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नंदपुर तक पहुंचा जेड़ाझाल नहर का पानी, परीक्षण शुरू
Updated Thu, 19 Jul 2018 11:54 PM IST
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फिरोजाबाद। सुहागनगरी की सात लाख से अधिक जनता को जल्द मीठा पानी मिलने की उम्मीद है। जेड़ाझाल नहर से नंदपुर में तैयार इंटेक प्लांट तक साफ पानी पहुंच गया। जलनिगम ने नहर में साफ पानी आने के साथ इंटेक प्लांट की टेस्टिंग का कार्य शुरू कर दिया है।
तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 16 मार्च-13 में जसराना नवीन नहर परियोजना की नींव सुहाग नगरी में रखी थी। इस परियोजना में नंदपुर तक नहर बनाने, ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर शहर को मीठा पानी देने का प्रावधान है। नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना स्वयं दो बार वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण कर चुके हैं। नगर विधायक मनीष असीजा के साथ 30 जून को नगर विकास मंत्री ने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की प्रगति देखी।
जलनिगम के चीफ इंजीनियर ने सिंचाई विभाग द्वारा नहर में पानी न छोड़े जाने का मामला उठाया था। नगर विकास मंत्री के समक्ष सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर ने सात जुलाई तक पानी छोडने के आश्वासन दिया था। इसके बावजूद 10 जुलाई तक पानी नहीं छोड़ा। जलनिगम के अधिशासी अभियंता ने सिंचाई विभाग द्वारा पानी न छोड़ने का मामला डीएम नेहा शर्मा के समक्ष उठाया।
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प्रशासन की सख्ती के बाद रविवार को सिंचाई विभाग ने जेड़ाझाल नहर में पानी छोड़ा, जो नंदपुर में बन कर तैयार हुए इंटेक प्लांट तक पहुंचा। सिंचाई विभाग द्वारा पानी रोकने को गेट भी लगवाए गए हैं। पांच दिन में नहर से इंटेक प्लांट तक साफ पानी पहुंचने से जल्द ही जनता को मीठा पानी मिलने की पूरी उम्मीद नजर आ रही है।
ग्रामीण फीडर से जोड़ दी सप्लाई, नहीं चल पा रहा प्लांट
शहर की जनता को मीठा पानी उपलब्ध कराने के लिए नंदपुर में इंटेक प्लांट तथा सैलई में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तैयार कराया गया है। दोनों प्लांट को 24 घंटे चलाने के लिए दोनों प्लांटों का विद्युतीकरण कराया गया है, परंतु विद्युत विभाग ने प्लांट की सप्लाई देहात के फीडर से जोड़ दी है। बार-बार विद्युत कटौती होने के कारण प्लांट की टेस्टिंग नहीं हो पा रही। सुचारू आपूर्ति न मिलने के संबंध में मुख्य अभियंता को अवगत कराया गया है।
वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से मिलेगा 60 एमएलडी पानी
432 करोड़ की पेयजल पुनर्गठन योजना के अंतर्गत जलनिगम द्वारा सैलई में 120 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तैयार कराया गया है। इस प्लांट से अभी शहर को 60 एमएलडी पानी ही मिलेगा। जलनिगम एक्सईएन राकेश कुमार ने बताया कि वर्तमान में शहर में 200 से अधिक नलकूप, करीब 500 समबर्सिबल लगी हैं, जिससे करीब 60 एमएलडी पानी उत्पादन हो रहा है। शहर की जरूरत के मुताबिक प्लांट से पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
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तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 16 मार्च-13 में जसराना नवीन नहर परियोजना की नींव सुहाग नगरी में रखी थी। इस परियोजना में नंदपुर तक नहर बनाने, ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर शहर को मीठा पानी देने का प्रावधान है। नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना स्वयं दो बार वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण कर चुके हैं। नगर विधायक मनीष असीजा के साथ 30 जून को नगर विकास मंत्री ने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की प्रगति देखी।
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जलनिगम के चीफ इंजीनियर ने सिंचाई विभाग द्वारा नहर में पानी न छोड़े जाने का मामला उठाया था। नगर विकास मंत्री के समक्ष सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर ने सात जुलाई तक पानी छोडने के आश्वासन दिया था। इसके बावजूद 10 जुलाई तक पानी नहीं छोड़ा। जलनिगम के अधिशासी अभियंता ने सिंचाई विभाग द्वारा पानी न छोड़ने का मामला डीएम नेहा शर्मा के समक्ष उठाया।
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प्रशासन की सख्ती के बाद रविवार को सिंचाई विभाग ने जेड़ाझाल नहर में पानी छोड़ा, जो नंदपुर में बन कर तैयार हुए इंटेक प्लांट तक पहुंचा। सिंचाई विभाग द्वारा पानी रोकने को गेट भी लगवाए गए हैं। पांच दिन में नहर से इंटेक प्लांट तक साफ पानी पहुंचने से जल्द ही जनता को मीठा पानी मिलने की पूरी उम्मीद नजर आ रही है।
ग्रामीण फीडर से जोड़ दी सप्लाई, नहीं चल पा रहा प्लांट
शहर की जनता को मीठा पानी उपलब्ध कराने के लिए नंदपुर में इंटेक प्लांट तथा सैलई में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तैयार कराया गया है। दोनों प्लांट को 24 घंटे चलाने के लिए दोनों प्लांटों का विद्युतीकरण कराया गया है, परंतु विद्युत विभाग ने प्लांट की सप्लाई देहात के फीडर से जोड़ दी है। बार-बार विद्युत कटौती होने के कारण प्लांट की टेस्टिंग नहीं हो पा रही। सुचारू आपूर्ति न मिलने के संबंध में मुख्य अभियंता को अवगत कराया गया है।
वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से मिलेगा 60 एमएलडी पानी
432 करोड़ की पेयजल पुनर्गठन योजना के अंतर्गत जलनिगम द्वारा सैलई में 120 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तैयार कराया गया है। इस प्लांट से अभी शहर को 60 एमएलडी पानी ही मिलेगा। जलनिगम एक्सईएन राकेश कुमार ने बताया कि वर्तमान में शहर में 200 से अधिक नलकूप, करीब 500 समबर्सिबल लगी हैं, जिससे करीब 60 एमएलडी पानी उत्पादन हो रहा है। शहर की जरूरत के मुताबिक प्लांट से पानी उपलब्ध कराया जाएगा।