{"_id":"5b89862442c792465e1e9f3e","slug":"141535739428-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाढ़ ने बढ़ाई परेशानी: पलायन करने लगे ग्रामीण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाढ़ ने बढ़ाई परेशानी: पलायन करने लगे ग्रामीण
Updated Fri, 31 Aug 2018 11:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज/पटियाली।
जिले में बाढ़ का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। डेंजर फ्लड होने के अलर्ट पर प्रभावित गांवों में खलबली मच गई। प्रशासनिक अधिकारियों की चेतावनी पर कई गांव के लोग पलायन कर सुरक्षित स्थानों पर पहुुंचने लगे हैं। नाव के सहारे तमाम परिवारों ने अपने गांव छोड़ दिए हैं। अगले दो दिनों में बाढ़ से और हालात खराब होने का अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बिगड़ रहे हालात को सामान्य में होने में वक्त लगेगा।
पिछले कई दिनों से मीडियम फ्लड के हालात जिले में बने हुए हैं। पिछले 24 घंटों में हरिद्वार से गंगा में डिस्चार्ज करीब 65 हजार क्यूसेक तो बिजनौर से 32 हजार क्यूसेक का डिस्चार्ज बढ़ा है। नरौरा से पहले ही मीडियम फ्लड लेविल का डिस्चार्ज चल रहा था। हरिद्वार और बिजनौर का शनिवार सायं से डिस्चार्ज नरौरा की ओर पहुंचना शुरू हो जाएगा। ऐसी स्थिति में अगले 24 घंटों में जिले में डेंजर फ्लड के हालात हो सकते हैं। डेंजर फ्लड के हालात होने पर बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्थिति और खराब होगी। प्रशासन के अलर्ट के बाद से बाढ़ प्रभावित गांव में खलबली मच गई है। हालांकि प्रशासन एक दिन पहले से ही ग्रामीणों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की चेतावनी दी थी लेकिन ग्रामीणों ने अनसुना कर दिया।
शुक्रवार को प्रशासन के द्वारा सर्वाधिक प्रभावित गांव में नाव डाली गईं। ऐसी स्थिति में तमाम ग्रामीण जिनकी झोपड़ियां और कच्चे मकान असुरक्षित थे उनमें रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। गल्ला, घरेलू सामान आदि लेकर नाव के सहारे लोगों ने गांव से निकलकर नरदौली के शमशान स्थल में डेरा जमाया है। वहीं नगला जाटवान के तमाम परिवार तिरपाल की झोपड़ियां बनाकर रहने लगे हैं। पूरे दिन ग्रामीण बाढ़ से बचाव के इंतजाम में जुटे रहे। नगला हंसी और नगला जाटवान के अलावा बाढ़ से प्रभावित अन्य ग्रामीण परिवार सुरक्षित स्थान पर जा चुके हैं। वहीं तमाम परिवारों ने सड़क पर ही तिरपाल की झोपड़ी बनाकर डेरा जमाया है और पशुओं को भी सड़क किनारे बांध दिया है।
विज्ञापन
डिस्चार्ज-
नरौरा- 186893 क्यूसेक
बिजनौर- 182288 क्यूसेक
हरिद्वार- 142516 क्यूसेक
कछला गेज- 163.60 मीटर के निशान पर।
विज्ञापन
जिले में बाढ़ का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। डेंजर फ्लड होने के अलर्ट पर प्रभावित गांवों में खलबली मच गई। प्रशासनिक अधिकारियों की चेतावनी पर कई गांव के लोग पलायन कर सुरक्षित स्थानों पर पहुुंचने लगे हैं। नाव के सहारे तमाम परिवारों ने अपने गांव छोड़ दिए हैं। अगले दो दिनों में बाढ़ से और हालात खराब होने का अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बिगड़ रहे हालात को सामान्य में होने में वक्त लगेगा।
पिछले कई दिनों से मीडियम फ्लड के हालात जिले में बने हुए हैं। पिछले 24 घंटों में हरिद्वार से गंगा में डिस्चार्ज करीब 65 हजार क्यूसेक तो बिजनौर से 32 हजार क्यूसेक का डिस्चार्ज बढ़ा है। नरौरा से पहले ही मीडियम फ्लड लेविल का डिस्चार्ज चल रहा था। हरिद्वार और बिजनौर का शनिवार सायं से डिस्चार्ज नरौरा की ओर पहुंचना शुरू हो जाएगा। ऐसी स्थिति में अगले 24 घंटों में जिले में डेंजर फ्लड के हालात हो सकते हैं। डेंजर फ्लड के हालात होने पर बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्थिति और खराब होगी। प्रशासन के अलर्ट के बाद से बाढ़ प्रभावित गांव में खलबली मच गई है। हालांकि प्रशासन एक दिन पहले से ही ग्रामीणों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की चेतावनी दी थी लेकिन ग्रामीणों ने अनसुना कर दिया।
विज्ञापन
शुक्रवार को प्रशासन के द्वारा सर्वाधिक प्रभावित गांव में नाव डाली गईं। ऐसी स्थिति में तमाम ग्रामीण जिनकी झोपड़ियां और कच्चे मकान असुरक्षित थे उनमें रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। गल्ला, घरेलू सामान आदि लेकर नाव के सहारे लोगों ने गांव से निकलकर नरदौली के शमशान स्थल में डेरा जमाया है। वहीं नगला जाटवान के तमाम परिवार तिरपाल की झोपड़ियां बनाकर रहने लगे हैं। पूरे दिन ग्रामीण बाढ़ से बचाव के इंतजाम में जुटे रहे। नगला हंसी और नगला जाटवान के अलावा बाढ़ से प्रभावित अन्य ग्रामीण परिवार सुरक्षित स्थान पर जा चुके हैं। वहीं तमाम परिवारों ने सड़क पर ही तिरपाल की झोपड़ी बनाकर डेरा जमाया है और पशुओं को भी सड़क किनारे बांध दिया है।
विज्ञापन
डिस्चार्ज-
नरौरा- 186893 क्यूसेक
बिजनौर- 182288 क्यूसेक
हरिद्वार- 142516 क्यूसेक
कछला गेज- 163.60 मीटर के निशान पर।