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ग्राम प्रधान टिमरख और तत्कालीन सचिव को नोटिस
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मैनपुरी। विकास कार्यों के लिए आई धनराशि निकालने के आरोप में ग्राम पंचायत टिमरख के ग्राम प्रधान और तत्कालीन सचिव को नोटिस जारी किया गया। नोटिस का जवाब न देने पर दोनों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। विकास खंड करहल की ग्राम पंचायत टिमरख में विकास कार्यों के लिए आई धनराशि निकालने का आरोप लगाया गया था। शिकायतकर्ता ने 13 लाख 95 हजार रुपये की धनराशि खाते से निकालने का आरोप लगाया था।
ग्राम प्रधान नजरश्री और तत्कालीन सचिव प्रेमचंद बाथम को इसमें दोषी बताया गया था। मामले में आदेश भी हुए, लेकिन बाद में ग्राम प्रधान की अपील पर उच्च न्यायालय ने सभी आदेश निरस्त कर दोबारा कार्रवाई करने का आदेश दिया। इस पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने ग्राम प्रधान पर तत्कालीन पंचायत सचिव को 95जी का नोटिस जारी किया है। इसमें धनराशि निकालने के संबंध में 15 दिन में साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे। अगर साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए तो दोषी मानते हुए एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
मामले की शिकायत के बाद जिलाधिकारी के आदेश पर ग्राम प्रधान के अधिकारी सीज किए गए थे। इसके बाद ग्राम प्रधान नजरश्री ने उच्च न्यायालय की शरण ली थी। उच्च न्यायालय ने पूर्व में दिए गए आदेशों को निरस्त करते हुए दोबारा नए सिरे से मामले की जांच करने के आदेश दिए थे। इसके बाद अब दोबारा से कार्रवाई की जा रही है।
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ग्राम प्रधान नजरश्री और तत्कालीन सचिव प्रेमचंद बाथम को इसमें दोषी बताया गया था। मामले में आदेश भी हुए, लेकिन बाद में ग्राम प्रधान की अपील पर उच्च न्यायालय ने सभी आदेश निरस्त कर दोबारा कार्रवाई करने का आदेश दिया। इस पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने ग्राम प्रधान पर तत्कालीन पंचायत सचिव को 95जी का नोटिस जारी किया है। इसमें धनराशि निकालने के संबंध में 15 दिन में साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे। अगर साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए तो दोषी मानते हुए एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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मामले की शिकायत के बाद जिलाधिकारी के आदेश पर ग्राम प्रधान के अधिकारी सीज किए गए थे। इसके बाद ग्राम प्रधान नजरश्री ने उच्च न्यायालय की शरण ली थी। उच्च न्यायालय ने पूर्व में दिए गए आदेशों को निरस्त करते हुए दोबारा नए सिरे से मामले की जांच करने के आदेश दिए थे। इसके बाद अब दोबारा से कार्रवाई की जा रही है।
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