फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   धरने पर रहे शिक्षामित्र, 700 स्कूलों पर लगा ताला

धरने पर रहे शिक्षामित्र, 700 स्कूलों पर लगा ताला

Thu, 27 Jul 2017 12:08 AM IST
Updated Thu, 27 Jul 2017 12:08 AM IST
विज्ञापन
धरने पर रहे शिक्षामित्र, 700 स्कूलों पर लगा ताला
प्रदर्शन करते शिक्षामित्र - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
मैनपुरी/औंछा। शिक्षामित्रों का सहायक के पद पर समायोजन रद्द करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बुधवार को जिले के करीब 700 विद्यालय नहीं खुल सके। यह विद्यालय शिक्षामित्रों से नियुक्त किए गए सहायकों के सहारे ही चल रहे थे। इन स्कूलों में बुधवार सुबह बच्चे तो पहुुंचे, लेकिन अध्यापकों के न आने पर वह इंतजार कर लौट गए।
विज्ञापन


उल्लेखनीय है कि जिले में 2145 शिक्षामित्र तैनात थे। इनमें से 1992 शिक्षामित्रों का समायोजन सहायक अध्यापक के पद पर किया जा चुका था। शिक्षकों की कमी के चलते जिले के सात सौ से अधिक स्कूल इन्हीं सहायकाें या शिक्षामित्रों के सहारे चल रहे थे। अब सुप्रीम कोर्ट के समायोजन रद्द करने के फैसले के बाद जिले में बेसिक शिक्षा की नींव हिल गई है।
विज्ञापन


इसके चलते बुधवार को जगह-जगह स्कूलों पर ताले लगे नजर आए। विद्यालय में पढ़ने आने वाले बच्चे इधर-उधर भटकते रहे बाद में घर लौट गए। विद्यालय बंद होने से अभिभावकों को भी अपने बच्चों की पढ़ाई की चिंता सता रही है। इस स्थिति से निपटने के लिए अभी तक शासन से कोई निर्देश न मिल पाने के कारण अधिकारी भी लाचार दिखे।
विज्ञापन
विज्ञापन


शिक्षामित्रों का सहायक के पद पर समायोजन रद्द करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बुधवार को शिक्षामित्रों ने जिला मुख्यालय पर कलक्ट्रेट स्थित तिकोनिया पार्क में प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। मांग की है कि राज्य सरकार सर्वोच्च न्यायालय में शीघ्र पुनर्विचार याचिका दाखिल करे। शिक्षामित्रों की भीड़ को देखते हुए धरना स्थल पर पुलिस बल भी मौजूद रहा।


शिक्षामित्र हेमसिंह यादव ने कहा कि 2001 से 2015 तक हम लोग थोड़े से मानदेय पर शिक्षा विभाग में कार्य कर रहे थे। नियुक्ति के समय 90 प्रतिशत शिक्षामित्रों की शैक्षणिक योग्यता स्नातक थी। जिले में 40 प्रतिशत शिक्षामित्र टीईटी उत्तीर्ण हैं। शुभम शक्ति भदौरिया ने कहा कि कोर्ट के इस निर्णय के बाद शिक्षामित्रों के सामने परिवार के पालन पोषण की समस्या आ जाएगी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए निर्णय के पैरा 26 के अंतिम पंक्ति में शिक्षामित्रों और समायोजित शिक्षक के भविष्य को सुरक्षित करने का अधिकार राज्य सरकार को दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed