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अकूत संपति के मालिक लेखपालों की बन रही सूची
Updated Thu, 12 Jul 2018 11:27 PM IST
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मथुरा। प्रदेश भर में चल रही लेखपालों की हड़ताल के बीच अकूत संपत्ति के मालिक लेखपालों की सूची तैयार हो रही है। विजिलेंस के साथ ही एंटी करप्शन से जांच कराई जाएगी। जांच एजेंसियों को करोड़पति लेखपालों की जानकारी मिली है जिनसे अर्जित संपत्ति का हिसाब लिया जाएगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तो ऐसे लेखपालों की संख्या सैकड़ों में बताई जा रही है।
यूं तो प्रदेश में लेखपालों की जांच समय-समय पर चलती रहती है। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने वालों में सबसे ज्यादा शिकायतें शासन तक लेखपालों की ही पहुंचती हैं। प्रदेश में कई करोड़पति लेखपालों पर कार्रवाई भी हो चुकी है। अब जब प्रदेश में लेखपाल अपनी मांगों को लेकर आंदोलित हैं तब सरकार ने रातोंरात अमीर बने लेखपालों की सूची तैयार करानी शुरू कर दी है। कुछ जिलों में सूची बन भी गई है। उन लेखपालों का विवरण भी मांगा गया है जिन्हें एक ही क्षेत्र में दस से बीस साल हो गए हैं। जब भी ट्रांसफर होता है वह अपने सियासी ताल्लुकात का फायदा उठाकर ट्रांसफर रुकवा लेते हैं। माना जा रहा है कि महीने भर में प्रदेश भर में सूची तैयार हो जाएगी।
आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने वाले लेखपालों से पूछा जाएगा कि आखिर इतनी दौलत आई कहां से। पता चला है कि कई लेखपालों ने तो बड़े शहरों में कोठियां तक बना रखी हैं। लग्जरी गाड़ियों में घूमते हैं। लेखपालों की जांच के संबंध में जब प्रदेश सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा से पूछा गया तो उनका कहना था कि मालदार लेखपालों के बारे में शिकायतें मिली हैं। जांच कराई जा रही है।
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पहले भी इन जिलों में हुई थी जांच
मथुरा, अलीगढ़, प्रतापगढ़. मुजफ्फरनगर, इलाहाबाद, मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, अमरोहा, बरेली, कानपुर, उन्नाव, फतेहपुर, वाराणसी, आजमगढ़, गोरखपुर, झांसी, गाजियाबाद, बुलंदशहर, बागपत।
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यूं तो प्रदेश में लेखपालों की जांच समय-समय पर चलती रहती है। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने वालों में सबसे ज्यादा शिकायतें शासन तक लेखपालों की ही पहुंचती हैं। प्रदेश में कई करोड़पति लेखपालों पर कार्रवाई भी हो चुकी है। अब जब प्रदेश में लेखपाल अपनी मांगों को लेकर आंदोलित हैं तब सरकार ने रातोंरात अमीर बने लेखपालों की सूची तैयार करानी शुरू कर दी है। कुछ जिलों में सूची बन भी गई है। उन लेखपालों का विवरण भी मांगा गया है जिन्हें एक ही क्षेत्र में दस से बीस साल हो गए हैं। जब भी ट्रांसफर होता है वह अपने सियासी ताल्लुकात का फायदा उठाकर ट्रांसफर रुकवा लेते हैं। माना जा रहा है कि महीने भर में प्रदेश भर में सूची तैयार हो जाएगी।
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आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने वाले लेखपालों से पूछा जाएगा कि आखिर इतनी दौलत आई कहां से। पता चला है कि कई लेखपालों ने तो बड़े शहरों में कोठियां तक बना रखी हैं। लग्जरी गाड़ियों में घूमते हैं। लेखपालों की जांच के संबंध में जब प्रदेश सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा से पूछा गया तो उनका कहना था कि मालदार लेखपालों के बारे में शिकायतें मिली हैं। जांच कराई जा रही है।
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पहले भी इन जिलों में हुई थी जांच
मथुरा, अलीगढ़, प्रतापगढ़. मुजफ्फरनगर, इलाहाबाद, मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, अमरोहा, बरेली, कानपुर, उन्नाव, फतेहपुर, वाराणसी, आजमगढ़, गोरखपुर, झांसी, गाजियाबाद, बुलंदशहर, बागपत।