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शासन को फर्जी रिपोर्ट भेजने पर फंसे सीओ अलीगंज
Updated Thu, 10 Aug 2017 11:44 PM IST
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फ्रोड़ युवक गिरफ्तार
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एटा। जैथरा के ट्रिपल मर्डर में जमानत पर बाहर आरोपी मनोज को जेल में बताकर अफसरों को झूठी रिपोर्ट भेजने के मामले में सीओ अलीगंज फंस गए हैं। शिकायत के निस्तारण पर आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने एडीजी आगरा को जांच के आदेश देते हुए 15 दिन में आख्या तलब की है। मुख्यमंत्री ऑफिस के आदेश पर बैठी जांच की आंच एसएसपी ऑफिस तक पहुंच गई है। एसएसपी पर आंखें बंदकर आख्या को स्वीकार कर उच्च स्तर पर भेजने का आरोप लगा है।
सीओ अलीगंज अजय भदौरिया ने आईजीआरएस पर दर्ज शिकायत की जांच कर जैथरा निवासी संतोष देवी के पति को ट्रिपल मर्डर में जमानत पर होने के बाद भी जेल में निरुद्ध बताया था। हालांकि आरोपी डेढ़ साल से जमानत पर है। जांच के दौरान सीओ ने पीड़िता के न बयान लिए और न साक्ष्य जुटाए।
शिकायत का अवलोकन न कर विषयवस्तु और अनुरोध के विपरीत मनगढ़ंत जांच रिपोर्ट एसएसपी को भेज दी थी। एसएसपी अखिलेश कुमार चौरसिया ने सीओ की रिपोर्ट स्वीकार कर शासन को भेजकर शिकायत का निस्तारण कर दिया। ‘अमर उजाला’ में विगत आठ जुलाई के अंक में ‘आरोपी जमानत पर पुलिस बोली’ जेल में शीर्षक से खबर प्रकाशित की। इस पर हड़कंप मच गया। खबर प्रकाशित होने के बाद सोशल मीडिया में मामले ने सुर्खियां बटोरीं। पीड़िता संतोष देवी ने ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित खबर मुख्यमंत्री कार्यालय भेजी तो मामले से गंभीरता से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय ने एडीजी आगरा जांच के आदेश दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि प्रकरण को गंभीरता से लेकर 15 दिन में आख्या दें।
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लापरवाही पर मिला सी ग्रेड
मुख्यमंत्री दफ्तर ने प्रकरण को गंभीरता से लिया है। सीएम दफ्तर ने पुलिस अफसरों की लापरवाही को सी ग्रेड दिया है। ऐसे मे साफ है कि सीएम दफ्तर पुलिस अफसरों की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। मामला ट्वीट के माध्यम से डीजीपी के संज्ञान में लाया गया तो एसएसपी को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। हालांकि एक महीने बाद भी सीओ अलीगंज की मामले को लेकर जवाबदेही तय नहीं की गई है।
यह था मामला
जैथरा में वर्ष 2011 में तीन लोगों की हत्या की गई थी। ट्रिपल मर्डर में संतोष के पति मनोज समेत डेढ़ दर्जन लोगों पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वारदात के समय मनोज के पुलिस अधिकारियों के साथ दूसरे क्षेत्र में होने के आधार पर वर्ष 2012 में शासन ने केस वापस लेने को डीएम से रिपोर्ट तलब की। तय बिंदुओं पर रिपोर्ट भेज डीएम ने सीबीसीआईडी से जांच रिपोर्ट मांगी। डीएम ने एसपी सीबीसीआईडी से आख्या भेजने के लिए पत्र लिखे, लेकिन आख्या नहीं दी गई। इसकी शिकायत संतोष ने आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज कराकर सीबीसीआईडी से आख्या दिलाने की मांग की थी।
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सीओ अलीगंज अजय भदौरिया ने आईजीआरएस पर दर्ज शिकायत की जांच कर जैथरा निवासी संतोष देवी के पति को ट्रिपल मर्डर में जमानत पर होने के बाद भी जेल में निरुद्ध बताया था। हालांकि आरोपी डेढ़ साल से जमानत पर है। जांच के दौरान सीओ ने पीड़िता के न बयान लिए और न साक्ष्य जुटाए।
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शिकायत का अवलोकन न कर विषयवस्तु और अनुरोध के विपरीत मनगढ़ंत जांच रिपोर्ट एसएसपी को भेज दी थी। एसएसपी अखिलेश कुमार चौरसिया ने सीओ की रिपोर्ट स्वीकार कर शासन को भेजकर शिकायत का निस्तारण कर दिया। ‘अमर उजाला’ में विगत आठ जुलाई के अंक में ‘आरोपी जमानत पर पुलिस बोली’ जेल में शीर्षक से खबर प्रकाशित की। इस पर हड़कंप मच गया। खबर प्रकाशित होने के बाद सोशल मीडिया में मामले ने सुर्खियां बटोरीं। पीड़िता संतोष देवी ने ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित खबर मुख्यमंत्री कार्यालय भेजी तो मामले से गंभीरता से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय ने एडीजी आगरा जांच के आदेश दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि प्रकरण को गंभीरता से लेकर 15 दिन में आख्या दें।
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लापरवाही पर मिला सी ग्रेड
मुख्यमंत्री दफ्तर ने प्रकरण को गंभीरता से लिया है। सीएम दफ्तर ने पुलिस अफसरों की लापरवाही को सी ग्रेड दिया है। ऐसे मे साफ है कि सीएम दफ्तर पुलिस अफसरों की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। मामला ट्वीट के माध्यम से डीजीपी के संज्ञान में लाया गया तो एसएसपी को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। हालांकि एक महीने बाद भी सीओ अलीगंज की मामले को लेकर जवाबदेही तय नहीं की गई है।
यह था मामला
जैथरा में वर्ष 2011 में तीन लोगों की हत्या की गई थी। ट्रिपल मर्डर में संतोष के पति मनोज समेत डेढ़ दर्जन लोगों पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वारदात के समय मनोज के पुलिस अधिकारियों के साथ दूसरे क्षेत्र में होने के आधार पर वर्ष 2012 में शासन ने केस वापस लेने को डीएम से रिपोर्ट तलब की। तय बिंदुओं पर रिपोर्ट भेज डीएम ने सीबीसीआईडी से जांच रिपोर्ट मांगी। डीएम ने एसपी सीबीसीआईडी से आख्या भेजने के लिए पत्र लिखे, लेकिन आख्या नहीं दी गई। इसकी शिकायत संतोष ने आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज कराकर सीबीसीआईडी से आख्या दिलाने की मांग की थी।