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राशन डीलर एफआईआर के बाद हुए अंडरग्राउंड
Updated Fri, 31 Aug 2018 11:25 PM IST
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मैनपुरी। जिले में सरकारी राशन का घोटाला सामने आने और एफआईआर होने के बाद राशन डीलर अंडरग्राउंड हो गए हैं। वह न तो घर पर ही और नहीं घरवाले भी उनकी कोई जानकारी दे रहे हैं। जिले में सरकारी राशन का घोटला करने पर विभाग की ओर से 17 राशन डीलरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
इन राशन डीलरों ने आधार कार्ड के नंबरों में फेरबदल कर राशन घोटाले को अंजाम दिया था। वहीं राशन घोटाले में मुख्य सरगना का नाम भी उजागर होने लगा है। सूत्रों के मुताबिक सरगना भोगांव का रहने वाला है। उसी के कइशारे पर पूरा खेल चलता है।
राशन घोटाले की जांच एसआईटी को सौंप दी गई है। जांच में घोटाले की कई नई परतें भी खुलने की उम्मीद है। वहीं राजा का बाग कोटेदार सुनीता दुबे के पुत्र अंकित दुबे ने जिला पूर्ति विभाग की ओर से लगाए गए आरोपों को झूठा बताया।
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इन राशन डीलरों ने आधार कार्ड के नंबरों में फेरबदल कर राशन घोटाले को अंजाम दिया था। वहीं राशन घोटाले में मुख्य सरगना का नाम भी उजागर होने लगा है। सूत्रों के मुताबिक सरगना भोगांव का रहने वाला है। उसी के कइशारे पर पूरा खेल चलता है।
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राशन घोटाले की जांच एसआईटी को सौंप दी गई है। जांच में घोटाले की कई नई परतें भी खुलने की उम्मीद है। वहीं राजा का बाग कोटेदार सुनीता दुबे के पुत्र अंकित दुबे ने जिला पूर्ति विभाग की ओर से लगाए गए आरोपों को झूठा बताया।
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