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पानी में डूबे कस्तूरबा विद्यालय, घर भेजीं गईं बालिकाएं
Updated Wed, 01 Aug 2018 11:13 PM IST
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कस्तूरबा स्कूल में भरा पानी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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चौमुहां/छाता (मथुरा)। जिले के तीन कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय बरसात की चपेट में आ गए हैं। विद्यालयों में पूरी तरह से पानी भर गया है। यहां मैदान ही नहीं, कक्षाओं में भी कई फुट पानी पहुंच गया है। गंभीर स्थिति को देख यहां अध्ययनरत बालिकाओं को घर भेजते हुए विद्यालयों पर ताले जड़ दिए हैं।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयोें का संचालन ब्लॉक स्तर पर हो रहा है। छाता और मांट अंतर्गत तीन विद्यालयों में आसपास के ड्रेन और नालों के उफनने से पानी भर गया है। सबसे ज्यादा चिंताजनक स्थिति छाता और चौमुहां (अकबरपुर) की है। यह दोनों ही विद्यालय पूरी तरह से बरसात के पानी की चपेट में हैं।
अकबरपुर में नाले पर अतिक्रमण के चलते यहां पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। छाता में तो जल निकासी का कोई साधन ही नहीं है। खेतों के माध्यम से पानी विद्यालय परिसर में पहुंच रहा है। यहां की गंभीर स्थिति को भांपते हुए विद्यालय में ताले डाल दिए गए हैं। अध्ययनरत 100-100 छात्राओं को उनके घर भेज दिया गया है। बालिकाओं को अभी भी नहीं पता कि अवकाश कब तक रहेगा।
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उन्हें अनिश्चितकालीन अवकाश की जानकारी दी गई है। अकबरपुर में जूनियर हाईस्कूल की भी यही दशा है। इसी तरह नौहझील के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय के संपर्क मार्ग को बरसात के पानी ने अपनी चपेट में ले लिया है। आवागमन की स्थिति यहां भी प्रभावित हो रही है। बीएसए चंद्रशेखर ने इस स्थिति से एसडीएम छाता और मांट को अवगत करा दिया है।
हमें भी भिजवा दीजिए हेलीकाप्टर
गोकुल। बरसात और रजबहों के पानी से महावन तहसील के आधा दर्जन गांवों में जलभराव है। लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं। बच्चों का स्कूल जाना बंद हुआ तो ग्रामीणों की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न होकर चौपट हो रही हैं। ऐसे में स्कूल जाने से वंचित यहां के बच्चे भी मुख्यमंत्री से हेलीकाप्टर की मांग कर रहे हैं।
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कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयोें का संचालन ब्लॉक स्तर पर हो रहा है। छाता और मांट अंतर्गत तीन विद्यालयों में आसपास के ड्रेन और नालों के उफनने से पानी भर गया है। सबसे ज्यादा चिंताजनक स्थिति छाता और चौमुहां (अकबरपुर) की है। यह दोनों ही विद्यालय पूरी तरह से बरसात के पानी की चपेट में हैं।
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अकबरपुर में नाले पर अतिक्रमण के चलते यहां पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। छाता में तो जल निकासी का कोई साधन ही नहीं है। खेतों के माध्यम से पानी विद्यालय परिसर में पहुंच रहा है। यहां की गंभीर स्थिति को भांपते हुए विद्यालय में ताले डाल दिए गए हैं। अध्ययनरत 100-100 छात्राओं को उनके घर भेज दिया गया है। बालिकाओं को अभी भी नहीं पता कि अवकाश कब तक रहेगा।
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उन्हें अनिश्चितकालीन अवकाश की जानकारी दी गई है। अकबरपुर में जूनियर हाईस्कूल की भी यही दशा है। इसी तरह नौहझील के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय के संपर्क मार्ग को बरसात के पानी ने अपनी चपेट में ले लिया है। आवागमन की स्थिति यहां भी प्रभावित हो रही है। बीएसए चंद्रशेखर ने इस स्थिति से एसडीएम छाता और मांट को अवगत करा दिया है।
हमें भी भिजवा दीजिए हेलीकाप्टर
गोकुल। बरसात और रजबहों के पानी से महावन तहसील के आधा दर्जन गांवों में जलभराव है। लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं। बच्चों का स्कूल जाना बंद हुआ तो ग्रामीणों की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न होकर चौपट हो रही हैं। ऐसे में स्कूल जाने से वंचित यहां के बच्चे भी मुख्यमंत्री से हेलीकाप्टर की मांग कर रहे हैं।