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सुप्रीम कोर्ट में विजन डाक्यूमेंट पर हुआ मंथन
Updated Mon, 30 Jul 2018 11:53 PM IST
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supreme court
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फिरोजाबाद। ताजमहल के रखरखाव में लापरवाही के मामले को लेकर सोमवार को टीटीजेड अथॉरिटी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में विजन डाक्यूमेंट दाखिल किया गया। सुप्रीम कोर्ट में विजन डाक्यूमेंट पर चर्चा हुई। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में मंडलायुक्त के अलावा उद्योग विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, गेल गैस लिमिटेड सहित अन्य अफसर शामिल हुए।
एमसी मेहता ने ताजमहल के रखरखाव में लापरवाही, टीटीजेड में रोक के बावजूद कांच इकाइयों को निर्माण की अनुमति और गैस इकाइयों का कोटा बढ़ाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने ताजमहल के रखरखाव में लापरवाही पर टीटीजेड को फटकार लगाते हुए मंडलायुक्त को 26 जुलाई को कोर्ट में तलब किया था। 26 जुलाई को मंडलायुक्त सहित संबंधित अफसरों ने सुप्रीम कोर्ट में हाजिर होकर अपने जवाब दाखिल किए थे। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 1996 से अबतक कांच इकाइयों का ब्योरा तलब किया था, जो उद्योग विभाग, प्रदूषण बोर्ड एवं गेल गैस लिमिटेड की ओर से रविवार को दाखिल कर दिया गया।
सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को मंडलायुक्त के राममोहन राव, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से डा. विश्वनाथ शर्मा, उपायुक्त उद्योग शरद टंडन सहित अन्य अधिकारी सुनवाई में पहुंचे। सुप्रीम कोर्ट में विजन डाक्यूमेंट दाखिल किया गया। कोर्ट में विजन डाक्यूमेंट पर चर्चा हुई। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एमसी मेहता को अध्ययन के लिए विजन डाक्यूमेंट की रिपोर्ट दी गई। सुप्रीम कोर्ट ने एमसी मेहता को रिपोर्ट का अध्ययन करने के साथ उनकी राय मांगी है। मामले में अगली सुनवाई 28 अगस्त को होगी।
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एमसी मेहता ने ताजमहल के रखरखाव में लापरवाही, टीटीजेड में रोक के बावजूद कांच इकाइयों को निर्माण की अनुमति और गैस इकाइयों का कोटा बढ़ाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने ताजमहल के रखरखाव में लापरवाही पर टीटीजेड को फटकार लगाते हुए मंडलायुक्त को 26 जुलाई को कोर्ट में तलब किया था। 26 जुलाई को मंडलायुक्त सहित संबंधित अफसरों ने सुप्रीम कोर्ट में हाजिर होकर अपने जवाब दाखिल किए थे। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 1996 से अबतक कांच इकाइयों का ब्योरा तलब किया था, जो उद्योग विभाग, प्रदूषण बोर्ड एवं गेल गैस लिमिटेड की ओर से रविवार को दाखिल कर दिया गया।
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सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को मंडलायुक्त के राममोहन राव, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से डा. विश्वनाथ शर्मा, उपायुक्त उद्योग शरद टंडन सहित अन्य अधिकारी सुनवाई में पहुंचे। सुप्रीम कोर्ट में विजन डाक्यूमेंट दाखिल किया गया। कोर्ट में विजन डाक्यूमेंट पर चर्चा हुई। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एमसी मेहता को अध्ययन के लिए विजन डाक्यूमेंट की रिपोर्ट दी गई। सुप्रीम कोर्ट ने एमसी मेहता को रिपोर्ट का अध्ययन करने के साथ उनकी राय मांगी है। मामले में अगली सुनवाई 28 अगस्त को होगी।
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