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कीर्ति नंदिनी को छलने के लिए जोगन बन आए श्रीकृष्ण
Updated Fri, 01 Sep 2017 12:36 AM IST
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बरसाना (मथुरा)। बूढ़ी लीला महोत्सव में गुरुवार को विलासगढ़ पर राधा-कृष्ण के बीच जोगिन लीला का मंचन हुआ। इसमें भगवान श्रीकृष्ण अपनी प्रेयसी श्रीराधा को छलने के लिए जोगिन का रूप धारण कर उन्हें रिझाते रहे और श्रीराधा की ना-नुकर के दर्शन कर श्रद्धालु तीनों लोकों के स्वामी श्रीकृष्ण को उनके समक्ष गिड़गिड़ाते देख लीला का आनंद लेते रहे।
राधा-कृष्ण की विलास लीला का एकांत स्थल, निम्बार्क संत हंसदास और उनके शिष्य वंशीदास की तपस्या स्थली विष्णु पर्वत पर आसीन विलासगढ़ पर युगलवर की लीलाओं का आयोजन धूमधाम से हुआ। लीला के मंचन में जोगिन रूप में आवाज लगाते नंदनंदन कहते हैं कि कोई है जो अपने गृह और नक्षत्र दिखवाना चाहता है।
उनकी आवाज को सुन राधाजी की सबसे प्रिय सखी ललिता, विशाखा उन्हें महाभाव श्रीराधा के पास लेकर आती हैं, वहां जोगिन रूप धारण किए नंदलाल ने किशोरी जू के हाथ की रेखाएं देखीं और कहा कि तुम्हारी शादी तो नंद के छोरा से होगी।
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यह सुनते ही वह उनके इस रूप को पहचान गईं और आंखों के इशारे से पूछा कि यह सब क्या है? श्रीकृष्ण ने पलकें झुका कर कहा कि स्वामिनी मुझे आपके दर्शन करने थे, इसलिए यह रूप मुझे रखना पड़ा। लीला के बाद श्रीविग्रह को झूला झुलाया गया।
चोटी बंधन लीला आज
बूढ़ी लीला महोत्सव में एक सितंबर को चोटी बंधन लीला, गाजीपुर स्थित प्रेम सरोवर पर राधाकृष्ण की नौका विहार लीला का आयोजन होगा।
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राधा-कृष्ण की विलास लीला का एकांत स्थल, निम्बार्क संत हंसदास और उनके शिष्य वंशीदास की तपस्या स्थली विष्णु पर्वत पर आसीन विलासगढ़ पर युगलवर की लीलाओं का आयोजन धूमधाम से हुआ। लीला के मंचन में जोगिन रूप में आवाज लगाते नंदनंदन कहते हैं कि कोई है जो अपने गृह और नक्षत्र दिखवाना चाहता है।
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उनकी आवाज को सुन राधाजी की सबसे प्रिय सखी ललिता, विशाखा उन्हें महाभाव श्रीराधा के पास लेकर आती हैं, वहां जोगिन रूप धारण किए नंदलाल ने किशोरी जू के हाथ की रेखाएं देखीं और कहा कि तुम्हारी शादी तो नंद के छोरा से होगी।
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यह सुनते ही वह उनके इस रूप को पहचान गईं और आंखों के इशारे से पूछा कि यह सब क्या है? श्रीकृष्ण ने पलकें झुका कर कहा कि स्वामिनी मुझे आपके दर्शन करने थे, इसलिए यह रूप मुझे रखना पड़ा। लीला के बाद श्रीविग्रह को झूला झुलाया गया।
चोटी बंधन लीला आज
बूढ़ी लीला महोत्सव में एक सितंबर को चोटी बंधन लीला, गाजीपुर स्थित प्रेम सरोवर पर राधाकृष्ण की नौका विहार लीला का आयोजन होगा।