काफी भव्य बना हुआ है। एक बार मंदिर में मां के दर्शन को पहुंचने वाले श्रद्धालु बार बार माता आराधना को पहुंचते हैं।
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सूकर क्षेत्र में त्रिमहाशक्ति कालिका का मंदिर सिद्ध स्थान है। यहां माता के उपासक बड़ी संख्या में दूर-दूर से पहुंचते हैं।
शक्ति सिद्धपीठ के रूप में इस पवित्र मंदिर की ख्याति है। मंदिर में महाशक्ति कालिका की प्रतिमा के अलावा अन्य देवी देवताओं की प्रतिमाएं भी स्थापित हैं। नवग्रह देव, पथवारी माता, ग्राम देवी, हनुमान जी सहित अन्य प्रतिमाएं शामिल हैं। मंदिर में पिछले 46 वर्षों से लगातार अखंड ज्योति प्रज्वलित हो रही है। कालिका माता के समक्ष तमाम श्रद्धालु भक्त पहुंचकर अपनी मनोकामना करते हैं और मनवांछित फल की उन्हें प्राप्ति होती है। नवदुर्गा के समय में यहां अखंड यज्ञ आयोजित होता है। इसमें दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचकर यज्ञ आहुतियां कालिका मां को अर्पित करते हैं। इस मंदिर को शक्ति का स्थान माना जाता है। कालिका माता के भक्त यहां शक्ति प्राप्त करने के लिए जप और पूजा करते हैं। मंदिर के महंत जगदीश गिरी बताते हैं कि माता कालिका के दरबार में हाजिरी लगाने वाले भक्तों की मुराद पूरी होती है कोई भी खाली हाथ नहीं जाता। यह मंदिर काफी भव्य बना हुआ है। एक बार मंदिर में मां के दर्शन को पहुंचने वाले श्रद्धालु बार बार माता आराधना को पहुंचते हैं।